पटना समेत बिहार के 6 जिलों में आज ब्लैकआउट मॉकड्रिल, शाम 7 बजे सायरन बजते ही 15 मिनट के लिए बंद होंगी लाइटें

मॉकड्रिल

बिहार की राजधानी Patna समेत राज्य के 6 जिलों में गुरुवार शाम एक विशेष सिविल डिफेंस मॉकड्रिल आयोजित की जाएगी।

बिहार की राजधानी Patna समेत राज्य के 6 जिलों में गुरुवार शाम एक विशेष सिविल डिफेंस मॉकड्रिल आयोजित की जाएगी। इस दौरान शाम 7 बजे सायरन बजते ही 15 मिनट के लिए ब्लैकआउट लागू होगा और लोगों को अपने घरों, दुकानों तथा कार्यालयों की सभी लाइटें बंद करनी होंगी। प्रशासन ने साफ किया है कि यह किसी वास्तविक खतरे की स्थिति नहीं, बल्कि आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए किया जा रहा अभ्यास है।

राज्य सरकार के निर्देशानुसार पटना के अलावा Purnia, Begusarai, Katihar, Kishanganj और Araria में भी यह मॉकड्रिल आयोजित की जाएगी। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत होने वाली इस कवायद का मकसद आपात स्थिति में प्रशासन, राहत एजेंसियों और आम लोगों की प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत बनाना है।

सायरन बजते ही शुरू होगा ब्लैकआउट

प्रशासन के अनुसार, शाम 7 बजे करीब दो मिनट तक सिविल डिफेंस का सायरन बजेगा। इसे हवाई हमले की चेतावनी के संकेत के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। सायरन बजते ही पूरे इलाके में ब्लैकआउट लागू हो जाएगा। शाम 7 बजे से 7:15 बजे तक किसी भी प्रकार की रोशनी जलाने की अनुमति नहीं होगी।

लोगों से अपील की गई है कि वे घरों की लाइट, इनवर्टर लाइट, मोबाइल फ्लैशलाइट, टॉर्च और जनरेटर तक का इस्तेमाल न करें। खासतौर पर अपार्टमेंट और बड़े कॉम्प्लेक्स में रहने वाले लोगों को जनरेटर चालू नहीं करने को कहा गया है, ताकि अभ्यास पूरी तरह सफल हो सके।

राहत और बचाव अभियान का होगा अभ्यास

मॉकड्रिल के दौरान पुलिस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस सेवा, ट्रैफिक पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास करेंगी। चौक-चौराहों पर लगे साउंड सिस्टम, पुलिस थानों और फायर ब्रिगेड वाहनों के सायरन का भी उपयोग किया जा सकता है।

अधिकारियों के मुताबिक, इस अभ्यास का उद्देश्य यह देखना है कि किसी आपातकालीन स्थिति में विभिन्न एजेंसियां किस तरह समन्वय बनाकर काम करती हैं और आम लोग प्रशासनिक निर्देशों का कितनी तेजी से पालन करते हैं।

अस्पतालों और जरूरी सेवाओं पर असर नहीं

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि ब्लैकआउट का असर जरूरी और इमरजेंसी सेवाओं पर नहीं पड़ेगा। अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। हालांकि, अस्पताल प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि अंदर की रोशनी बाहर दिखाई न दे। इसके लिए खिड़कियों पर क्यूबिकल पर्दे और प्राइवेसी कर्टेन लगाने को कहा गया है।

इसके अलावा पुलिस और ट्रैफिक विभाग को भी अलर्ट मोड में रखा गया है ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो और शहर में यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

पटना में कई जगहों पर होगा सिमुलेशन

राजधानी पटना में इस मॉकड्रिल के लिए कई प्रमुख स्थलों को सिमुलेशन साइट बनाया गया है। इनमें पटना समाहरणालय, बिस्कोमान भवन, बांकीपुर बस स्टैंड और आईजीआईएमएस शामिल हैं। इन स्थानों पर काल्पनिक हवाई हमले की स्थिति तैयार कर राहत और बचाव अभियान का अभ्यास किया जाएगा।

प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर पूरी गतिविधियों की निगरानी करेंगे। पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने कहा कि आम लोगों की सक्रिय भागीदारी से ही यह अभ्यास पूरी तरह सफल हो सकेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और प्रशासन का सहयोग करें।

आपदा प्रबंधन विभाग में हुई तैयारी बैठक

मॉकड्रिल की तैयारियों को लेकर बुधवार को बिहार आपदा प्रबंधन विभाग में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए टेबल-टॉप एक्सरसाइज आयोजित की गई। बैठक में विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल और नागरिक सुरक्षा निदेशालय के महानिदेशक डॉ. परेश सक्सेना समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में छहों जिलों के आपदा पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। विभाग के संयुक्त सचिव मो. नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से मॉकड्रिल की पूरी प्रक्रिया और छह प्रमुख बिंदुओं की जानकारी दी। अधिकारियों को बताया गया कि सायरन बजने से लेकर राहत एवं बचाव अभियान तक सभी एजेंसियों को किस तरह समन्वय के साथ काम करना है।

नागरिकों से सहयोग की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस अभ्यास को गंभीरता से लें और निर्धारित समय तक सभी तरह की रोशनी बंद रखें। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की मॉकड्रिल भविष्य में किसी भी आपदा या आपात स्थिति से निपटने की तैयारी को मजबूत करने में मदद करती है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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