पटना GPO हब में अक्टूबर से पार्किंग शुल्क, जानें नया नियम
पटना GPO पार्किंग में अक्टूबर से शुल्क, 225 कारों की क्षमता
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। पटना GPO पार्किंग को लेकर अक्टूबर से नया नियम लागू होने जा रहा है। जीपीओ गोलंबर के पास बने मल्टी मॉडल हब में अब वाहन खड़ा करने के लिए शुल्क देना होगा। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने मल्टी मॉडल हब और इससे जुड़े 440 मीटर लंबे सब-वे के संचालन एवं रखरखाव के लिए निजी एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। GPO के एजेंसी के चयन और पार्किंग शुल्क की दर तय होने के बाद अक्टूबर से यहां व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था शुरू करने की तैयारी है।
GPO के मल्टी मॉडल हब में पार्किंग को स्मार्ट और व्यवस्थित बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सेंसर और कैमरों की मदद से वाहनों की पहचान होगी और ऑटोमेटिक टिकट जनरेट किया जाएगा। नियमित रूप से वाहन पार्क करने वालों के लिए मंथली पास की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
GPO पार्किंग की दर अभी तय नहीं
GPO के मल्टी मॉडल हब में पार्किंग के लिए लोगों को कितना शुल्क देना होगा, इसकी दर अभी तय नहीं की गई है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए पटना जंक्शन, एयरपोर्ट और शहर के दूसरे प्रमुख पार्किंग स्थलों पर लागू शुल्क का अध्ययन किया जा रहा है।
देखिये निष्पक्ष ख़बर हमारे यूट्यूब चैनल पर भी: Prashant का तीखा तंज: शिक्षकों की बदहाली पर बोले,सत्ताधीशों ने भावी पीढ़ी का भविष्य अंधकार में धकेला
GPO पार्किंग दरों को आधार बनाकर मल्टी मॉडल हब की पार्किंग फीस निर्धारित की जाएगी। इसका उद्देश्य ऐसी दर तय करना है, जिससे पार्किंग सुविधा का संचालन भी व्यवस्थित रहे और लोगों के लिए शुल्क व्यावहारिक हो।
GPO हब में 225 कारें एक साथ होंगी पार्क
GPO मल्टी मॉडल हब में वाहनों की पार्किंग के लिए कई स्तरों पर व्यवस्था की गई है। ग्राउंड फ्लोर पर छह कारों के साथ 32 बसों को खड़ा करने की सुविधा होगी। पहली मंजिल पर 67 कारें पार्क की जा सकेंगी।
इसके अलावा दूसरी और तीसरी मंजिल पर 76-76 कारों की पार्किंग क्षमता रखी गई है। इस तरह मल्टी मॉडल हब में एक साथ कुल 225 कारें खड़ी की जा सकेंगी। बस और कार पार्किंग के लिए अलग-अलग स्थान होने से यहां वाहनों के आवागमन को व्यवस्थित रखने की योजना है।
सेंसर से वाहन की होगी पहचान
GPO मल्टी मॉडल हब की पार्किंग में प्रवेश करते समय वाहन को पहले सेंसर डिटेक्ट करेगा। इसके बाद बूम बैरियर के पास लगा एएनपीआर यानी Automatic Number Plate Recognition कैमरा वाहन की नंबर प्लेट स्कैन करेगा।
खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े
नंबर प्लेट की पहचान होने के बाद सिस्टम अपने आप टिकट जनरेट करेगा। टिकट बनने के बाद बूम बैरियर खुलेगा और वाहन पार्किंग क्षेत्र में प्रवेश कर सकेगा। इससे मैनुअल तरीके से टिकट बनाने की जरूरत कम होगी और वाहन प्रवेश की प्रक्रिया तेज करने में मदद मिलेगी।
नियमित वाहन चालकों के लिए मंथली पास
रोजाना या नियमित रूप से वाहन पार्क करने वाले लोगों के लिए मंथली पास की सुविधा भी रखी जाएगी। इससे उन यात्रियों को सुविधा मिलेगी, जिन्हें प्रतिदिन मल्टी मॉडल हब या उसके आसपास आना-जाना होता है।
मंथली पास की व्यवस्था शुरू होने के बाद नियमित वाहन चालकों को हर बार अलग से पार्किंग शुल्क जमा करने की जरूरत नहीं होगी। पास की दर और इससे जुड़ी शर्तें पार्किंग शुल्क तय होने के बाद स्पष्ट की जाएंगी।
GPO में 96 बाइक की रोटरी पार्किंग
मल्टी मॉडल हब परिसर में दोपहिया वाहनों के लिए भी आधुनिक पार्किंग व्यवस्था तैयार की जा रही है। यहां रोटरी तकनीक आधारित पार्किंग विकसित की जाएगी। इसमें एक साथ 96 बाइक खड़ी की जा सकेंगी।
इसे भी पढ़ें: 3 दिन की बैंक हड़ताल टली, मांगों पर बनेगी हाई लेवल कमेटी, जानें नया अपडेट
रोटरी पार्किंग का उद्देश्य कम जगह में ज्यादा दोपहिया वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा करना है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से शहर में तीन स्थानों पर ऐसी रोटरी पार्किंग विकसित करने की योजना भी बनाई गई है।
निजी एजेंसी के चयन की प्रक्रिया जारी
मल्टी मॉडल हब और सब-वे के संचालन के लिए निजी एजेंसी के चयन की प्रक्रिया चल रही है। 19 सितंबर को हुई टेंडर कमेटी की बैठक में चार एजेंसियों को तकनीकी रूप से योग्य पाया गया है।
इन एजेंसियों से 22 सितंबर तक आपत्तियां मांगी गई थीं। आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी। इसके आधार पर एजेंसी का अंतिम चयन किया जाएगा।
चयनित एजेंसी को केवल पार्किंग का संचालन नहीं करना होगा। उसे पूरे मल्टी मॉडल हब और 440 मीटर लंबे सब-वे के संचालन तथा रखरखाव की जिम्मेदारी भी दी जाएगी।
रेस्तरां और दुकानों की भी सुविधा
मल्टी मॉडल हब को सिर्फ पार्किंग स्थल के तौर पर विकसित नहीं किया गया है। यहां व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी जगह बनाई गई है। हब में 4,763 वर्गफुट क्षेत्र में रेस्तरां के लिए जगह उपलब्ध कराई गई है।
इसके अलावा हब में पांच दुकानें और सब-वे में छह दुकानें बनाई गई हैं। यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एटीएम के लिए भी जगह निर्धारित की गई है। इससे हब में आने वाले लोगों को पार्किंग के साथ दूसरी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी।
EV चार्जिंग स्टेशन भी होगा
मल्टी मॉडल हब में इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए ईवी चार्जिंग स्टेशन की सुविधा भी विकसित की जा रही है। इससे इलेक्ट्रिक कार और दूसरे वाहनों के उपयोगकर्ताओं को पार्किंग के साथ चार्जिंग की सुविधा मिल सकेगी।

मल्टी मॉडल हब को इस तरह विकसित करने की कोशिश है कि एक ही परिसर में पार्किंग, यात्री सुविधाएं और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जरूरी व्यवस्था उपलब्ध हो।
GPO गोलंबर के आसपास ट्रैफिक पर पड़ेगा असर
जीपीओ गोलंबर पटना के प्रमुख यातायात क्षेत्रों में शामिल है। यहां सड़क किनारे वाहनों की बेतरतीब पार्किंग से कई बार यातायात प्रभावित होता है। मल्टी मॉडल हब में व्यवस्थित पार्किंग शुरू होने के बाद वाहनों को निर्धारित स्थान पर खड़ा करने का विकल्प मिलेगा।
स्मार्ट पार्किंग सिस्टम लागू होने से वाहनों के प्रवेश और निकास का रिकॉर्ड भी डिजिटल तरीके से तैयार होगा। इससे पार्किंग व्यवस्था की निगरानी आसान होने की उम्मीद है। साथ ही सड़क पर अनधिकृत पार्किंग को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
अक्टूबर से शुरू करने की तैयारी
पार्किंग शुल्क तय करने और निजी एजेंसी के चयन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। शुल्क निर्धारित होने और एजेंसी का चयन होने के बाद अक्टूबर से मल्टी मॉडल हब में पार्किंग व्यवस्था शुरू करने की तैयारी है।
मल्टी मॉडल हब में 225 कारों, 32 बसों और 96 दोपहिया वाहनों की पार्किंग क्षमता के साथ स्मार्ट तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। ऐसे में आने वाले समय में GPO गोलंबर क्षेत्र में पार्किंग व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
