दानापुर में गंदगी का अंबार, कूड़ा उठाव का काम बंद, सड़कों से फैल रही बीमारी

दानापुर

दानापुर में कूड़े का अंबार, तेल संकट से सफाई व्यवस्था ठप

निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना। दानापुर नगर परिषद में वित्तीय संकट का असर अब सीधे शहर की बुनियादी सुविधाओं पर दिखाई देने लगा है। दानापुर नगर परिषद की डोर-टू-डोर कचरा उठाव और सफाई व्यवस्था मंगलवार को एक बार फिर प्रभावित हुई। पेट्रोल पंप का बकाया बढ़ जाने के कारण संचालक ने नगर परिषद की गाड़ियों में ईंधन देने से इनकार कर दिया। इसके बाद कचरा उठाव और सफाई में लगी कई गाड़ियां बिना तेल के वापस लौट गईं। दानापुर के कई हिस्सों में कूड़े के ढेर लगने लगे हैं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नगर परिषद की आर्थिक परेशानी केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं है। वार्ड संख्या-21 के झखड़ी महादेव रोड स्थित बोरिंग से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित है। स्मार्ट बिजली मीटर रिचार्ज नहीं होने के कारण रविवार से बोरिंग बंद है। ऐसे में एक तरफ सड़कों पर कचरा जमा हो रहा है, तो दूसरी तरफ कुछ इलाकों में लोगों के सामने पानी की समस्या खड़ी हो गई है।

दानापुर में फिर थमा कचरा उठाव

मंगलवार को पेट्रोल पंप संचालक ने बकाया राशि का भुगतान नहीं होने के कारण नगर परिषद की गाड़ियों को ईंधन देने से मना कर दिया। दानापुर नगर परिषद की सफाई और कचरा उठाव व्यवस्था काफी हद तक इन्हीं वाहनों पर निर्भर है। ईंधन नहीं मिलने के बाद गाड़ियों के संचालन पर असर पड़ा और कई क्षेत्रों में नियमित कचरा उठाव नहीं हो सका।

इसे भी पढ़िए…शिवहर में शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस का शिकंजा, 80 कार्टन नेपाली शराब जब्त, तस्कर फरार

इसका सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर दिखाई देने लगा। जिन स्थानों से रोजाना कचरा उठाया जाता था, वहां कूड़े का जमाव बढ़ने लगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ईंधन की व्यवस्था नहीं हुई तो समस्या और गंभीर हो सकती है।

दानापुर में पहले भी तीन दिन बंद रहा था काम

ईंधन को लेकर दानापुर नगर परिषद की परेशानी पहली बार सामने नहीं आई है। इससे पहले 24 अगस्त को भी तेल नहीं मिलने के कारण सफाई और कचरा उठाव से जुड़ी गाड़ियां करीब तीन दिनों तक बंद रही थीं।

उस समय कार्यपालक पदाधिकारी के वित्तीय प्रभार से जुड़ी प्रक्रिया में देरी को समस्या की वजह बताया गया था। एसडीएम अनिरुद्ध पाण्डेय कार्यपालक पदाधिकारी के प्रभार में थे। 22 अगस्त को उनके तबादले के बाद वित्तीय व्यवस्था को लेकर स्थिति और जटिल हो गई थी।

देखिये ख़बर हमारे यूट्यूब चैनल पर भी: Sanjay Singh पर इल्ज़ाम लगाने वाले अपने गिरेबान में झाँक ले,मंत्री ने कर दिया मानहानि का मुकदमा…

25 अगस्त को पदभार सौंपे जाने से पहले ईंधन की व्यवस्था किए जाने के बाद सफाई और कचरा उठाव का काम दोबारा शुरू हो सका था। हालांकि, इसके बाद फिर से पेट्रोल का बकाया बढ़ गया और मंगलवार को वाहनों को ईंधन नहीं मिल सका।

दानापुर में वित्तीय संकट का असर पानी पर भी

दानापुर नगर परिषद की आर्थिक परेशानी का असर अब पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। वार्ड संख्या-21 के झखड़ी महादेव रोड स्थित बोरिंग का स्मार्ट बिजली मीटर रिचार्ज नहीं होने के कारण रविवार से पानी की आपूर्ति बंद है।

स्थानीय स्तर पर बोरिंग से मिलने वाली पेयजल सुविधा लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। बिजली कनेक्शन के लिए स्मार्ट मीटर में पर्याप्त राशि उपलब्ध रहना जरूरी है। रिचार्ज नहीं होने से बोरिंग का संचालन बंद हो गया और संबंधित इलाके में पेयजल संकट की स्थिति पैदा हो गई।

नगर परिषद क्षेत्र में करीब 10 अन्य बोरिंग भी स्मार्ट मीटर से संचालित होने की जानकारी दी गई है। ऐसे में यदि समय पर रिचार्ज की व्यवस्था नहीं हुई तो दूसरे इलाकों में भी पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी रह सकती है।

दानापुर के लोगों की बढ़ी चिंता

शहर में सफाई और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रभावित होने से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा होने से दुर्गंध और गंदगी की समस्या पैदा हो रही है। लंबे समय तक कचरा नहीं उठने पर स्थानीय स्तर पर स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं।

लोगों का कहना है कि नगर परिषद को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए जिससे वित्तीय समस्या के कारण रोजमर्रा की आवश्यक सेवाएं बार-बार बाधित न हों। उनका मानना है कि कचरा उठाव और पेयजल आपूर्ति जैसी सेवाओं के लिए वैकल्पिक और स्थायी वित्तीय व्यवस्था जरूरी है।

कार्यपालक पदाधिकारी का पद रिक्त, बढ़ी परेशानी

नगर प्रबंधक अमरेन्द्र कुमार के अनुसार कार्यपालक पदाधिकारी का पद रिक्त होने के कारण वित्तीय समस्याएं उत्पन्न हुई हैं। उनके मुताबिक एसडीएम अनिरुद्ध पाण्डेय के तबादले के बाद विभाग की ओर से अब तक नया आदेश जारी नहीं किया गया है।

कार्यपालक पदाधिकारी के स्तर पर वित्तीय प्रभार और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़ी प्रक्रिया प्रभावित होने का असर नगर परिषद के रोजमर्रा के संचालन पर पड़ रहा है। ईंधन भुगतान से लेकर बिजली मीटर के रिचार्ज जैसी जरूरतों के लिए समय पर वित्तीय प्रक्रिया पूरी नहीं होने से सेवाएं बाधित हो रही हैं।

प्रशासनिक व्यवस्था जल्द स्पष्ट होने की उम्मीद

नगर परिषद के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती आवश्यक सेवाओं को लगातार चालू रखना है। सफाई वाहनों के लिए ईंधन और बोरिंग के स्मार्ट मीटर के रिचार्ज की व्यवस्था तत्काल करना जरूरी है। इसके साथ ही कार्यपालक पदाधिकारी के रिक्त पद और वित्तीय प्रभार को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की भी जरूरत है।

अगर प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था जल्द सामान्य नहीं हुई तो दानापुर में कचरा उठाव, सफाई और पेयजल जैसी सेवाओं पर दोबारा संकट खड़ा हो सकता है। फिलहाल शहर के लोगों की नजर नगर परिषद और संबंधित विभाग के अगले कदम पर है।

नगर परिषद की वित्तीय स्थिति और प्रशासनिक प्रभार से जुड़ी समस्या का स्थायी समाधान ही बार-बार पैदा हो रही इस परेशानी को रोक सकता है। शहरवासियों को उम्मीद है कि सफाई और पेयजल जैसी जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए जल्द व्यवस्था सामान्य की जाएगी।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट