RJD की पूर्व नेता ऋतु जायसवाल जल्द थामेंगी BJP का दामन, बोलीं- ‘जनता के काम के लिए लेना पड़ा फैसला’

ऋतु जायसवाल

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की पूर्व नेता और तेजस्वी यादव की करीबी मानी जाने वाली ऋतु जायसवाल जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकती हैं।

तेजस्वी यादव की करीबी रहीं ऋतु जायसवाल ने भाजपा में शामिल होने के संकेत दिए, राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चा

बिहार की राजनीति में एक बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिल सकता है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की पूर्व नेता और तेजस्वी यादव की करीबी मानी जाने वाली ऋतु जायसवाल जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकती हैं। खुद ऋतु जायसवाल ने दैनिक भास्कर डिजिटल से बातचीत में इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि वह बहुत जल्द भाजपा जॉइन करेंगी।

ऋतु जायसवाल ने कहा, “फिलहाल मैं न तो विधायक हूं और न ही किसी राजनीतिक दल की सदस्य हूं। जनता के कार्य और अपने राजनीतिक भविष्य को देखते हुए मैं भाजपा जॉइन करूंगी।”

राजद में ऋतु जायसवाल को एक मुखर, प्रखर और पढ़ी-लिखी महिला नेता के रूप में देखा जाता रहा है। वह पार्टी की मुख्य राज्य प्रवक्ता और आरजेडी महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। हालांकि 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने के बाद पार्टी ने उन्हें 6 वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया था।

सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो से बढ़ी हलचल

ऋतु जायसवाल के भाजपा में शामिल होने की खबरों के बीच एक कथित ऑडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में अहमदाबाद के एक युवक ने उन्हें फोन कर भाजपा में शामिल होने को लेकर सवाल किया।

युवक ने कहा, “मैडम, सोशल मीडिया पर चर्चा चल रही है कि आप भाजपा जॉइन कर रही हैं। यह तो हमारे साथ धोखा है।”

इस पर ऋतु जायसवाल ने जवाब देते हुए कहा, “अगर मैं लालची होती तो उसी समय भाजपा का टिकट ले लेती और आज परिहार से भाजपा विधायक होती। लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया, क्योंकि मेरे समर्थन में मुस्लिम समाज के लोग अहमदाबाद, मुंबई और दूसरे शहरों से यहां तक आए थे। अगर उस समय भाजपा में चली जाती तो लोगों का भरोसा राजनीति और इंसानियत दोनों से उठ जाता।”

उन्होंने आगे कहा कि उस वक्त भाजपा का ऑफर ठुकराना उनके लिए बड़ा त्याग था।

‘6 साल इंतजार करना राजनीतिक भविष्य खत्म करने जैसा’

कथित ऑडियो में ऋतु जायसवाल ने यह भी कहा कि RJD द्वारा 6 साल के लिए निष्कासित किया जाना उनके राजनीतिक भविष्य के लिए बड़ा झटका है।

उन्होंने कहा, “6 साल का मतलब होता है कि एक MLA और MP का चुनाव निकल जाएगा। अगर मैं 6 साल इंतजार करती हूं और उसके बाद पार्टी वापस भी लेती है, तब भी अगले चुनाव में 5 साल और लग जाएंगे। क्या मैं 10 साल तक इंतजार करूं? राजनीति में सक्रिय रहने के लिए मुझे फैसला लेना पड़ा।”

उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में चर्चाएं और तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले यह बदलाव महागठबंधन के लिए झटका साबित हो सकता है।

क्यों हुआ था RJD से विवाद?

दरअसल, ऋतु जायसवाल और RJD नेतृत्व के बीच विवाद की शुरुआत 2025 बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान हुई थी। सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व उन्हें बेलसंड विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाना चाहता था, लेकिन वह परिहार सीट से चुनाव लड़ने पर अड़ी रहीं।

पार्टी के निर्देशों को दरकिनार करते हुए उन्होंने परिहार विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया। उन्होंने आधिकारिक महागठबंधन प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव भी लड़ा। इस कदम को पार्टी ने अनुशासनहीनता माना।

27 अक्टूबर 2025 को RJD ने ऋतु जायसवाल समेत 27 बागी नेताओं को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में 6 वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया था। चुनाव परिणामों में ऋतु जायसवाल दूसरे स्थान पर रही थीं।

बिहार की राजनीति में क्या पड़ सकता है असर?

ऋतु जायसवाल मिथिला क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखने वाली महिला नेताओं में गिनी जाती हैं। पंचायत स्तर से लेकर राज्य राजनीति तक उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। भाजपा में उनकी एंट्री से पार्टी को महिला वोटरों और मिथिलांचल क्षेत्र में राजनीतिक मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।

वहीं, RJD के लिए यह एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है, क्योंकि ऋतु जायसवाल लंबे समय तक तेजस्वी यादव की भरोसेमंद नेताओं में शामिल रही हैं।

आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले उनके भाजपा में शामिल होने की संभावनाओं ने राज्य की सियासत को और गर्म कर दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि भाजपा उन्हें पार्टी में क्या जिम्मेदारी देती है और उनका अगला राजनीतिक कदम क्या होगा।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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