औरंगाबाद में जीटी रोड पर वाहन के धक्के से टेंपो सवार युवक की मौत, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

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औरंगाबाद में सड़क हादसा, टेंपो सवार युवक की मौत

निष्कर्ष भारत संवादाता मदनपुर/औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद जिले में शनिवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 26 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना मदनपुर थाना क्षेत्र के रानीगंज गांव के समीप जीटी रोड एनएच-19 पर हुई। तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से टेंपो सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस की मदद से उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक की पहचान मिर्जापुर गांव निवासी रामबली यादव के पुत्र अंकित कुमार के रूप में हुई है। हादसे के बाद आक्रोशित स्वजन और ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर जीटी रोड जाम कर दिया। ग्रामीणों ने मृतक के स्वजन को मुआवजा देने की मांग की। पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद सड़क जाम हटाया गया।

शिवगंज जा रहा था युवक

मिली जानकारी के अनुसार, अंकित कुमार शनिवार रात अपने भाई के साथ टेंपो पर सवार होकर घर से शिवगंज जा रहा था। इसी दौरान रानीगंज गांव के पास जीटी रोड एनएच-19 पर तेज रफ्तार वाहन ने टेंपो में जोरदार टक्कर मार दी।

वाहन की टक्कर के बाद टेंपो में बैठे अंकित को गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही मदनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची।

अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

पुलिस ने 112 वाहन की मदद से घायल अंकित कुमार को इलाज के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद पहुंचाया। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने युवक की जांच की। जांच के बाद डॉक्टरों ने अंकित को मृत घोषित कर दिया।

युवक की मौत की खबर मिलते ही उसके स्वजन और परिचित सदर अस्पताल पहुंचे। कुछ ही देर में परिवार में मातम छा गया। परिजनों को अचानक हुई इस घटना पर विश्वास नहीं हो रहा था।

शव लेकर जीटी रोड पर पहुंचे स्वजन

अंकित की मौत के बाद आक्रोशित स्वजन शव को लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने रानीगंज के समीप जीटी रोड पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया। सड़क जाम होने से एनएच-19 पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई।

ग्रामीणों और स्वजनों ने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। उनका कहना था कि परिवार के सामने अचानक आर्थिक और भावनात्मक संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।

सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद मदनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया।

थानाध्यक्ष के समझाने पर हटा जाम

मदनपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्वजन और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने लोगों को समझाते हुए सड़क जाम समाप्त करने की अपील की। पुलिस की समझाइश के बाद ग्रामीणों ने जाम हटा लिया।

जाम हटने के बाद जीटी रोड पर यातायात सामान्य हुआ। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अंकित कुमार के शव को पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव स्वजनों को सौंपे जाने की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस हादसे की परिस्थितियों की भी जांच कर रही है। दुर्घटना में शामिल वाहन की पहचान और उसके चालक के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि टक्कर किस वाहन से हुई और हादसे के समय वाहन की गति कितनी थी।

परिवार में मचा कोहराम

अंकित कुमार की मौत की खबर के बाद मिर्जापुर गांव स्थित उसके घर में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों को समझ नहीं आ रहा कि कुछ समय पहले तक घर से निकला युवक अचानक उन्हें छोड़कर कैसे चला गया।

अंकित की मौत से गांव में भी शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने परिवार के प्रति संवेदना जताई और प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित सहायता देने की मांग की।

जीटी रोड पर लगातार हो रहे हादसों से चिंता

रानीगंज गांव के समीप जीटी रोड एनएच-19 पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। जीटी रोड पर भारी और तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही लगातार रहती है। ऐसे में सड़क किनारे बसे गांवों और आसपास के लोगों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जीटी रोड पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की जरूरत है। खासकर गांवों और प्रमुख संपर्क मार्गों के पास यातायात नियंत्रण तथा पर्याप्त संकेतक होने चाहिए, ताकि सड़क हादसों को कम किया जा सके।

फिलहाल मदनपुर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। हादसे में शामिल वाहन और उसके चालक की जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, मृतक के स्वजन मुआवजे और प्रशासनिक सहायता की उम्मीद लगाए हुए हैं।

Nishkarsh Bharat

कीमती कुमारी की रिपोर्ट

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