हादसा : खेत में गिरे हाईटेंशन तार से किसान की मौत, परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल

खेत

खेत में गिरे बिजली तार की चपेट में किसान की मौत, ग्रामीणों में गुस्सा।

निष्कर्ष भारत संवाददाता जमुई। खेत में गिरे बिजली के तार की चपेट में आने से 71 वर्षीय किसान जीतन मंडल की मौत हो गई। घटना जमुई सदर प्रखंड के लखनपुर गांव में हुई। बताया जा रहा है कि खेती-किसानी के काम के दौरान जीतन मंडल खेत में गिरे बिजली के तार के संपर्क में आ गए। तार में करंट प्रवाहित होने के कारण उन्हें जोरदार बिजली का झटका लगा और उनकी मौत हो गई।

हादसे की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। मृतक के स्वजन के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। घटना को लेकर ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने आरोप लगाया कि खेत में बिजली का तार गिरने के बाद समय रहते कार्रवाई की जाती तो हादसे को रोका जा सकता था।

खेत में काम कर रहे थे 71 वर्षीय किसान

ग्रामीणों के अनुसार, जीतन मंडल खेती का काम करते थे। रोज की तरह वह खेत से जुड़े काम के लिए गए थे। इसी दौरान वहां गिरे बिजली के तार की चपेट में आ गए। तार में करंट होने के कारण उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला।

हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों को इसकी जानकारी हुई। घटना की खबर मिलते ही स्वजन भी मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। किसान की मौत से परिवार में चीख-पुकार मच गई और गांव का माहौल गमगीन हो गया।

खेत में तार गिरने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई?

घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए। ग्रामीणों का कहना है कि खेत में बिजली का तार गिरने जैसी स्थिति बेहद गंभीर होती है। ऐसे में तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कर तार को हटाना जरूरी था।

ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली के तारों की नियमित निगरानी और रखरखाव नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों में खतरा बना रहता है। उनका कहना है कि खेतों के आसपास बिजली के तार टूटकर गिरने या नीचे लटकने की घटनाएं किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।

लोगों ने बिजली विभाग से ग्रामीण इलाकों में लगे तारों की स्थिति की जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही जर्जर तारों को बदलने और खुले या नीचे लटक रहे तारों को दुरुस्त करने की भी मांग उठाई गई है।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

हादसे की सूचना पुलिस को भी दी गई। जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।

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सदर अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस की कार्रवाई के दौरान घटनास्थल पर ग्रामीणों और मृतक के स्वजनों की भीड़ मौजूद रही।

घटना को लेकर पुलिस की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। हादसे के वास्तविक कारणों और बिजली के तार के खेत में गिरने की परिस्थितियों को लेकर स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है।

किसान की मौत से परिवार में पसरा मातम

71 वर्षीय जीतन मंडल की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। स्वजन इस हादसे से सदमे में हैं। जिस व्यक्ति की रोजमर्रा की जिंदगी खेती-किसानी से जुड़ी थी, उसकी अचानक करंट की चपेट में आने से मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

गांव में भी घटना को लेकर शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली से जुड़ी छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। खासकर खेतों और आबादी वाले इलाकों में बिजली के तारों की स्थिति को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

खेतों में बिजली के तारों की जांच की मांग

ग्रामीणों ने बिजली विभाग से पूरे क्षेत्र में बिजली के तारों और पोल की स्थिति की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जहां तार पुराने और जर्जर हैं, वहां उन्हें जल्द बदला जाना चाहिए।

ग्रामीणों ने खेतों के ऊपर से गुजरने वाली बिजली लाइनों की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कहीं तार नीचे लटक रहे हैं या टूटने की स्थिति में हैं तो उन्हें समय रहते ठीक किया जाना चाहिए।

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ग्रामीणों के मुताबिक, बिजली आपूर्ति से जुड़े मामलों में लापरवाही की कीमत आम लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ सकती है। लखनपुर की घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सुरक्षा और रखरखाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बिजली सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

लखनपुर गांव में किसान की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल बिजली के तारों की सुरक्षा और समय पर रखरखाव को लेकर उठ रहा है। खेतों में काम करने वाले किसानों को अक्सर बिजली की लाइनों के आसपास रहना पड़ता है। ऐसे में तार टूटने या जमीन पर गिरने की स्थिति में खतरा और बढ़ जाता है।

ग्रामीणों की मांग है कि बिजली विभाग इस घटना को गंभीरता से लेते हुए इलाके की बिजली व्यवस्था की जांच करे। साथ ही भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

लखनपुर में हुई इस घटना ने किसान परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है, वहीं ग्रामीणों में भी नाराजगी है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि बिजली विभाग ग्रामीणों की शिकायतों और सुरक्षा से जुड़े सवालों पर क्या कदम उठाता है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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