मनेर में बाढ़ का कहर, पक्का मकान ढहा; 6 लोग दबे
मनेर में बाढ़ से घिरा मकान ढहा, मलबे में दबे छह लोग बचाए गए
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। मनेर में बाढ़ का पानी दियारा इलाके के लोगों के लिए लगातार परेशानी का कारण बना हुआ है। सोमवार को किता चौहत्तर पूर्वी पंचायत के छिहत्तर गांव में बाढ़ के पानी से घिरा एक पक्का मकान अचानक भरभराकर गिर गया। मकान के मलबे में महेंद्र राय, परोजन राय और निर्मल राय समेत करीब छह लोगों के दबने की बात सामने आई। तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद लोगों को मलबे से बाहर निकाला।
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल राहत और बचाव का काम शुरू किया। मलबा हटाने के लिए स्थानीय लोग काफी देर तक जुटे रहे। हादसे में कुछ लोगों के घायल होने की जानकारी है। उनका इलाज स्थानीय स्तर पर कराया गया। ग्रामीणों के अनुसार, घायलों की स्थिति अब खतरे से बाहर है।
मनेर में बाढ़ से कमजोर हुई मकान की नींव
ग्रामीणों के मुताबिक, मनेर मकान काफी समय से बाढ़ के पानी से घिरा हुआ था। लगातार पानी जमा रहने के कारण मकान की नींव और दीवारों के कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है। इसी बीच अचानक मकान का एक हिस्सा गिर गया और देखते ही देखते पूरा ढांचा मलबे में तब्दील हो गया।
तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। मकान के अंदर लोगों के दबे होने की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने बिना देर किए बचाव कार्य शुरू किया। हाथों से मलबा हटाकर दबे लोगों को बाहर निकाला गया।
स्थानीय पैक्स अध्यक्ष उपेंद्र कुमार ने बताया कि बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा था। लंबे समय तक पानी से घिरे रहने के कारण मकान कमजोर हो गया था। इसी वजह से हादसा होने की आशंका है।
मनेर प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू की
मनेर में मकान गिरने की सूचना प्रशासन को भी दी गई। अंचलाधिकारी पूजा कुमारी ने बताया कि मकान गिरने की जानकारी मिली है। हालांकि, प्रशासन को किसी व्यक्ति के मलबे में दबने या हताहत होने की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। मामले की जांच की जा रही है।
इससे ग्रामीणों के दावे और प्रशासन को मिली प्रारंभिक सूचना में अंतर भी सामने आया है। ऐसे में हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए और कितने लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया, इसकी स्थिति प्रशासनिक जांच के बाद और स्पष्ट हो सकती है।
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फिलहाल घटनास्थल पर स्थानीय स्तर पर स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित इलाके में अन्य कमजोर मकानों को लेकर भी लोगों में चिंता बनी हुई है।
मनेर के दुधैला में बाढ़ में युवक लापता
मनेर में बाढ़ के बीच दूसरी घटना दुधैला गांव में सामने आई है। यहां 54 वर्षीय मंटू कुमार बाढ़ के पानी में डूबने के बाद लापता हो गए। बताया गया कि वह नजदीकी हाथी टोला गांव की एक दुकान से राशन लेने जा रहे थे।

परिजनों के अनुसार, गांव के बाहर मुंजी टोला पुल के पास अचानक उनका पैर फिसल गया। इसके बाद वह गहरे पानी में चले गए। पानी का बहाव तेज होने के कारण वह देखते ही देखते बह गए और फिर उनका कोई पता नहीं चल सका। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन और ग्रामीण उनकी तलाश में जुट गए। आसपास के इलाके में काफी देर तक खोजबीन की गई, लेकिन मंटू कुमार का सुराग नहीं मिला।
तेज धारा के कारण तलाश में परेशानी
ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी परेशानी बाढ़ के पानी का तेज बहाव है। गहरे पानी और तेज धारा के कारण लापता व्यक्ति की तलाश करना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीण अपने स्तर से आसपास के इलाकों में खोजबीन कर रहे हैं।
घटना की जानकारी प्रशासन को भी दी गई है। अब राहत और बचाव टीम की मदद से मंटू कुमार की तलाश किए जाने की उम्मीद है। परिजनों का कहना है कि पानी का बहाव कम होने पर खोज अभियान में आसानी हो सकती है।
बाढ़ ने बढ़ाई दियारा क्षेत्र की मुश्किलें
मनेर के दियारा इलाकों में बाढ़ का पानी लगातार लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। कई स्थानों पर घर पानी से घिरे हुए हैं। ऐसे में कमजोर मकानों के गिरने और लोगों के आवागमन के दौरान हादसे का खतरा बना हुआ है। छिहत्तर गांव में मकान गिरने की घटना ने बाढ़ प्रभावित परिवारों की चिंता और बढ़ा दी है।
वहीं दुधैला में एक व्यक्ति के लापता होने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मकान हादसे की प्रशासनिक जांच और मंटू कुमार की तलाश पर लोगों की नजर है। बाढ़ की स्थिति के बीच कमजोर मकानों और तेज बहाव वाले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
पटना से राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
