बिहार में बाढ़ के खतरे को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, निशांत बोले-हर आपात स्थिति से निपटने की तैयारी

बाढ़ अलर्ट बिहार, स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार

बिहार में बाढ़ के खतरे पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

निष्कर्ष भारत, संवाददाता पटना। बाढ़ अलर्ट बिहार के बीच राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ के कारण बिहार की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसके चलते राज्य के कई जिलों में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। संभावित आपदा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को समय पर इलाज और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।

बाढ़ अलर्ट बिहार के बीच स्वास्थ्य विभाग की विशेष तैयारी

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि विभाग ने सभी बाढ़ संभावित जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड

बाढ़ अलर्ट के लिए 60 प्रकार की दवाइयों का भंडारण

स्वास्थ्य विभाग ने जलमगन प्रभावित क्षेत्रों के लिए लगभग 60 प्रकार की आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक तैयार किया है। मंत्री ने बताया कि बाढ़ के दौरान जलजनित और संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका अधिक रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए दवाइयों के साथ जरूरी मेडिकल उपकरण और अन्य स्वास्थ्य सामग्री भी उपलब्ध करा दी गई है।

उन्होंने कहा कि महामारी जैसी स्थिति से निपटने के लिए भी विभाग ने पहले से रणनीति तैयार कर ली है, ताकि किसी भी स्थिति में लोगों को समय पर इलाज मिल सके।

बाढ़ अलर्ट में गर्भवती महिलाओं और बच्चों पर विशेष फोकस

स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, दिव्यांगों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों की अलग सूची तैयार की है। इन लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों और अस्पतालों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग युध्स्तर पर अपनी तयारियों मैं लगा हुआ है, बाढ़ को खतरों को देखते हुए सम्बंधित गाइडलाइन भी जारी किया गया है।

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मंत्री ने बताया कि जिला स्तर पर ऐसे संवेदनशील लोगों की पहचान कर ली गई है, ताकि बाढ़ आने पर राहत और स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी देरी के उपलब्ध कराई जा सकें।

बाढ़ अलर्ट के दौरान मोबाइल मेडिकल कैंप होंगे सक्रिय

स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में डॉक्टरों, नर्सों, एएनएम और पैरामेडिकल स्टाफ की विशेष टीमों का गठन किया है। इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर मोबाइल मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे, जहां लोगों की स्वास्थ्य जांच के साथ मुफ्त दवाइयां भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

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इन चलंत चिकित्सा शिविरों का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित गांवों तक सीधे स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, ताकि लोगों को अस्पताल तक जाने में कठिनाई न हो।

बाढ़ पीड़ितों को हरसंभव सहायता का भरोसा

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी जिले में दवाइयों, डॉक्टरों या स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी नहीं होने दी जाएगी।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

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अमन कुमार की रिपोर्ट