पटना स्वच्छता फीडबैक में देश में दूसरे स्थान पर, साढ़े चार लाख लोगों ने दिया ऑनलाइन रिस्पॉन्स
पटना इस बार स्वच्छता की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल करने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत नागरिकों से लिए जा रहे फीडबैक अभियान में पटना देशभर में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में पटना की मजबूत दावेदारी
पटना इस बार स्वच्छता की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल करने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत नागरिकों से लिए जा रहे फीडबैक अभियान में पटना देशभर में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि स्वच्छ सर्वेक्षण में नागरिकों की भागीदारी और फीडबैक का सीधा असर शहर की राष्ट्रीय रैंकिंग पर पड़ता है। अब तक करीब साढ़े चार लाख शहरवासियों ने ऑनलाइन माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है। इन आंकड़ों को स्वच्छ भारत मिशन की ओर से जारी किया गया है।
पटना नगर निगम ने बनाई 14 विशेष टीमें
सिटीजन फीडबैक अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पटना इस बार स्वच्छता की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल करने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत नागरिकों से लिए जा रहे फीडबैक अभियान में पटना देशभर में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। Municipal Corporation ने विशेष रणनीति तैयार की है। निगम प्रशासन ने वरीय अधिकारियों, कर्मचारियों और कंसल्टेंट्स को मिलाकर दो-दो सदस्यों वाली कुल 14 टीमें गठित की हैं। इन टीमों का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को स्वच्छ सर्वेक्षण और ऑनलाइन फीडबैक प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना है। टीमों को शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में भेजा गया है ताकि अधिक से अधिक नागरिक अभियान में भाग ले सकें।
कोचिंग हब और सार्वजनिक स्थानों पर चलाया जा रहा अभियान
नगर निगम की टीमें शहर के प्रमुख कोचिंग हब जैसे बोरिंग रोड, मुसल्लाहपुर हाट, बाजार समिति और अशोक राजपथ स्थित कोचिंग संस्थानों एवं हॉस्टलों में पहुंचकर छात्रों को ऑन-द-स्पॉट फीडबैक देने के लिए प्रेरित कर रही हैं। बड़ी संख्या में छात्र इस अभियान से जुड़ रहे हैं और अपने मोबाइल फोन के जरिए ऑनलाइन फीडबैक दर्ज कर रहे हैं।
इसके अलावा रेलवे स्टेशन, पार्क, चिड़ियाघर, मॉल, स्लम बस्तियों और प्रमुख चौक-चौराहों जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी टीमों द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। निगम कर्मी लोगों को फीडबैक देने की पूरी प्रक्रिया का डेमो भी दिखा रहे हैं ताकि तकनीकी जानकारी के अभाव में कोई नागरिक पीछे न रह जाए।
12,500 अंकों पर होगा शहरों का मूल्यांकन
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत देशभर के शहरी निकायों का मूल्यांकन कुल 12,500 अंकों के आधार पर किया जाएगा। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा ऑन-ग्राउंड असेसमेंट का है, जिसके लिए 9,500 अंक निर्धारित किए गए हैं। वहीं सर्टिफिकेशन जैसे ODF, Water Plus और Garbage Free City के लिए 2,000 अंक तय किए गए हैं। नागरिक फीडबैक को भी इस बार विशेष महत्व दिया गया है और इसके लिए 1,000 अंक निर्धारित किए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पटना में इसी तरह लोगों की भागीदारी बढ़ती रही तो शहर की राष्ट्रीय रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है। पिछले कुछ वर्षों में पटना की स्वच्छता रैंकिंग को लेकर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन इस बार नगर निगम नागरिक सहभागिता पर खास जोर दे रहा है।
नागरिकों से पूछे जा रहे हैं 13 महत्वपूर्ण सवाल
स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत नागरिकों से शहर की साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन से जुड़े कुल 13 सवाल पूछे जा रहे हैं। इनमें घर और दुकानों से नियमित कचरा उठाव, सूखा और गीला कचरा अलग-अलग करने की व्यवस्था, सार्वजनिक स्थलों की सफाई, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, RRR सेंटर की जानकारी और शिकायत निवारण प्रणाली जैसे विषय शामिल हैं।
इन सवालों के जरिए यह जानने की कोशिश की जा रही है कि शहर में सफाई व्यवस्था जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी है और नागरिक उससे कितने संतुष्ट हैं। यही फीडबैक स्वच्छ सर्वेक्षण में शहर के अंतिम स्कोर को प्रभावित करेगा।
ऐसे कर सकते हैं ऑनलाइन फीडबैक
नागरिकों की सुविधा के लिए स्वच्छ भारत मिशन की ओर से ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है। लोग अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से लॉगइन कर फीडबैक फॉर्म भर सकते हैं। ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद उनका फीडबैक सबमिट हो जाता है। एक मोबाइल नंबर से केवल एक बार ही फीडबैक दर्ज किया जा सकता है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय टीम जब ऑन-फील्ड वेरिफिकेशन के लिए शहर का दौरा करेगी, तब भी नागरिकों से इसी प्रकार के सवाल पूछे जाएंगे। उनके जवाबों को भी स्वच्छ सर्वेक्षण के अंतिम स्कोर में शामिल किया जाएगा।
नागरिक भागीदारी से बदलेगी पटना की तस्वीर
स्वच्छता विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी शहर की सफाई व्यवस्था केवल सरकारी प्रयासों से बेहतर नहीं हो सकती, इसके लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी होती है। पटना में इस बार जिस तरह लोग आगे आकर फीडबैक दे रहे हैं, वह सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इससे न केवल शहर की रैंकिंग सुधर सकती है, बल्कि स्वच्छता को लेकर लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी।
नगर निगम प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे बढ़-चढ़कर इस अभियान में हिस्सा लें और ईमानदारी से अपना फीडबैक दें, ताकि पटना को देश के सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में बेहतर स्थान मिल सके।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
