पटना में 80 लाख का गांजा जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार

पटना

पटना के नौबतपुर में 160 किलो गांजा जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पटना के नौबतपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुरुवार को बिहटा-सरमेरा सड़क मार्ग पर एक पिकअप वाहन से करीब 160 किलोग्राम गांजा बरामद किया। पुलिस के अनुसार, गांजा 17 अलग-अलग बंडलों में रखा हुआ था। जब्त गांजा की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 80 लाख रुपये बताई जा रही है।

कार्रवाई के दौरान पटना पुलिस ने पिकअप में सवार दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जहानाबाद निवासी पंकज कुमार, 34 वर्ष और दीघा निवासी अभिलाष कुमार, 38 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य फोकस गांजा की खेप के स्रोत और इसके संभावित गंतव्य का पता लगाने पर है।

पटना पुलिस ने गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल

पटना पुलिस के मुताबिक, नौबतपुर थाना पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि एक पिकअप वाहन के जरिए गांजा की बड़ी खेप बिहटा-सरमेरा सड़क मार्ग से ले जाई जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने सड़क पर वाहनों की जांच शुरू कर दी।

जांच के दौरान पुलिस की नजर एक संदिग्ध पिकअप वाहन पर पड़ी। वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन में अलग-अलग बंडलों में रखा गांजा बरामद हुआ। इसके बाद वाहन में मौजूद दोनों लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।

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पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब मामले की जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। बरामद गांजे की मात्रा को देखते हुए पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।

पटना के नौबतपुर में 17 बंडलों से बरामदगी

पटना में पकड़े गए पिकअप वाहन से गांजा 17 बंडलों में बरामद हुआ। पुलिस ने सभी बंडलों को जब्त कर लिया है। कुल वजन करीब 160 किलोग्राम बताया गया है।

बरामदगी के बाद पुलिस ने वाहन और गांजे को अपने कब्जे में ले लिया। अब यह भी जांच की जा रही है कि तस्करी के लिए इस्तेमाल किया गया पिकअप वाहन किसके नाम पर है और उसे इस काम के लिए कैसे इस्तेमाल किया जा रहा था।

वाहन से जुड़ी जानकारी भी जांच का हिस्सा

तस्करी के मामलों में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की भूमिका पुलिस के लिए महत्वपूर्ण होती है। इसलिए इस मामले में भी पिकअप वाहन के दस्तावेज और उसके मालिक से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस यह पता करने का प्रयास कर रही है कि क्या वाहन का इस्तेमाल पहले भी किसी अवैध गतिविधि में किया गया था या इस बार पहली बार उसे तस्करी के लिए इस्तेमाल किया गया। इसके साथ ही आरोपियों के मोबाइल फोन और संपर्कों की भी जांच की जा सकती है।

कहां से आया 160 किलो गांजा?

पुलिस की पूछताछ में सबसे महत्वपूर्ण सवाल गांजे की खेप के स्रोत को लेकर है। इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहां से लाया गया था, यह जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से इस संबंध में जानकारी हासिल करने का प्रयास कर रही है।

इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि गांजा किस व्यक्ति या गिरोह को सौंपा जाना था। यदि पूछताछ में किसी अन्य व्यक्ति का नाम सामने आता है, तो पुलिस उसके खिलाफ भी जांच आगे बढ़ा सकती है।

पुलिस को आशंका है कि बरामद खेप के पीछे कई लोगों की भूमिका हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक पुलिस की ओर से किसी बड़े नेटवर्क का आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है।

पटना में तस्करी के नेटवर्क की जांच

पटना और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सड़क मार्ग से मादक पदार्थों की आवाजाही को रोकना पुलिस के लिए लगातार चुनौती बनी रहती है। नौबतपुर से होकर गुजरने वाले प्रमुख मार्गों पर वाहनों की जांच के दौरान इस तरह की कार्रवाई की जाती है।

इस मामले में पुलिस अब सिर्फ बरामदगी तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि खेप की सप्लाई चेन कहां से शुरू हुई और पटना में इसे कहां पहुंचाया जाना था। गिरफ्तार आरोपियों के संपर्क में कौन-कौन लोग थे, यह जानकारी भी जांच की दिशा तय कर सकती है।

पटना में गिरफ्दोतार आरोपियों से पूछताछ जारी

पुलिस ने पंकज कुमार और अभिलाष कुमार को गिरफ्तार करने के बाद पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ के दौरान उनसे गांजा की खेप के बारे में जानकारी ली जा रही है।

पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि दोनों आरोपी खुद इस खेप के मालिक थे या केवल इसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का काम कर रहे थे। उनकी भूमिका स्पष्ट होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नगर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी संकेत कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि पिकअप वाहन से 17 बंडलों में करीब 160 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है।

80 लाख रुपये कीमत बताई गई

पुलिस के अनुसार, बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 80 लाख रुपये बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की बरामदगी के बाद पुलिस जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है।

हालांकि किसी जब्त मादक पदार्थ की कीमत बाजार और गुणवत्ता सहित विभिन्न कारकों पर निर्भर कर सकती है। इसलिए पुलिस द्वारा बताई गई अनुमानित कीमत को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

अब आगे क्या होगी कार्रवाई?

मामले में बरामद गांजे को जब्त कर पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर तस्करी से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा सकता है।

जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्क, वाहन से जुड़े दस्तावेज और संभावित मार्गों की जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि खेप किस स्थान से चली थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। अगर जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

नौबतपुर की कार्रवाई से कई सवाल

नौबतपुर में हुई इस बरामदगी ने तस्करी के नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। 160 किलोग्राम गांजा एक साथ पकड़े जाने से यह स्पष्ट है कि खेप को छोटे स्तर पर ले जाने के बजाय एक वाहन के जरिए बड़े पैमाने पर परिवहन किया जा रहा था।

अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित होगी कि खेप का वास्तविक स्रोत क्या था, इसे पटना में किसे पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कितने लोग काम कर रहे थे। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। आगे की जांच में बरामदगी से जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने की उम्मीद है।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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