पटना में खान सर के खिलाफ शिकायत, 50 लाख के निवेश का दावा, धोखाधड़ी और धमकी का आरोप, जानें पूरा मामला

खान सर

खान सर के खिलाफ शिकायत, 50 लाख निवेश और धमकी का लगाया आरोप

निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना। खान सर के खिलाफ शिकायत का एक नया मामला सामने आया है। चर्चित शिक्षक और खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक फैसल खान उर्फ खान सर के खिलाफ पटना SSP कार्यालय में एक व्यक्ति ने आवेदन देकर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता निखिल कुमार उर्फ रंजीत कुमार सिंह का दावा है कि उन्होंने वर्ष 2019 में कोचिंग सेंटर शुरू करने के लिए करीब 50 लाख रुपये का निवेश किया था। आरोप है कि बाद में उन्हें संस्थान से अलग कर दिया गया और उनके अधिकार कथित तौर पर खत्म कर दिए गए।

शिकायतकर्ता ने धोखाधड़ी, विश्वासघात, अवैध कब्जे, धन की कथित हेराफेरी, कर चोरी और धमकी समेत कई आरोप लगाए हैं। शिकायत सामने आने के बाद मामले की जांच SDPO सिटी-01 को सौंपी गई है। फिलहाल ये सभी आरोप शिकायतकर्ता के दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

2019 में कोचिंग सेंटर शुरू करने का दावा

शिकायतकर्ता निखिल कुमार का कहना है कि वर्ष 2019 में उन्होंने एक कोचिंग सेंटर स्थापित किया था। उनके मुताबिक, संस्थान को शुरू करने और उसे संचालित करने में उन्होंने करीब 50 लाख रुपये लगाए थे।

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शिकायत में दावा किया गया है कि आर्थिक निवेश के बावजूद बाद में उन्हें संस्थान से अलग कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कोचिंग सेंटर पर उनका कथित अधिकार समाप्त कर दिया गया और संस्थान पर दूसरे पक्ष का नियंत्रण हो गया। अब पुलिस जांच में यह महत्वपूर्ण होगा कि 2019 में किया गया कथित निवेश किस रूप में था और संस्थान की स्थापना, स्वामित्व तथा संचालन को लेकर दोनों पक्षों के बीच क्या समझौता हुआ था।

खान सर पर लगाए गए कई गंभीर आरोप

शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में खान सर के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें धोखाधड़ी, विश्वासघात, कथित आर्थिक अनियमितता और अवैध कब्जे जैसे आरोप शामिल हैं। इसके अलावा शिकायत में धन की कथित हेराफेरी, कर चोरी, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और छात्रों को कथित रूप से गुमराह करने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।

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हालांकि, शिकायत में लगाए गए इन आरोपों को फिलहाल आरोप के स्तर पर ही देखा जा रहा है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इनमें से किन आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं।

50 लाख के निवेश को लेकर क्या है विवाद?

इस पूरे मामले का एक प्रमुख बिंदु कथित 50 लाख रुपये का निवेश है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने कोचिंग सेंटर की स्थापना के लिए इतनी बड़ी राशि लगाई थी। इसके बाद संस्थान में उनकी भूमिका और अधिकार को लेकर विवाद पैदा हुआ।

अब जांच में निवेश से संबंधित बैंक रिकॉर्ड, भुगतान के दस्तावेज, साझेदारी या अन्य समझौते और संस्थान से जुड़े कागजात अहम हो सकते हैं। पुलिस इन दस्तावेजों के आधार पर यह समझने की कोशिश कर सकती है कि शिकायतकर्ता और संस्थान के बीच वास्तव में किस तरह का आर्थिक और व्यावसायिक संबंध था।

खान सर पर धमकी देने का भी आरोप

शिकायतकर्ता ने मामले में धमकी का भी गंभीर आरोप लगाया है। उनका दावा है कि 25 जून 2026 से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने पुलिस को बताया है कि उन्हें जान से मारने की धमकी दिए जाने के कारण वह और उनका परिवार भयभीत है। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से अपनी और परिवार की सुरक्षा की मांग करने के साथ कथित तौर पर धमकी देने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अब इस आरोप की भी जांच करेगी। इसके लिए कॉल रिकॉर्ड, संदेश, फोन नंबर या अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जा सकती है।

SSP कार्यालय पहुंची शिकायत

मामला पटना SSP कार्यालय तक पहुंचने के बाद पुलिस ने जांच की जिम्मेदारी SDPO सिटी-01 को दी है। अब जांच अधिकारी शिकायत में लगाए गए आरोपों और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच करेंगे।

जांच के दौरान शिकायतकर्ता से पूछताछ के अलावा दूसरे पक्ष का बयान भी लिया जा सकता है। कोचिंग सेंटर की स्थापना से जुड़े दस्तावेज और आर्थिक लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। यदि जांच में किसी आरोप से संबंधित ठोस साक्ष्य सामने आते हैं तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

खान सर मामले में दस्तावेज होंगे अहम

पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि संस्थान की स्थापना और संचालन को लेकर वास्तविक समझौता क्या था। कथित 50 लाख रुपये का निवेश किसके खाते में या किस माध्यम से किया गया, इसकी पुष्टि किस दस्तावेज से होती है और शिकायतकर्ता की संस्थान में कानूनी भूमिका क्या थी, इसकी जांच जरूरी होगी।

इसके अलावा कथित धमकी के मामले में उपलब्ध डिजिटल साक्ष्य भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकते हैं। पुलिस जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ सकती है।

खान सर के खिलाफ शिकायत पर जांच शुरू

फिलहाल मामला शिकायत और आरोपों के स्तर पर है। पुलिस की ओर से जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन अभी किसी आरोप को अंतिम रूप से सत्य नहीं माना जा सकता।

शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी। इसी तरह किसी व्यक्ति की कानूनी जिम्मेदारी भी जांच और आवश्यक न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगी।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

इस मामले में अब पुलिस जांच पर सबकी नजर है। जांच के दौरान 2019 में कोचिंग सेंटर की स्थापना, कथित 50 लाख रुपये के निवेश, संस्थान के अधिकार और संचालन, आर्थिक लेन-देन तथा धमकी से जुड़े आरोपों की पड़ताल की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि शिकायतकर्ता और संस्थान से जुड़े दूसरे पक्षों के बीच पहले किस तरह का संबंध था और बाद में विवाद किस परिस्थिति में पैदा हुआ।

खान सर के खिलाफ सामने आई शिकायत ने पटना के कोचिंग क्षेत्र में चर्चा बढ़ा दी है। अब जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेज और साक्ष्य ही तय करेंगे कि शिकायत में लगाए गए आरोपों का वास्तविक आधार क्या है।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट