राघोपुर के बाढ़ राहत शिविर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री, व्यवस्थाओं का लिया जायजा, कहा- परेशानी नहीं होनी चाहिए

राघोपुर

राघोपुर राहत शिविर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री, व्यवस्थाओं का लिया जायजा

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। राघोपुर बाढ़ राहत शिविर में गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री निशांत पहुंचे और बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच मंत्री ने शिविर में रह रहे परिवारों से बातचीत की और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राहत शिविर में रहने वाले लोगों को इलाज, दवा या किसी अन्य जरूरी सुविधा के लिए परेशानी नहीं होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान राघोपुर में स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा दल से बातचीत कर राघोपुर शिविर में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति जानी। उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों से दवाओं के स्टॉक, मरीजों की संख्या और इलाज की जरूरतों के बारे में जानकारी ली। साथ ही जरूरत के अनुसार अतिरिक्त चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

राघोपुर राहत शिविर में व्यवस्थाओं की समीक्षा

राघोपुर में स्वास्थ्य मंत्री के दौरे का मुख्य उद्देश्य बाढ़ प्रभावित लोगों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेना था। शिविर में मौजूद चिकित्सा दल से उन्होंने यह भी जाना कि बाढ़ के कारण प्रभावित लोगों में किस तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं सामने आ रही हैं।

बाढ़ के दौरान राघोपुर राहत शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों के रहने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव रहता है। ऐसे में समय पर दवा, डॉक्टर और जरूरी उपचार उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण माना जाता है। मंत्री ने अधिकारियों को इसी को ध्यान में रखते हुए लगातार निगरानी रखने को कहा।

स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जरूरी निर्देश

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने अधिकारियों से कहा कि राघोपुर के राहत शिविर में रह रहे लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। जरूरतमंद लोगों तक आवश्यक दवाएं और चिकित्सा सुविधाएं समय पर पहुंचनी चाहिए।

निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: IIT Patna में पुलिस और दिग्गजों की मौजूदगी .. शराब और शबाब’ वाली महफिल का सच क्या ?

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। यदि किसी स्थान पर मरीजों की संख्या बढ़ती है या किसी विशेष चिकित्सा सुविधा की जरूरत पड़ती है, तो वहां तत्काल अतिरिक्त चिकित्सा टीम और संसाधन उपलब्ध कराने को कहा गया।

मंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों को राहत देने के साथ-साथ बीमारियों से बचाव और समय पर इलाज की व्यवस्था भी जरूरी है।

राघोपुर में प्रभावित परिवारों पर सरकार का फोकस

बाढ़ के कारण कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। ऐसे में राहत शिविर लोगों के लिए अस्थायी सहारा बने हुए हैं। शिविरों में भोजन, रहने की व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी प्रशासन के साथ संबंधित विभागों की भी है।

स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत शिविरों में मौजूद लोगों की जरूरतों पर लगातार नजर रखी जाए। किसी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल चिकित्सा सहायता मिले और गंभीर स्थिति में बेहतर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

आपदा पीड़ितों के अधिकार का किया जिक्र

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने अपने पिता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस कथन का भी उल्लेख किया, जिसमें सरकारी खजाने पर सबसे पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का बताया जाता रहा है।

उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत और जरूरी सहायता पहुंचाने का काम किया जा रहा है। आपदा के समय सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है।

मंत्री ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत देने में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि शिविरों में रहने वाले लोगों को आवश्यक सुविधाएं लगातार मिलती रहें।

स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी पर जोर

बाढ़ के दौरान दूषित पानी, गंदगी और बदलते मौसम के कारण कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में राहत शिविरों में स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत रखना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। मंत्री ने चिकित्सा टीमों को सतर्क रहने और जरूरत के अनुसार लोगों की जांच करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिविरों में दवाओं की उपलब्धता की नियमित समीक्षा की जाए। किसी आवश्यक दवा की कमी होने पर उसकी आपूर्ति तुरंत सुनिश्चित की जाए। साथ ही प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी भी दी जाए, ताकि बीमारी की स्थिति को गंभीर होने से पहले नियंत्रित किया जा सके।

बाढ़ प्रभावितों को राहत देने का दावा

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। राहत और बचाव का काम लगातार जारी है और जरूरत के अनुसार सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। राघोपुर में स्वास्थ्य मंत्री का दौरा ऐसे समय हुआ है जब राज्य के कई इलाकों में बाढ़ का असर बना हुआ है। ऐसे में राहत शिविरों की व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के बाद अब यह देखना होगा कि शिविरों में चिकित्सा सुविधाओं और दवाओं की उपलब्धता किस तरह बनी रहती है तथा जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता कितनी तेजी से पहुंचाई जाती है।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

You may have missed