बिहार में फिर लौटेगा मानसून, 16 सितंबर से भारी बारिश, पटना समेत कई जिलों में अलर्ट जारी

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बिहार में मानसून फिर होगा सक्रिय, 16 सितंबर से भारी बारिश के आसार

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने की तैयारी में है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 15 सितंबर तक राज्य में अच्छी बारिश की संभावना कम है, लेकिन 16 सितंबर से मानसून के फिर सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। इसके बाद बिहार के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है। पटना समेत राज्य के सभी जिलों में अगले कुछ दिनों तक गर्मी और उमस परेशान कर सकती है। हालांकि, कुछ जगहों पर हल्की से तेज बारिश होने की संभावना भी बनी रहेगी।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक मानसून की सक्रियता का असर अक्टूबर के पहले सप्ताह तक देखने को मिल सकता है। ऐसे में सितंबर के दूसरे पखवाड़े में बिहार के मौसम में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

16 सितंबर से फिर सक्रिय होगा मानसून

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 14 सितंबर को कोसी क्षेत्र के सुपौल, मधुबनी समेत कुछ जिलों में हल्की से तेज बारिश हो सकती है। हालांकि इसे पूरे राज्य में व्यापक बारिश की शुरुआत नहीं माना जा रहा है। 15 सितंबर तक भी अच्छी बारिश की संभावना सीमित रहेगी।

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इसके बाद 16 सितंबर से मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। मानसून की गतिविधियां बढ़ने के बाद बिहार में कई स्थानों पर बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इस दौरान कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश भी देखने को मिल सकती है।

पटना समेत पूरे बिहार में उमस का असर

अगले पांच दिनों के मौसम को लेकर विभाग ने बताया है कि पटना समेत बिहार के सभी जिलों में गर्मी और उमस बनी रह सकती है। बारिश होने के बावजूद लोगों को उमस से राहत पूरी तरह नहीं मिलने की संभावना है।

दरअसल, सितंबर में कई इलाकों में बारिश और धूप का सिलसिला एक साथ देखने को मिल सकता है। ऐसे में बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। दिन के तापमान में बहुत बड़ी गिरावट नहीं होने की स्थिति में उमस का असर और महसूस हो सकता है।

बिहार में इस साल सामान्य से कम बारिश

इस साल बिहार में मानसून की स्थिति अब तक सामान्य नहीं रही है। 1 जून से 8 सितंबर तक राज्य में कुल 601.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यह इस अवधि के सामान्य औसत से 27 प्रतिशत कम है।

जून से अगस्त तक लगातार बारिश की कमी दर्ज की गई। हालांकि सितंबर में स्थिति कुछ बेहतर हुई है। सितंबर में अब तक राज्य में 79.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 31 प्रतिशत अधिक है।

जून में 36 प्रतिशत कम बारिश

मानसून के शुरुआती महीने जून में बिहार में बारिश की स्थिति कमजोर रही। राज्य में इस महीने कुल 103.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य वर्षापात से 36 प्रतिशत कम थी। जून में बारिश की कमी का असर खेती और ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिला। मानसून की शुरुआती गतिविधियां कमजोर रहने के कारण कई क्षेत्रों में किसानों को बारिश के लिए इंतजार करना पड़ा।

जुलाई में भी नहीं सुधरी स्थिति

जुलाई में भी बिहार को पर्याप्त बारिश नहीं मिली। इस महीने राज्य में 227.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 33 प्रतिशत कम रही। जुलाई को बिहार में मानसून की दृष्टि से महत्वपूर्ण महीना माना जाता है। इस दौरान अच्छी बारिश से खरीफ फसलों को पर्याप्त पानी मिलता है। लेकिन बारिश में कमी के कारण कई इलाकों में सामान्य मानसूनी गतिविधियां देखने को नहीं मिलीं।

अगस्त में भी 29 प्रतिशत बारिश कम

अगस्त में भी बारिश की कमी जारी रही। राज्य में इस महीने 190.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य वर्षापात से 29 प्रतिशत कम थी। लगातार तीन महीनों तक बारिश की कमी के बाद सितंबर में मौसम का रुख कुछ बदला है। अब तक हुई बारिश सामान्य से अधिक रही है। हालांकि, महीने के शुरुआती दिनों की अच्छी बारिश के बावजूद पूरे मानसून सीजन की कमी अभी पूरी नहीं हुई है।

सितंबर में बारिश ने दी राहत

सितंबर में अब तक बिहार के लिए बारिश के आंकड़े बेहतर रहे हैं। राज्य में 79.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 31 प्रतिशत अधिक है। इससे बारिश की कमी कुछ हद तक कम हुई है। फिर भी मौसम विज्ञान केंद्र का मानना है कि 15 सितंबर तक राज्य में व्यापक और अच्छी बारिश की संभावना कम है। ऐसे में लोगों को 16 सितंबर के बाद मौसम में बदलाव का इंतजार रहेगा।

अक्टूबर तक रह सकता है मानसून का असर

मौसम विभाग के अनुसार 16 सितंबर के बाद मानसून के फिर सक्रिय होने की संभावना है। अगर मानसून की गतिविधियां पूर्वानुमान के अनुसार बढ़ती हैं, तो बिहार में कई जगहों पर अच्छी बारिश हो सकती है। इस सक्रियता का असर अक्टूबर के पहले सप्ताह तक रहने की संभावना जताई गई है। इससे राज्य में बारिश की कमी को कुछ हद तक पूरा करने में मदद मिल सकती है। किसानों के लिए भी सितंबर के दूसरे हिस्से में होने वाली बारिश महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

बिहार में लोगों को अगले कुछ दिनों तक गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। कुछ इलाकों में बीच-बीच में बारिश जारी रहेगी, लेकिन व्यापक बारिश के लिए 16 सितंबर के बाद का समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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