पटना में जमीन के नाम पर ठगी करने वाला ठग गिरफ्तार, 12 से अधिक अपराधिक मामले, 25 हज़ार का था इनाम
पटना में करोड़ों की जमीन ठगी का आरोपी मुशीर गिरफ्तार
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना में जमीन के नाम पर ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली थाना पुलिस ने करोड़ों रुपये की कथित ठगी के मामले में 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी मुशीर अहमद को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मुशीर पर जमीन दिलाने का भरोसा देकर लोगों से लाखों रुपये लेने और बाद में जमीन उपलब्ध नहीं कराने का आरोप है। उसके खिलाफ पटना के अलग-अलग थानों में 12 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद इस पूरे मामले में जमीन के नाम पर निवेश कराने वाले गिरोह की गतिविधियां भी जांच के दायरे में आ गई हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी से जुटाई गई रकम कहां-कहां भेजी गई और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
ठग मुशीर पर 12 से अधिक मामले दर्ज
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी मुशीर अहमद के खिलाफ पटना के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें कोतवाली, कदमकुआं और नौबतपुर थाना क्षेत्र के मामले शामिल बताए गए हैं। लगातार दर्ज मामलों और पुलिस कार्रवाई से बचने के कारण उसके खिलाफ इनाम की घोषणा की गई थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुशीर मूल रूप से सीवान का रहने वाला है। वह पटना के कंकड़बाग इलाके में भी रह चुका है। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से अलग-अलग स्थानों पर रहकर अपनी पहचान और ठिकाने को बदलता रहा, जिससे उसे पकड़ना चुनौतीपूर्ण बना हुआ था।
हरिद्वार के पास छिपा था ठग
पुलिस को सूचना मिली थी कि मुशीर अहमद पटना से बाहर निकलकर हरिद्वार के आसपास छिपा हुआ है। सूचना के सत्यापन के बाद कोतवाली थाना पुलिस की टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। इसके बाद संभावित ठिकाने पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी जिस मकान में छिपा हुआ था, उसके बाहर ताला लगाया गया था। बाहर से देखने पर ऐसा लग रहा था कि मकान बंद है और अंदर कोई मौजूद नहीं है। पुलिस टीम ने जब मामले की जांच की तो आरोपी के अंदर छिपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया।
इस गिरफ्तारी को पुलिस के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आरोपी लंबे समय से फरार बताया जा रहा था और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज थे।
जमीन दिलाने के नाम पर लाखों की वसूली
जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, लोगों को जमीन में निवेश करने और बदले में जमीन उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया था। इसी आधार पर अलग-अलग लोगों से बड़ी रकम ली गई। किसी व्यक्ति से 40 लाख रुपये, किसी से 50 लाख रुपये तो किसी अन्य से 70 से 80 लाख रुपये तक लेने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, जिन लोगों से रकम ली गई, उन्हें जमीन देने का भरोसा दिया गया था। लेकिन बाद में जमीन उपलब्ध नहीं कराई गई। रकम वापस मांगने पर भी विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई। पुलिस अब उन सभी लोगों की पहचान और उनके बयान दर्ज करने की प्रक्रिया में जुटी है, जिन्होंने जमीन या निवेश के नाम पर रकम देने का दावा किया है।
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प्रारंभिक जांच में ठगी की कुल रकम करोड़ों रुपये में होने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही कुल रकम और पीड़ितों की वास्तविक संख्या स्पष्ट हो सकेगी।
पूर्व फौजी सुदामा सिंह भी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस पहले ही सुदामा सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। सुदामा सिंह के पूर्व फौजी होने की बात बताई गई है। आरोप है कि रिटायर्ड फौजियों समेत अन्य लोगों को निवेश के नाम पर रकम लगाने के लिए तैयार किया गया।

लोगों को जमीन उपलब्ध कराने का भरोसा देकर उनसे लाखों रुपये लिए जाने का आरोप है। अब मुशीर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों आरोपियों के बीच संबंध और कथित लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि पीड़ितों से रकम किस माध्यम से ली गई। इसके अलावा रकम नकद ली गई या बैंक खातों के जरिए इसका लेन-देन हुआ, इसकी भी जांच की जा रही है।
ठग के पास से आभूषण भी बरामद
पुलिस की जांच के दौरान आभूषण बरामद किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद गहने कथित ठगी की रकम से खरीदे गए थे या उनका मामले से कोई अन्य संबंध है।
जांच एजेंसियां आरोपी के आर्थिक लेन-देन और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर सकती हैं। यदि ठगी की रकम से संपत्ति या अन्य सामान खरीदे जाने की पुष्टि होती है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
ठग के नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
मुशीर अहमद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की प्राथमिकता अब इस मामले से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों तक पहुंचना है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि जमीन का सौदा दिखाकर लोगों को निवेश के लिए कौन-कौन लोग तैयार करते थे और रकम जुटाने के बाद उसका इस्तेमाल किस तरह किया जाता था।
इसके साथ ही पुलिस कथित पीड़ितों से भी जानकारी जुटा रही है। अलग-अलग लोगों से ली गई रकम, जमीन से संबंधित दस्तावेज, बातचीत और भुगतान के माध्यम जैसे बिंदुओं को जांच में शामिल किया जा सकता है।
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती कथित ठगी की पूरी रकम का पता लगाने और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की है। मुशीर की गिरफ्तारी से जांच को एक अहम कड़ी मिली है। हालांकि, मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस की विस्तृत जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
पटना में जमीन के नाम पर ठगी के इस मामले ने एक बार फिर जमीन खरीदने या निवेश करने से पहले दस्तावेजों और सौदे की पूरी जांच की जरूरत को सामने ला दिया है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
