बिहार में शराबबंदी फेल : ट्रक से 597 कार्टन लाल पानी का जखीरा बरामद, तस्कर गिरफ्तार
बक्सर में सेब की बोरियों के नीचे छिपी 5301 लीटर शराब बरामद
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (बक्सर)। बक्सर शराब तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान में उत्पाद विभाग को बड़ी सफलता मिली है। वीर कुंवर सिंह चेक पोस्ट के ऊपरी गंगापुल पर उत्पाद पुलिस ने सेब लदे एक डीसीएम ट्रक से 5301 लीटर विदेशी शराब बरामद की। शराब को सड़े-गले सेब की बोरियों के नीचे छिपाकर ले जाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ट्रक चालक समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
उत्पाद विभाग के अनुसार, बरामद शराब 597 कार्टन में रखी हुई थी। जब्त शराब की बाजार कीमत करीब 64 लाख रुपये बताई गई है। बक्सर पुलिस ने शराब के साथ तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे डीसीएम ट्रक को भी जब्त कर लिया है।
बक्सर में सेब के नीचे छिपी थी शराब की खेप
जानकारी के अनुसार, वीर कुंवर सिंह चेक पोस्ट पर उत्तर प्रदेश की ओर से बक्सर में प्रवेश कर रहे एक डीसीएम ट्रक को उत्पाद विभाग की टीम ने संदिग्ध मानकर रोका। बाहर से देखने पर ट्रक सेब की बोरियों से भरा हुआ दिखाई दे रहा था।
ट्रक में सड़े-गले सेब की कई बोरियां रखी थीं। पहली नजर में यह सामान्य फल लदा वाहन लग रहा था, लेकिन जांच के दौरान उत्पाद बक्सर पुलिस को ट्रक के अंदर कुछ संदिग्ध नजर आया। इसके बाद टीम ने सेब की बोरियों को हटाकर गहराई से तलाशी शुरू की।
तलाशी के दौरान सेब की बोरियों के नीचे शराब के कार्टन छिपे मिले। इसके बाद ट्रक को पूरी तरह खाली कराया गया और एक-एक हिस्से की जांच की गई।
शराबबंदी अभियान में 597 कार्टन बरामद
पूरी तलाशी के बाद ट्रक से 597 कार्टन विदेशी शराब बरामद हुई। उत्पाद विभाग के मुताबिक, इन कार्टन में कुल 5301 लीटर शराब थी। बरामद शराब का बाजार मूल्य लगभग 64 लाख रुपये आंका गया है।

बक्सर पुलिस ने शराब की पूरी खेप को जब्त कर लिया। इसके साथ ही जिस डीसीएम ट्रक का इस्तेमाल शराब की तस्करी के लिए किया जा रहा था, उसे भी कब्जे में ले लिया गया। उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई को बिहार में शराबबंदी कानून के तहत चलाए जा रहे अभियान की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
चंडीगढ़ से पूर्णिया जा रही थी शराब की खेप
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान हिमाचल प्रदेश के नमोल गांव निवासी ट्रक चालक विनोद कुमार और हिमाचल प्रदेश के सोनल गांव निवासी मोहन सिंह के रूप में हुई है।
उत्पाद पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों आरोपितों ने बताया कि शराब की खेप चंडीगढ़ से पूर्णिया ले जाई जा रही थी। पुलिस के मुताबिक, बरामद शराब चंडीगढ़ में बनी बताई गई है।
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तस्करों ने शराब को ट्रक में रखी सेब की बोरियों के नीचे छिपाया था। इसका उद्देश्य सामान्य जांच के दौरान शराब की खेप को छिपाए रखना था। हालांकि, चेक पोस्ट पर उत्पाद विभाग की टीम को ट्रक पर संदेह हुआ और गहन तलाशी में पूरी खेप का खुलासा हो गया।
शराबबंदी के बीच तस्करी का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
इतनी बड़ी मात्रा में शराब बरामद होने के बाद अब पुलिस की जांच सिर्फ गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपितों तक सीमित नहीं है। उत्पाद विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि पूर्णिया में शराब की खेप किस व्यक्ति तक पहुंचाई जानी थी।
पुलिस तस्करी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। पूछताछ के आधार पर खेप के सप्लायर, रिसीवर और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी खेप को एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाने के लिए तस्करों ने विशेष तरीके से शराब को छिपाया था। सेब की बोरियों के नीचे कार्टन रखने से ट्रक को सामान्य फल लदे वाहन के रूप में दिखाने की कोशिश की गई थी।
बक्सर चेक पोस्ट पर उत्पाद विभाग की कार्रवाई
यह कार्रवाई वीर कुंवर सिंह चेक पोस्ट के प्रभारी कुंदन कुमार, निरीक्षक मध्यनिषेध के नेतृत्व में की गई। टीम में निरीक्षक मध्यनिषेध संतोष कुमार पाठक और अवर निरीक्षक मध्यनिषेध प्रिंस कुमार भी शामिल रहे।

उत्पाद विभाग की टीम ने संदिग्ध डीसीएम को रोकने के बाद पहले उसकी सामान्य जांच की। इसके बाद संदेह होने पर सेब की बोरियों को हटाकर तलाशी ली गई। इसी दौरान शराब की बड़ी खेप बरामद हुई। पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपितों के खिलाफ मद्यनिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
शराबबंदी कानून के तहत आगे की जांच
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि शराब की खेप कहां से लोड की गई थी और पूर्णिया में इसकी डिलीवरी किसे दी जानी थी।
जांच एजेंसियां तस्करी में इस्तेमाल मोबाइल फोन, संपर्क सूत्र और वाहन से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल कर सकती हैं। पूछताछ में सामने आने वाली जानकारी के आधार पर मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
बक्सर में चेक पोस्ट पर हुई इस कार्रवाई से एक बार फिर सामने आया है कि शराब तस्कर अलग-अलग तरीकों से अवैध शराब की खेप को दूसरे राज्यों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उत्पाद विभाग का कहना है कि शराब तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
अमन कुमार की रिपोर्ट
