रेलवे का बड़ा एक्शन, 20 ट्रेनों की पैंट्री कारों में चला चेकिंग अभियान; 34 कार्टन अनधिकृत पानी जब्त

रेलवे

पटना जंक्शन पर रेलवे का बड़ा चेकिंग अभियान, 20 ट्रेनों की पैंट्री कारों की जांच में 34 कार्टन अनधिकृत पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर जब्त।

निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना: पटना जंक्शन से गुजरने वाली ट्रेनों में यात्रियों को उपलब्ध कराए जा रहे खाने-पीने के सामान और पेयजल की गुणवत्ता को लेकर रेलवे ने बड़ा जांच अभियान चलाया। रेलवे बोर्ड के निर्देश पर दानापुर मंडल के वाणिज्य विभाग ने पटना जंक्शन पर करीब 20 ट्रेनों की पैंट्री कार और मिनी पैंट्री की जांच की। इस दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई, निर्धारित कीमत, वजन-माप और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर समेत कैटरिंग व्यवस्था से जुड़े कई मानकों की पड़ताल की गई।

जांच के दौरान ट्रेन संख्या 15667 की पैंट्री कार से 34 कार्टन अनधिकृत पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर बरामद हुआ। रेलवे की टीम ने पानी के सभी कार्टन जब्त कर लिए। संबंधित पैंट्री कार मैनेजर और कैटरिंग स्टाफ को नियमों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी गई।

1. सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक चला चेकिंग अभियान

रेलवे बोर्ड के निर्देश पर दानापुर मंडल के वाणिज्य विभाग की ओर से पटना जंक्शन पर फोर्ट्रेस चेकिंग अभियान चलाया गया। यह अभियान सोमवार को सुबह करीब 8 बजे शुरू हुआ और रात 10 बजे तक जारी रहा।

अभियान का नेतृत्व एसीएम/टीसी दानापुर प्रदीप कुमार ने किया। उनके नेतृत्व में वाणिज्य निरीक्षकों की टीम ने पटना जंक्शन से गुजरने वाली ट्रेनों की पैंट्री कार और मिनी पैंट्री का निरीक्षण किया।

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रेलवे का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि ट्रेनों में यात्रियों को बेचे जा रहे खाद्य और पेय पदार्थ रेलवे के निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। इसके साथ ही कैटरिंग स्टाफ द्वारा यात्रियों से निर्धारित कीमत ही वसूली जा रही है या नहीं, इसकी भी जांच की गई।

2. करीब 20 ट्रेनों की पैंट्री कार जांच के दायरे में

अभियान के दौरान पटना जंक्शन से गुजरने वाली करीब 20 ट्रेनों की पैंट्री कार और मिनी पैंट्री को जांच के दायरे में लिया गया।

जिन ट्रेनों की पैंट्री व्यवस्था की जांच की गई, उनमें 12309, 12393, 12303, 15657, 12367, 12391 और 13239 समेत कई ट्रेनें शामिल थीं।

रेलवे अधिकारियों ने पैंट्री कार में रखे खाद्य पदार्थों की स्थिति, उनके रख-रखाव और भंडारण की व्यवस्था को देखा। इसके अलावा पेयजल की उपलब्धता और उसकी वैधता की भी जांच की गई।

अधिकारियों ने यह भी देखा कि यात्रियों को सामान बेचते समय बिल या रसीद दी जा रही है या नहीं और पैंट्री में निर्धारित दर सूची प्रदर्शित की गई है या नहीं।

3. ट्रेन 15667 में मिला 34 कार्टन अनधिकृत पानी

चेकिंग अभियान के दौरान रेलवे टीम को ट्रेन संख्या 15667 की पैंट्री कार में 34 कार्टन पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर मिला। रेलवे के अनुसार यह पानी अनधिकृत और अनुमोदित नहीं था।

पानी के कार्टन मिलने के बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी 34 कार्टन जब्त कर लिए। रेलवे अधिकारियों ने संबंधित पैंट्री कार मैनेजर को नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी।

कैटरिंग स्टाफ को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि यात्रियों को केवल अनुमोदित और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर उपलब्ध कराया जाए।

रेलवे की इस कार्रवाई के बाद पैंट्री कारों में इस्तेमाल होने वाले पेयजल की गुणवत्ता और अधिकृत ब्रांड को लेकर निगरानी बढ़ने की उम्मीद है।

4. खाने की गुणवत्ता से लेकर साफ-सफाई तक की जांच

रेलवे का यह अभियान सिर्फ पैकेज्ड पानी की जांच तक सीमित नहीं रहा। टीम ने पैंट्री कार में रखे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई की भी पड़ताल की।

खाने-पीने की सामग्री किस तरह रखी गई है, उसका भंडारण उचित तरीके से हो रहा है या नहीं और पैंट्री में स्वच्छता के मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं, इन सभी बिंदुओं की जांच की गई।

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कैटरिंग कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता को भी जांच का हिस्सा बनाया गया। यात्रियों को खाना और पेय पदार्थ उपलब्ध कराने वाले कर्मचारियों के साफ-सफाई संबंधी मानकों पर भी अधिकारियों ने ध्यान दिया।

रेलवे का कहना है कि यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना कैटरिंग व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

5. निर्धारित कीमत और बिल की भी हुई जांच

ट्रेनों में अक्सर यात्रियों को खाने-पीने की चीजों के लिए अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायतें सामने आती हैं। इसी को देखते हुए रेलवे टीम ने पैंट्री कार में निर्धारित दर सूची की भी जांच की।

अधिकारियों ने यह देखा कि सामान की कीमत निर्धारित दर के अनुसार है या नहीं और यात्रियों से अतिरिक्त पैसे तो नहीं लिए जा रहे हैं।

इसके साथ ही यात्रियों को सामान खरीदने के बाद बिल या रसीद उपलब्ध कराने की व्यवस्था की भी जांच की गई। खाद्य सामग्री का सही वजन और माप भी जांच के दायरे में रखा गया।

इस दौरान कैटरिंग स्टाफ को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि यात्रियों से निर्धारित कीमत ही ली जाए और बिक्री के दौरान नियमों का पालन किया जाए।

6. पैंट्री मैनेजर और कैटरिंग स्टाफ को चेतावनी

जांच के दौरान रेलवे अधिकारियों ने पैंट्री कार मैनेजर और कैटरिंग कर्मचारियों को किसी भी तरह की अनियमितता से बचने की सख्त हिदायत दी।

अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों को स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराए जाने चाहिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आने पर संबंधित एजेंसी और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

34 कार्टन अनधिकृत पानी की बरामदगी को रेलवे की नियमित निगरानी व्यवस्था के तहत महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।

7. यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा पर रेलवे का फोकस

पटना जंक्शन बिहार के सबसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में शामिल है और यहां से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री अलग-अलग शहरों के लिए ट्रेन पकड़ते हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों के लिए पैंट्री कार और कैटरिंग सेवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

ऐसे में खाने और पेयजल की गुणवत्ता सीधे यात्रियों की सुविधा और स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। रेलवे की ओर से समय-समय पर पैंट्री कारों की जांच किए जाने का उद्देश्य कैटरिंग व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखना है।

खासकर लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों को स्वच्छ भोजन, सुरक्षित पेयजल और उचित कीमत पर सामान उपलब्ध कराना जरूरी है।

8. आगे भी जारी रहेगी औचक जांच

रेल प्रशासन के अनुसार ट्रेनों में यात्रियों को बेहतर कैटरिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए औचक जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।

जांच के दौरान यदि किसी पैंट्री कार में अनधिकृत खाद्य पदार्थ, पेयजल, अधिक कीमत वसूली, साफ-सफाई में कमी या अन्य अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पटना जंक्शन पर चलाए गए इस अभियान से साफ है कि रेलवे अब ट्रेनों में खान-पान और पेयजल की व्यवस्था को लेकर निगरानी बढ़ा रहा है। 20 ट्रेनों की पैंट्री कारों की जांच और ट्रेन 15667 से 34 कार्टन अनधिकृत पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की जब्ती इसी सख्ती का हिस्सा है।

रेलवे की इस कार्रवाई के बाद यात्रियों को उम्मीद है कि ट्रेनों में मिलने वाले भोजन और पेयजल की गुणवत्ता बेहतर होगी और निर्धारित कीमत से जुड़ी शिकायतों पर भी प्रभावी तरीके से नियंत्रण किया जाएगा।

Nishkarsh Bharat

रिपोर्ट कीमती कुमारी

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