खान सर Firing Case: नए वीडियो ने बदला पूरा मामला, गार्ड गिरफ्तार, रौशन आनंद की रिहाई के लिए सड़कों पर उतरे हजारों छात्र
राजधानी पटना में चर्चित शिक्षक खान सर के कोचिंग संस्थान पर 2 जून की रात हुए हमले और कथित फायरिंग मामले में नया मोड़ आ गया है। मामले से जुड़ा एक नया वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने खान सर के दो गार्डों को गिरफ्तार कर लिया है।
पटना: राजधानी पटना में चर्चित शिक्षक खान सर के कोचिंग संस्थान पर 2 जून की रात हुए हमले और कथित फायरिंग मामले में नया मोड़ आ गया है। मामले से जुड़ा एक नया वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने खान सर के दो गार्डों को गिरफ्तार कर लिया है। वीडियो में फायरिंग करते दिखाई देने वाले गार्डों से घंटों पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया। इस घटनाक्रम ने पूरे मामले की दिशा बदल दी है और पहले से जेल में बंद ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद के समर्थन में छात्रों का बड़ा आंदोलन भी शुरू हो गया है।
नए वीडियो से बदल गई जांच की दिशा
ज्ञान बिंदु कोचिंग की ओर से जारी किए गए वीडियो में दावा किया गया है कि विवाद के दौरान फायरिंग किसी बाहरी हमलावर ने नहीं, बल्कि खान सर के कोचिंग सेंटर के गार्डों ने की थी। वीडियो वायरल होने के बाद पटना पुलिस सक्रिय हुई और खान सर के संस्थान पहुंचकर दोनों गार्डों को पूछताछ के लिए कदमकुआं थाना ले गई।
करीब तीन घंटे तक चली पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों गार्डों को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में गार्डों ने स्वीकार किया कि उन्होंने घटना के दौरान हथियार से फायरिंग की थी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई और क्या इसके पीछे कोई निर्देश या पूर्व योजना थी।
पुलिस ने दोनों गार्डों के हथियार भी जब्त कर लिए हैं और उनकी वैधता तथा फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। वीडियो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के सत्यापन के बाद इस मामले में नई एफआईआर दर्ज की गई है।
खान सर से भी हुई पूछताछ
नए वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने खान सर से भी उनके कोचिंग संस्थान के अंदर पूछताछ की। हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक पूछताछ के संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटना के दौरान फायरिंग का निर्णय किस स्तर पर लिया गया और क्या सुरक्षा कर्मियों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
क्या हुआ था 2 जून की रात?
2 जून की रात करीब 10 बजे खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई थी। आरोप है कि कुछ लोग कोचिंग परिसर पहुंचे, जहां गार्ड के साथ मारपीट की गई। इसके बाद पत्थरबाजी हुई और कोचिंग संस्थान के पोस्टर तथा बैनर फाड़ दिए गए।
घटना के बाद खान सर मौके पर पहुंचे और प्रारंभिक प्रतिक्रिया में दावा किया कि हमलावरों की ओर से 8 से 10 राउंड फायरिंग की गई थी। हालांकि बाद में उन्होंने अपने इस बयान से दूरी बना ली। इसी आधार पर ज्ञान बिंदु कोचिंग और उसके निदेशक रौशन आनंद के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।
रौशन आनंद समेत तीन लोग पहले ही भेजे जा चुके हैं जेल
मामले की शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद और उनके दो सहयोगियों अभिषेक तथा गौरव को गिरफ्तार कर लिया था। तीनों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तारी के बाद से ही रौशन आनंद लगातार खुद को निर्दोष बताते रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें एक साजिश के तहत इस मामले में फंसाया गया है और उनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है।
रौशन आनंद ने लगाए साजिश के आरोप
जेल भेजे जाने के बाद रौशन आनंद ने कहा कि गोलीबारी के आरोप को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और उसी आधार पर उन्हें निशाना बनाया गया। उनका दावा है कि उनकी संस्था को जानबूझकर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि उनकी कोचिंग के छात्रों ने हाल के दिनों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन किया है, जिसके कारण कुछ लोग उनकी सफलता से परेशान हैं। रौशन आनंद ने यह भी कहा कि उन्हें भारतीय न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और अंततः सत्य की जीत होगी।
उन्होंने कहा, “सत्यमेव जयते केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। मुझे विश्वास है कि न्याय मिलेगा और सच्चाई सामने आएगी।”
रिहाई की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे छात्र
नए वीडियो के सामने आने के बाद रौशन आनंद की गिरफ्तारी को लेकर छात्रों में भी नाराजगी देखने को मिली। बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए और उनकी रिहाई की मांग करने लगे।
ज्ञान बिंदु कोचिंग से लेकर कारगिल चौक तक छात्रों ने मार्च निकाला। इसके बाद कैंडल मार्च आयोजित कर रौशन आनंद की रिहाई की मांग की गई। आयोजकों का दावा है कि इस प्रदर्शन में पांच हजार से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया।

छात्रों का कहना है कि यदि वीडियो में फायरिंग करते हुए गार्ड दिखाई दे रहे हैं तो मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई केवल तथ्यों के आधार पर की जानी चाहिए।
CCTV फुटेज में दिखी मारपीट और पत्थरबाजी
इस बीच घटना से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में कुछ लोग कोचिंग सेंटर के गार्ड के साथ मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। साथ ही पत्थरबाजी और पोस्टर फाड़ने जैसी घटनाएं भी कैमरे में कैद हुई हैं।
हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हिंसा की शुरुआत किस पक्ष से हुई और पूरी घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं। पुलिस सभी वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।
मामले पर सबकी नजर
पटना का यह हाई-प्रोफाइल कोचिंग विवाद अब केवल मारपीट या फायरिंग तक सीमित नहीं रह गया है। नए वीडियो के सामने आने के बाद जांच का केंद्र बदल गया है और अब पुलिस के सामने कई नए सवाल खड़े हो गए हैं।
एक ओर खान सर के गार्डों की गिरफ्तारी हुई है, वहीं दूसरी ओर पहले से जेल में बंद ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद की रिहाई की मांग तेज हो गई है। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच और अदालत की कार्यवाही यह तय करेगी कि इस पूरे विवाद में आखिरकार जिम्मेदार कौन है और सच्चाई क्या है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
