बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीम तैनात, स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने लिया जायजा, दवाओं का हो उचित व्यवस्था

बाढ़

बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य केंद्र शुरू, डॉक्टर-नर्स तैनात

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना में बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्कूलों और पंचायत भवनों को अस्थाई स्वास्थ्य केंद्रों में बदलकर लोगों का इलाज शुरू किया गया है। जलजमाव और विस्थापन के बीच प्रभावित लोगों तक समय पर चिकित्सा सुविधा पहुंचाने के लिए यह व्यवस्था की गई है।

बाढ़ के कारण कई इलाकों में सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच प्रभावित हुई है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर ही अस्थाई चिकित्सा केंद्र शुरू किए जाने से लोगों को इलाज और जरूरी दवाओं के लिए दूर जाने की जरूरत कम होगी। इन केंद्रों पर प्राथमिक उपचार के साथ आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की गई है।

बाढ़ के बीच स्कूल और पंचायत भवन बने स्वास्थ्य केंद्र

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिन क्षेत्रों में बाढ़ का पानी जमा है या लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है, वहां उपलब्ध सरकारी भवनों का इस्तेमाल अस्थाई स्वास्थ्य केंद्र के तौर पर किया जा रहा है। स्थानीय स्कूलों और पंचायत भवनों में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

इन केंद्रों पर प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। बुखार, संक्रमण और पानी से होने वाली बीमारियों से संबंधित मरीजों को प्राथमिक उपचार और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

प्रशासन का उद्देश्य है कि बाढ़ के कारण विस्थापित लोगों को इलाज के लिए ज्यादा दूर नहीं जाना पड़े और उन्हें राहत शिविर या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही जरूरी चिकित्सा सहायता मिल सके।

स्वास्थ्य मंत्री ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों की स्वास्थ्य सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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मंत्री के अनुसार, आपदा की स्थिति में किसी भी नागरिक को चिकित्सा सुविधा के अभाव में परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है और जरूरी दवाओं का पर्याप्त प्रबंध किया गया है।

उन्होंने विभागीय अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में डॉक्टर और नर्स तैनात

स्वास्थ्य विभाग की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में डॉक्टरों और नर्सों की विशेष टीमों को तैनात किया गया है। ये टीमें राहत शिविरों और अस्थाई स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचने वाले मरीजों की जांच कर रही हैं।

बाढ़ के दौरान जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका रहती है। इसके अलावा लंबे समय तक जलजमाव रहने से संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्राथमिक उपचार और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया है।

स्वास्थ्य शिविरों में आने वाले लोगों को बीमारी से बचाव को लेकर जरूरी सलाह भी दी जा रही है। अधिकारियों की कोशिश है कि शुरुआती स्तर पर ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान कर उपचार उपलब्ध कराया जाए।

बाढ़ में जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त इंतजाम

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिक उपचार के साथ जीवन रक्षक दवाओं की भी व्यवस्था की गई है। विभाग की ओर से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि जरूरी दवाओं की कमी के कारण मरीजों को परेशानी न हो।

राहत शिविरों में आने वाले मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार चिकित्सकीय सलाह और दवाएं दी जा रही हैं। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को आवश्यकता के अनुसार आगे के उपचार के लिए स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा रही है।

बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर

स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, जरूरत बढ़ने पर अतिरिक्त मेडिकल टीमों को प्रभावित इलाकों में भेजा जाएगा।

प्रशासन का जोर इस बात पर है कि राहत और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय बना रहे। जिन इलाकों में बाढ़ का असर अधिक है, वहां चिकित्सा सुविधाओं की जरूरत का आकलन कर उसी के अनुसार संसाधन उपलब्ध कराने की तैयारी है।

स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि पूरा स्वास्थ्य महकमा प्रभावित लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को आपदा की स्थिति में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करने को कहा है।

बाढ़ पीड़ितों को नजदीक ही मिलेगा इलाज

अस्थाई स्वास्थ्य केंद्र शुरू होने से बाढ़ प्रभावित लोगों को स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधा मिलने की उम्मीद है। खासकर उन इलाकों में जहां जलजमाव के कारण आवागमन मुश्किल है, वहां यह व्यवस्था लोगों के लिए राहतकारी साबित हो सकती है।

सरकार की कोशिश है कि बाढ़ के दौरान स्वास्थ्य संबंधी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीमें और जरूरी दवाएं उपलब्ध रहें। फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग प्रभावित क्षेत्रों की जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत करने में जुटा है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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