हादसा : मुंगेर में दो इंजन आमने-सामने टकराए, एक बेपटरी

मुंगेर में दो इंजन टकराए, एक बेपटरी हो गया
  • जमालपुर लोको शेड में मंगलवार को शंटिंग के दौरान हुआ हादसा
  • जांच का दिया गया आदेश, कई पर गिरेगा गाज, मचा हड़कंप

निष्कर्ष भारत संवाददाता मुंगेर। मुंगेर के जमालपुर लोको शेड में मंगलवार को शंटिंग के दौरान एक बड़ी रेल दुर्घटना सामने आई। दोपहर करीब डेढ़ बजे एक ही रेल पटरी पर आमने-सामने पहुंचे दो इंजन आपस में टकरा गए। टक्कर के बाद एक इंजन बेपटरी हो गया और उसके पहिए पटरी से उतरकर झाड़ी और जंगल से घिरी जमीन तक जा पहुंचे। हादसे के दौरान जिस रेल लाइन पर दोनों इंजन भिड़े, उसके पलट जाने की भी जानकारी सामने आई है।

वही इस घटना के बाद मुंगेर के जमालपुर लोको शेड में अफरातफरी मच गई। हादसे के समय इंजन संख्या 28279 और 27679 की शंटिंग की जा रही थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, प्वाइंट क्लियर हुए बिना दोनों इंजनों को एक ही लाइन पर भेज दिया गया। हालांकि रेलवे ने अभी तक किसी कर्मचारी की गलती की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घटना के कारणों की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

मुंगेर के जमालपुर लोको शेड में कैसे हुआ हादसा

बताया जा रहा है कि मंगलवार दोपहर मुंगेर के जमालपुर लोको शेड में दोनों इंजनों की शंटिंग प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान दोनों इंजन एक ही पटरी पर आमने-सामने आ गए। जब कर्मचारियों ने दोनों इंजनों को एक-दूसरे की ओर आते देखा तो वहां अफरातफरी की स्थिति बन गई।

शंटिंग के दौरान इंजन की गति सामान्य रूप से कम रहती है, लेकिन इसके बावजूद दोनों इंजनों की टक्कर इतनी जोरदार हुई कि एक इंजन पटरी से उतर गया। इंजन के पहिए लाइन से बाहर निकलकर आसपास की झाड़ियों और जंगल वाले हिस्से में जा पहुंचे।

बता दे की मुंगेर में हुए हादसे के बाद लोको शेड के कर्मचारियों ने तत्काल स्थिति को संभालने की कोशिश शुरू की। घटना की जानकारी रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।

प्वाइंट क्लियर हुए बिना एक लाइन पर पहुंचे इंजन

प्रारंभिक जानकारी में यह बात सामने आई है कि शंटिंग के दौरान प्वाइंट क्लियर हुए बिना दोनों इंजनों को एक ही लाइन पर भेज दिया गया। इसी वजह से दोनों इंजन आमने-सामने आ गए।

रेलवे के लोको शेड में इंजन की आवाजाही के लिए शंटिंग प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसमें अलग-अलग लाइनों पर इंजन को सुरक्षित तरीके से ले जाने के लिए प्वाइंट और सिग्नल व्यवस्था का सही संचालन जरूरी होता है।

ऐसे संवेदनशील स्थान पर एक ही लाइन पर दो इंजनों के पहुंचने की घटना ने शंटिंग प्रक्रिया और प्वाइंट संचालन की निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि तकनीकी खराबी, संचालन संबंधी चूक या किसी अन्य कारण से दोनों इंजन एक ही पटरी पर पहुंचे।

मुंगेर हादसे के बाद अधिकारियों ने किया निरीक्षण

घटना की सूचना मिलते ही सीनियर डीएमई (डीजल) कृष्ण कुमार दास सहित रेलवे के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां मौजूद कर्मचारियों से हादसे के संबंध में जानकारी ली।

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अधिकारियों ने टक्कर के स्थान, पटरी की स्थिति और बेपटरी हुए इंजन का भी जायजा लिया। हादसे की परिस्थितियों को समझने के लिए मौके पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की गई।

रेलवे की ओर से घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों इंजन एक ही लाइन पर कैसे पहुंच गए।

बेपटरी इंजन को पटरी पर लाने का काम शुरू

हादसे के बाद मुख्यालय के निर्देश पर जमालपुर स्टेशन से एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन को लोको शेड भेजा गया। रिलीफ ट्रेन के पहुंचने के बाद बेपटरी इंजन को दोबारा पटरी पर लाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

रेलवे कर्मियों की टीम ने आवश्यक उपकरणों की मदद से इंजन को उठाने और उसे सुरक्षित तरीके से रेल लाइन पर वापस लाने का काम शुरू किया। देर शाम तक राहत और बहाली का कार्य जारी रहा।

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मुंगेर में हुए बेपटरी इंजन को दोबारा पटरी पर लाने के साथ क्षतिग्रस्त रेल लाइन की स्थिति की भी जांच की जा रही थी। घटना के बाद लोको शेड में सामान्य गतिविधियों को व्यवस्थित करने की कोशिश की गई।

शंटिंग व्यवस्था पर उठे सुरक्षा के सवाल

मुंगेर के जमालपुर लोको शेड में हुई इस घटना ने रेलवे की शंटिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लोको शेड में रोजाना बड़ी संख्या में इंजन और दूसरे रेल संसाधनों की आवाजाही होती है। ऐसे में प्वाइंट संचालन और इंजन की आवाजाही के बीच बेहतर समन्वय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

एक ही पटरी पर दो इंजनों का आमने-सामने आ जाना यह सवाल पैदा करता है कि शंटिंग के दौरान प्वाइंट और लाइन की निगरानी किस स्तर पर की जा रही थी। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि दोनों इंजनों को एक ही लाइन पर जाने की अनुमति किस परिस्थिति में मिली। हालांकि, इन सवालों के जवाब विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

कर्मचारी की गलती की अभी पुष्टि नहीं

बता दे की मुंगेर के घटना के बाद शुरुआती तौर पर प्वाइंट क्लियर नहीं होने के बावजूद दोनों इंजनों के एक ही लाइन पर पहुंचने की बात कही जा रही है। लेकिन रेलवे की ओर से किसी कर्मचारी की गलती की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

जांच के दौरान तकनीकी व्यवस्था, प्वाइंट संचालन, शंटिंग प्रक्रिया और मौके पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका समेत सभी पहलुओं को देखा जा सकता है। रेलवे अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद ही जिम्मेदारी तय होने की स्थिति बनेगी।

फिलहाल प्राथमिकता बेपटरी इंजन को पटरी पर लाने और लोको शेड की व्यवस्था को सामान्य करने की है। साथ ही रेलवे यह पता लगाने में जुटा है कि हादसे की वास्तविक वजह क्या थी और भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए किन स्तरों पर सुधार की जरूरत है। मुंगेर के जमालपुर लोको शेड में हुई यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शंटिंग के दौरान आमतौर पर इंजन नियंत्रित गति से संचालित किए जाते हैं। इसके बावजूद टक्कर से इंजन के बेपटरी होने और रेल पटरी के पलटने की स्थिति ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत सामने ला दी है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट