आरा के VKSU में जलजमाव, परीक्षा विभाग का मुख्य गेट बंद, छात्र परेशान

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आरा VKSU में जलजमाव, परीक्षा विभाग का मुख्य गेट बंद

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (आरा)। आरा के VKSU जलजमाव की समस्या से एक बार फिर विद्यार्थियों और कर्मचारियों की परेशानी बढ़ गई है। आरा में मंगलवार की मध्य रात्रि से बुधवार की सुबह तक हुई जोरदार बारिश के बाद वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के पुराने और नूतन परिसर के कई हिस्सों में पानी जमा है। आरा में गुरुवार सुबह परीक्षा विभाग के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने भी जलजमाव देखने को मिला। पानी जमा होने के कारण मुख्य गेट से आवाजाही रोकनी पड़ी और कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं के लिए परीक्षा विभाग का पिछला दरवाजा खोलना पड़ा।

परीक्षा विभाग के मुख्य द्वार के सामने काफी समय से पानी जमा होने के कारण विद्यार्थियों को जरूरी काम के लिए कार्यालय पहुंचने में परेशानी हो रही है। फिलहाल कर्मचारी और छात्र पीछे के रास्ते से परीक्षा विभाग में प्रवेश कर रहे हैं। इससे परीक्षा से जुड़े कामकाज पर भी असुविधा का असर दिखाई दे रहा है।

आरा में बारिश के बाद बिगड़ी स्थिति

विश्वविद्यालय परिसर में जलजमाव की समस्या बारिश रुकने के बाद भी बनी हुई है। पुराने परिसर से लेकर नूतन परिसर तक कई स्थानों पर पानी जमा है। गुरुवार को परीक्षा विभाग के मुख्य गेट के सामने भी यही स्थिति रही।

आरा में बारिश का पानी जमा होने के कारण लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे जूते और कपड़े खराब होने के साथ-साथ फिसलने का खतरा भी बना हुआ है। विद्यार्थियों को अलग-अलग विभागों में अपने जरूरी काम के लिए पहुंचना पड़ता है, ऐसे में जलजमाव उनके लिए परेशानी का कारण बन गया है।

परीक्षा विभाग का मुख्य गेट बंद

परीक्षा विभाग के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने पानी जमा होने के कारण फिलहाल इस रास्ते से आवागमन नहीं हो रहा है। स्थिति को देखते हुए विभाग का पिछला दरवाजा खोल दिया गया है। कर्मचारी इसी रास्ते से कार्यालय पहुंच रहे हैं और विद्यार्थियों से संबंधित जरूरी काम भी किए जा रहे हैं।

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मुख्य गेट के सामने जमा पानी अब तक नहीं हटाए जाने को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी के अनुसार, बारिश का पानी निकालने का काम नहीं हो सका है, जिसके कारण मुख्य द्वार के सामने जलजमाव बना हुआ है।

आरा VKSU में पुरानी है जलजमाव की समस्या

आरा में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय परिसर में बारिश के बाद जलजमाव कोई नई समस्या नहीं है। हर बार बारिश के बाद परिसर के कई हिस्सों में पानी जमा होने से जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं।

नूतन परिसर के अलावा पुराने परिसर की स्थिति भी अलग नहीं है। यहां भी कई स्थानों पर बारिश का पानी जमा है। विद्यार्थियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों को पानी के बीच से होकर आना-जाना पड़ रहा है।

बारिश के बाद पानी लंबे समय तक जमा रहने से परिसर में सामान्य गतिविधियां प्रभावित होती हैं। खासकर परीक्षा विभाग जैसे महत्वपूर्ण कार्यालय में पहुंचने वाले विद्यार्थियों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

छात्रों ने स्थायी समाधान की मांग की

छात्रों और कर्मचारियों का कहना है कि बारिश के बाद हर बार पानी निकालने की अस्थायी व्यवस्था करने के बजाय विश्वविद्यालय परिसर में स्थायी जलनिकासी प्रणाली विकसित करने की जरूरत है। जिन स्थानों पर बार-बार पानी जमा होता है, उन्हें चिह्नित कर वहां नालियों और ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त किया जाना चाहिए।

उनका कहना है कि यदि परिसर में पानी की निकासी का बेहतर इंतजाम हो जाए तो बारिश के बाद लंबे समय तक जलजमाव की समस्या से राहत मिल सकती है। इससे विद्यार्थियों और कर्मचारियों को भी सुरक्षित तरीके से परिसर में आने-जाने की सुविधा मिलेगी।

जलनिकासी व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

बारिश के बाद विश्वविद्यालय के अलग-अलग हिस्सों में पानी जमा होने से जलनिकासी व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि समस्या हर साल सामने आती है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

पानी जमा होने वाले स्थानों पर पर्याप्त नालियां और जलनिकासी मार्ग नहीं होने की स्थिति में तेज बारिश का पानी लंबे समय तक परिसर में ठहरा रहता है। इससे न केवल आवाजाही प्रभावित होती है, बल्कि परिसर की साफ-सफाई और सामान्य गतिविधियों पर भी असर पड़ता है।

कब होगा समस्या का स्थायी समाधान?

परीक्षा विभाग का कामकाज पिछले दरवाजे से चलाया जा रहा है। पुराने परिसर के कई हिस्सों में भी विद्यार्थियों और कर्मचारियों को जमा पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आरा VKSU में हर बारिश के बाद सामने आने वाली जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान कब होगा। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन पानी जमा होने वाले स्थानों की पहचान कर ड्रेनेज व्यवस्था को दुरुस्त करता है।

भविष्य में ऐसी स्थिति से काफी हद तक बचा जा सकता है। बारिश के बाद परिसर की स्थिति सामान्य होने का इंतजार है, लेकिन परीक्षा विभाग के मुख्य गेट के सामने जमा पानी ने विश्वविद्यालय की जलनिकासी व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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