औरंगाबाद में 2.48 लाख के नकली नोट बरामद, शिक्षक समेत दो गिरफ्तार; 500 के नोटों की बड़ी खेप जब्त
मदनपुर में पुलिस ने 2.48 लाख रुपये के नकली नोट के साथ सरकारी शिक्षक समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है
निष्कर्ष भारत संवाददाता: बिहार के औरंगाबाद जिले में नकली नोटों के कारोबार का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मदनपुर थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने दोनों के पास से कुल 2.48 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं। बरामद सभी नोट 500 रुपये के हैं। गिरफ्तार आरोपितों में एक सरकारी स्कूल का शिक्षक भी शामिल है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपितों की पहचान मदनपुर थाना क्षेत्र के बाबुबांध गांव निवासी सुरेंद्र कुमार और गया जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र के सोमिया गांव निवासी विजय यादव के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान दोनों ने इस गतिविधि में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
पुलिस की सूचना पर हुई कार्रवाई
मदनपुर पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा को मिली सूचना के आधार पर शुक्रवार की रात कार्रवाई की गई। सूचना के बाद पुलिस टीम ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए दोनों आरोपितों को पकड़ा।
शनिवार को एसडीपीओ आदित्य कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपितों के पास से 500 रुपये के बड़ी संख्या में नकली नोट बरामद किए गए।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोट कहां से आए थे और इन्हें आगे कहां और किस तरह खपाने की तैयारी थी।
शिक्षक के पास मिले 1.48 लाख के नकली नोट
गिरफ्तार आरोपितों में सुरेंद्र कुमार का नाम सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस के मुताबिक सुरेंद्र कुमार गया जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय हबीबपुर में शिक्षक हैं।
पुलिस ने सुरेंद्र के पास से 500 रुपये के 297 नकली नोट बरामद किए। इन नोटों की कुल कीमत 1,48,500 रुपये बताई गई है।
एक सरकारी स्कूल के शिक्षक के पास इतनी बड़ी संख्या में नकली नोट मिलने से पुलिस अब उसके संपर्कों और कथित नेटवर्क की भी जांच कर रही है। हालांकि, नकली नोटों की आपूर्ति और उनके संभावित इस्तेमाल को लेकर पुलिस की विस्तृत जांच अभी जारी है।
दूसरे आरोपित के पास से 1 लाख रुपये बरामद
दूसरे आरोपित विजय यादव के पास से भी पुलिस ने बड़ी मात्रा में नकली नोट बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार उसके पास से 500 रुपये के 200 नकली नोट मिले हैं, जिनकी कुल कीमत 1 लाख रुपये है।
इस तरह दोनों आरोपितों के पास से कुल 497 नकली नोट बरामद हुए हैं। इनकी कुल अंकित कीमत 2,48,500 रुपये है।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या दोनों आरोपित आपस में जुड़े हुए थे और क्या इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।
दोनों ने संलिप्तता स्वीकार करने की बात कही
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपितों ने नकली नोटों से जुड़े इस मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। हालांकि, किसी भी आरोपित का अपराध न्यायालय में साबित होना अभी बाकी है।
पुलिस अब बरामद नोटों के स्रोत, उनके निर्माण अथवा सप्लाई चैन और संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि इन नकली नोटों को बाजार में चलाया गया था या इन्हें चलाने की तैयारी की जा रही थी।
नकली नोटों पर RBI की सख्ती
नकली नोटों को लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से भी बैंकों और संबंधित संस्थानों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश हैं। RBI के अनुसार, संदिग्ध नोटों की मशीन और मैनुअल जांच की जाती है और नकली पाए जाने वाले नोटों को वापस चलन में नहीं लाया जाता, बल्कि उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत जब्त किया जाता है।
RBI की व्यवस्था के अनुसार, बड़ी संख्या में नकली नोट मिलने के मामलों में पुलिस को रिपोर्ट कर जांच की प्रक्रिया अपनाई जाती है। नकली नोटों की छपाई, वितरण और प्रचलन से जुड़े मामलों में गंभीर कानूनी प्रावधान लागू हो सकते हैं।
पूछताछ के बाद दोनों को भेजा गया जेल
मदनपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि दोनों आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने पूछताछ पूरी करने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
फिलहाल पुलिस मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद नकली नोटों का स्रोत क्या है, इन्हें किसे देना था और इस पूरे मामले में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं।
औरंगाबाद में 2.48 लाख रुपये के नकली नोटों की बरामदगी ने नकली करेंसी के संभावित नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की आगे की जांच में इस मामले से जुड़े अन्य लोगों और नकली नोटों के स्रोत का खुलासा होने की उम्मीद है।
भूमि आर्या की रिपोर्ट
