PM मोदी के जन्मदिन पर 100 करोड़ खर्च! आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम पर तेजस्वी ने भाजपा को घेरा

तेजस्वी का 100 करोड़ पर सरकार से सवाल

बाढ़ के बीच मोदी के जन्मदिन पर 100 करोड़ खर्च के आरोप पर तेजस्वी का हमला

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। विश्वकर्मा पूजा के मौके पर बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को लेकर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस कार्यक्रम को लेकर राज्य सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि एक तरफ बिहार की बड़ी आबादी बाढ़ की परेशानी से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन से जुड़े कार्यक्रमों के लिए किया जा रहा है।

तेजस्वी यादव 100 करोड़ रुपये के खर्च को लेकर सरकार से सवाल पूछते हुए कहा कि जब राज्य में बाढ़ से लोग परेशान हैं और राहत की जरूरत है, तब सरकारी स्तर पर दीया-बाती और अन्य आयोजनों पर इतनी बड़ी राशि खर्च करने की क्या जरूरत है। हालांकि, 100 करोड़ रुपये खर्च होने का यह आंकड़ा तेजस्वी यादव के आरोप के तौर पर सामने आया है।

‘आशीर्वाद का दीया’ पर तेजस्वी का तीखा हमला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर भाजपा की ओर से ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का आह्वान किया गया है। इसके तहत लोगों से दीया जलाने की अपील की गई है। बिहार में भी इस कार्यक्रम को लेकर सरकारी संस्थानों और स्कूलों में तैयारियों की खबरें सामने आई हैं।

इसी मुद्दे पर तेजस्वी यादव ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि जनता इन कार्यक्रमों से स्वाभाविक रूप से नहीं जुड़ रही है और सरकारी कर्मचारियों या शिक्षकों को इसमें शामिल होने के निर्देश दिए जा रहे हैं, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है।

तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार के सरकारी अधिकारी निष्पक्ष प्रशासन चलाने के बजाय भाजपा के कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं। यह बयान विपक्ष की ओर से लगाया गया राजनीतिक आरोप है, जिस पर सरकार या संबंधित अधिकारियों का पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।

बिहार की बाढ़ के बीच मोदी के जन्मदिन का मुद्दा

तेजस्वी यादव ने अपने बयान में बिहार की बाढ़ की स्थिति को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में लोग बाढ़ से परेशान हैं। लोगों के सामने घर, भोजन, स्वास्थ्य, आवागमन और दूसरी जरूरी सुविधाओं की समस्या बनी हुई है।

हालिया रिपोर्टों के अनुसार बिहार में बाढ़ से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। तेजस्वी यादव ने इसी स्थिति का हवाला देते हुए सरकार से पूछा कि इस समय प्राथमिकता बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाना होनी चाहिए या फिर बड़े स्तर पर उत्सव आयोजित करना।

उनका कहना है कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता, सुरक्षित स्थान, भोजन और जरूरी सुविधाओं की जरूरत है। ऐसे समय में सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए।

100 करोड़ रुपये के खर्च पर उठाए सवाल

तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि इतनी बड़ी राशि बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद पर खर्च की जाती, तो इसका सीधा लाभ संकट में फंसे परिवारों को मिल सकता था।

उन्होंने सवाल उठाया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री, स्वास्थ्य सुविधाओं, सुरक्षित आवागमन और अन्य जरूरी इंतजामों की जरूरत है। ऐसे में सरकारी पैसे को उत्सव और प्रचार से जुड़े कार्यक्रमों पर खर्च करने का औचित्य क्या है।

हालांकि, यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 100 करोड़ रुपये खर्च होने की बात तेजस्वी यादव के दावे के रूप में सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्टों में भी इसे उनके आरोप के तौर पर ही उद्धृत किया गया है।

मोदी कार्यक्रम को लेकर शिक्षक भी सियासत के केंद्र में

‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की भूमिका पर भी तेजस्वी यादव ने सवाल उठाए। उनका आरोप है कि शिक्षकों को पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों से इतर सरकारी स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में लगाया जा रहा है।

बिहार के कुछ जिलों में सरकारी संस्थानों और स्कूलों में दीप प्रज्वलन से जुड़ी तैयारियों और निर्देशों की रिपोर्ट सामने आई है। इससे विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मुद्दा मिल गया है।

तेजस्वी का कहना है कि शिक्षकों का मुख्य काम बच्चों की शिक्षा और विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाना है। इसलिए उन्हें राजनीतिक रंग वाले कार्यक्रमों से दूर रखा जाना चाहिए।

महंगाई और बेरोजगारी को लेकर भी सरकार पर निशाना

तेजस्वी यादव ने अपने बयान को केवल बाढ़ और दीया कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों को भी उठाया।

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उन्होंने कहा कि आम लोगों के सामने रोजगार और महंगाई बड़ी चुनौतियां हैं। वहीं सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे समय में सरकार को इन मूल समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार जरूरी मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाकर प्रचार और आयोजन पर अधिक जोर दे रही है। उनके अनुसार जनता को राहत और बुनियादी सुविधाओं की जरूरत है, न कि केवल बड़े आयोजनों की।

‘जनता परेशान, सरकार जश्न में व्यस्त’ का आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार की जनता मुश्किल दौर से गुजर रही है। बाढ़ प्रभावित परिवार राहत का इंतजार कर रहे हैं, जबकि सरकार प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन से जुड़े कार्यक्रमों की तैयारियों में लगी है।

उन्होंने प्रशासनिक संसाधनों और सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर भी आपत्ति जताई। तेजस्वी यादव का कहना है कि जनता के पैसे का इस्तेमाल ऐसे कामों में होना चाहिए, जिससे सीधे आम लोगों को फायदा मिले।

‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर बिहार में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ भाजपा इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और सेवा से जुड़े अभियान के रूप में आगे बढ़ा रही है, वहीं विपक्ष इसे लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठा रहा है।

फिलहाल इस पूरे मामले ने बिहार की राजनीति में बाढ़ राहत, सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल और प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष की ओर से इस मुद्दे पर और बयान सामने आने की संभावना है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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