पुणे लोहागढ़ किला मर्डर केस: क्रिकेट कनेक्शन, 2,000 से ज्यादा कॉल और डिलीट चैट की जांच से खुल रहे नए राज
पुणे के लोहागढ़ किला मर्डर केस में क्रिकेट कनेक्शन सामने आया है। पुलिस के अनुसार सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच 2,000 से अधिक कॉल हुईं। डिलीट चैट रिकवर करने के लिए फोरेंसिक जांच जारी है।
पुणे। महाराष्ट्र के पुणे स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में हुई एक युवक की संदिग्ध मौत की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। पुलिस की जांच में अब इस मामले में क्रिकेट कनेक्शन भी सामने आया है। जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच संबंधों की गहन पड़ताल की जा रही है। कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल सबूत और परिवार के सदस्यों के बयान इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोहागढ़ किले की एक चट्टान से केतन अग्रवाल की गिरने से मौत हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने आरोप लगाया है कि यह एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा हो सकता है। मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी की भूमिका की जांच की जा रही है। हालांकि, मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत में सुनवाई और जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
क्रिकेट मैच के दौरान हुई थी पहली मुलाकात
जांच के दौरान सिया गोयल के भाई साहिल गोयल से पुलिस ने दस घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। पूछताछ में साहिल ने बताया कि वह चेतन चौधरी को पहले से जानता था। उसके मुताबिक, सिया अक्सर उसके क्रिकेट मैच देखने जाती थीं और इसी दौरान उनकी पहली मुलाकात चेतन से हुई थी।
पुलिस का कहना है कि बाद में दोनों की मुलाकात पिछले वर्ष एक कॉमन दोस्त की दिवाली पार्टी में हुई, जिसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। जांच एजेंसियां अब इस रिश्ते की पूरी टाइमलाइन तैयार कर रही हैं।
2,000 से ज्यादा कॉल ने बढ़ाए सवाल
जांच में सामने आए कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के अनुसार, जनवरी से जून के बीच सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच 2,000 से अधिक बार फोन पर बातचीत हुई। सूत्रों के मुताबिक इन कॉल्स की कुल अवधि लगभग 238 घंटे बताई जा रही है।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इन लंबी बातचीतों का संबंध केवल निजी संपर्क तक सीमित था या फिर इनमें किसी कथित साजिश से जुड़ी बातचीत भी शामिल थी। फिलहाल कॉल रिकॉर्ड की विस्तृत जांच जारी है।
परिवार के बयानों में सामने आया अंतर
इस मामले में परिवार के अलग-अलग बयानों ने भी जांच को नई दिशा दी है।
साहिल गोयल ने पुलिस को बताया कि वह चेतन चौधरी को जानता था और यदि उसकी बहन शादी नहीं करना चाहती तो परिवार विवाह रद्द करने के लिए तैयार था।
दूसरी ओर, सिया की मां पूजा गोयल ने पहले कहा था कि उनकी बेटी ने कभी शादी को लेकर कोई आपत्ति नहीं जताई और न ही उन्होंने चेतन चौधरी को कभी देखा या उससे बात की।
वहीं सिया गोयल की ओर से पेश वकील ने कहा है कि सिया और चेतन केवल दोस्त थे। पुलिस इन सभी बयानों का मिलान अन्य साक्ष्यों के साथ कर रही है।
डिलीट व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम चैट रिकवर करने की कोशिश
जांच में एक महत्वपूर्ण पहलू डिजिटल सबूत भी बनकर उभरा है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन से व्हाट्सएप चैट, इंस्टाग्राम संदेश और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड डिलीट कर दिए थे।
अब फोरेंसिक विशेषज्ञ इन डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने का प्रयास कर रहे हैं। यदि चैट और अन्य डिजिटल सामग्री पुनः प्राप्त हो जाती है तो इससे जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिल सकती है।
डिजिटल फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार पुलिस को भी है क्योंकि इससे दोनों के बीच हुई बातचीत की वास्तविक प्रकृति स्पष्ट हो सकती है।
हत्या से एक दिन पहले कैफे में मुलाकात
जांच एजेंसियों के अनुसार, घटना से एक दिन पहले यानी 17 जून को सिया गोयल और चेतन चौधरी पुणे के लुल्ला नगर स्थित एक कैफे में करीब एक घंटे तक मिले थे।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस मुलाकात के दौरान किन विषयों पर बातचीत हुई थी। कैफे के सीसीटीवी फुटेज, वहां मौजूद कर्मचारियों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का क्या कहना है?
लोनावला डिवीजन के डीएसपी गजानन टोनपे ने कहा कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों की भूमिका स्थापित होने का दावा किया गया है। हालांकि पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी तकनीकी तथा फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डिजिटल साक्ष्य बन सकते हैं सबसे अहम कड़ी
विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन हिस्ट्री, सोशल मीडिया चैट और डिजिटल फोरेंसिक किसी भी आपराधिक जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस मामले में भी पुलिस का फोकस डिजिटल सबूतों पर है, क्योंकि इन्हीं के आधार पर घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच अभी जारी, अदालत में होगा अंतिम फैसला
पुणे लोहागढ़ किला मर्डर केस फिलहाल जांच के महत्वपूर्ण चरण में है। पुलिस लगातार गवाहों के बयान दर्ज कर रही है, डिजिटल डेटा का विश्लेषण कर रही है और सभी परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि मामले में लगाए गए सभी आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। किसी भी आरोपी को अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने तक कानून की नजर में निर्दोष माना जाता है। आने वाले दिनों में फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य इस बहुचर्चित मामले की दिशा तय कर सकते हैं।
भूमि आर्या की रिपोर्ट
