तेजस्वी का लखींद्र पासवान पर गंभीर आरोप, कहा- खराब सड़क की खबर दिखाई तो यूट्यूबर पत्रकार पर हुई पुलिसिया कार्रवाई

लखींद्र पासवान

लखींद्र पासवान पर तेजस्वी ने पत्रकार केस को लेकर सवाल उठाए

निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना। लखींद्र पासवान को लेकर बिहार की राजनीति में मंगलवार को सियासी बयानबाजी तेज हो गई। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने वैशाली के एक यूट्यूबर पत्रकार के मामले को लेकर मंत्री लखींद्र पासवान पर गंभीर आरोप लगाए। तेजस्वी ने दावा किया कि खराब सड़क से जुड़ी खबर और वीडियो सामने आने के बाद पत्रकार पर पुलिसिया कार्रवाई की गई और उसे कथित तौर पर फर्जी मुकदमे में जेल भेजा गया। हालांकि, इन आरोपों पर मंत्री, सरकार और संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।

तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले को उठाते हुए बिहार सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पुलिसिया अत्याचार बढ़ रहा है और लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ऐसे मामलों से पुलिस के प्रति आम लोगों का भरोसा कमजोर हो रहा है।

लखींद्र पासवान पर क्या आरोप लगाए गए

तेजस्वी यादव के मुताबिक वैशाली के जिस यूट्यूबर पत्रकार का मामला सामने आया है, वह अपने क्षेत्र की खराब सड़क को लेकर वीडियो बना रहा था। आरोप है कि इसी वजह से स्थानीय स्तर पर विवाद पैदा हुआ और बाद में पुलिस ने पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई की।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकार की ओर से बताई गई आपबीती के अनुसार, 19 तारीख की रात पुलिस उसके घर पहुंची। पत्रकार ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया और हथियार दिखाकर उसे घर से थाने ले गए। उसने परिवार के सदस्यों के साथ भी कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किए जाने का दावा किया।

पत्रकार के अनुसार, थाने ले जाने के दौरान उसके साथ मारपीट भी की गई। बाद में उसे दूसरे थाना क्षेत्र में ले जाकर हिरासत में रखने का आरोप लगाया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पत्रकार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

यूट्यूबर पत्रकार ने दावा किया कि पुलिस की ओर से उस पर लखींद्र पासवान के माध्अयम से अलग-अलग मामलों में नाम जोड़ने या हथियार बरामदगी स्वीकार करने का दबाव बनाया गया। उसके मुताबिक, बाद में उसके खिलाफ मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया।

पत्रकार का यह भी दावा है कि अदालत में मामले की सुनवाई के बाद उसे बॉन्ड पेपर पर रिहा कर दिया गया। इसी घटनाक्रम को आधार बनाकर तेजस्वी यादव ने पुलिस कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठाया और पूरे मामले की जांच की मांग की।

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यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि पत्रकार की ओर से लगाए गए आरोप और तेजस्वी यादव के दावे अभी राजनीतिक बयान और शिकायत के स्तर पर हैं। मामले की वास्तविक स्थिति जांच और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

लखींद्र पासवान पर पुलिस दबाव का आरोप

मामले में पत्रकार ने स्थानीय नेता और मंत्री लखींद्र पासवान का नाम लिया। उसका आरोप है कि विधानसभा क्षेत्र की सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर बनाए जा रहे वीडियो से मंत्री नाराज थे और इसी के बाद पुलिस कार्रवाई हुई।

तेजस्वी यादव ने कहा कि यदि पुलिस पर लखींद्र पासवान की ओर से दबाव बनाने की बात सामने आती है तो सरकार को इसकी निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारी और डीएसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई।

तेजस्वी ने विधानसभा में माइक तोड़ने से जुड़े पुराने विवाद का जिक्र करते हुए भी सरकार पर निशाना साधा। उनका सवाल था कि जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों में कार्रवाई का मापदंड समान क्यों नहीं होना चाहिए।

तेजस्वी ने दी आंदोलन की चेतावनी

तेजस्वी यादव ने कहा कि यदि संबंधित थाना प्रभारी और डीएसपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो राष्ट्रीय जनता दल आंदोलन करेगा। उन्होंने जरूरत पड़ने पर वैशाली बंद कराने की चेतावनी भी दी।

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नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पुलिस पर लगातार गंभीर आरोप लगना लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था दोनों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने दावा किया कि आरजेडी ऐसे मामलों को लेकर चुप नहीं बैठेगी और जरूरत पड़ने पर सड़क पर उतरकर विरोध करेगी।

पुलिस पर भरोसे को लेकर सवाल

तेजस्वी यादव ने कहा कि आम लोगों की शिकायतों पर यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती है तो पुलिस के प्रति भरोसा प्रभावित होता है। उन्होंने बिहार में फर्जी मुकदमों, कथित पुलिसिया ज्यादती और हिरासत से जुड़े आरोपों का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा।

उन्होंने जाले के एक लखींद्र पासवान पर पत्रकार को कथित तौर पर गाली देने का आरोप लगाते हुए भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि पत्रकारों के साथ किसी भी तरह का दबाव या दुर्व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।

अब मंत्री और पुलिस के जवाब का इंतजार

लखींद्र पासवान से जुड़े इस मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि पत्रकार की ओर से लगाए गए आरोपों पर लखींद्र पासवान और संबंधित पुलिस अधिकारी क्या जवाब देते हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि पत्रकार के खिलाफ दर्ज मामले की कानूनी स्थिति क्या थी और अदालत ने किन परिस्थितियों में उसे रिहा किया।

फिलहाल तेजस्वी यादव के आरोपों ने बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक तरफ आरजेडी इसे पुलिसिया कार्रवाई और सत्ता के कथित दबाव का मुद्दा बता रही है, वहीं दूसरी तरफ पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर संबंधित पक्षों के जवाब और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही साफ होगी।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट