बाढ़ के बीच लालू यादव का केंद्र और बिहार सरकार पर हमला, बोले- ‘हम भीख नहीं मांग रहे, क्रेडिट के हिसाब से पैसा दो’

लालू यादव

बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव का केंद्र और राज्य सरकार पर हमला, बोले— “हम भीख नहीं मांग रहे, बिहार को उसके क्रेडिट के अनुरूप पैसा दो और बाढ़ का स्थायी समाधान करो।”

पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट पटना: बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने केंद्र सरकार और बिहार की एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। लालू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए बिहार को मिलने वाली केंद्रीय सहायता, बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान, पलायन और राज्य के कम क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो (CDR) को लेकर कई सवाल उठाए।

आरजेडी प्रमुख ने कहा कि बिहार किसी से भीख नहीं मांग रहा है, बल्कि राज्य के लोगों के योगदान और बैंकिंग व्यवस्था में जमा धन के अनुपात में विकास के लिए उचित संसाधनों की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा, “हम भीख नहीं मांग रहे हैं, क्रेडिट के अनुरूप पैसा बिहार को दो।”

लालू यादव ने दावा किया कि एक दशक बाद बिहार भीषण बाढ़ की स्थिति का सामना कर रहा है, जबकि राज्य सरकार वित्तीय दबाव और संसाधनों की कमी से जूझ रही है। उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों जगह एनडीए की सरकार होने के बावजूद बिहार की बुनियादी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकल पाने पर सवाल खड़े किए।

बाढ़ के बीच सरकारों पर लालू यादव का बड़ा हमला

लालू प्रसाद यादव ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि बिहार लंबे समय से बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा का सामना करता रहा है, लेकिन सरकारों को केवल राहत और बचाव तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हर साल या कुछ वर्षों के अंतराल पर बाढ़ आने के बाद राहत सामग्री बांटने और अस्थायी इंतजाम करने के बजाय सरकार को इस समस्या का स्थायी समाधान तलाशना चाहिए।

आरजेडी प्रमुख ने आरोप लगाया कि बाढ़ के दौरान लोगों को राहत पहुंचाना जरूरी है, लेकिन केवल राहत वितरण से बिहार की समस्या खत्म नहीं होगी। उन्होंने सरकार से नदियों के प्रबंधन, जल निकासी और बाढ़ नियंत्रण के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार करने की मांग की।

लालू यादव के इस बयान को बिहार की मौजूदा बाढ़ की स्थिति के बीच राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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‘हमने सत्ता और विपक्ष दोनों में बिहार के लिए लड़ाई लड़ी’

लालू यादव ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता में रहते हुए भी और विपक्ष में रहते हुए भी बिहार और बिहार के लोगों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई है।

उन्होंने कहा कि बिहार के विकास और राज्य को उचित संसाधन दिलाने की लड़ाई उनके राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।

लालू यादव ने अपने पुराने संसदीय भाषण का वीडियो भी साझा किया और कहा कि उन्होंने पहले भी संसद में बिहार के आर्थिक हितों और राज्य को मिलने वाले संसाधनों का मुद्दा उठाया था।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 में भी उन्होंने बिहार के अधिकारों की बात की थी, जब केंद्र में यूपीए सरकार थी और बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार चल रही थी।

लालू का कहना है कि बिहार के हितों का सवाल किसी राजनीतिक दल या सरकार तक सीमित नहीं होना चाहिए।

2004 से 2009 के बीच 1.44 लाख करोड़ रुपये दिलाने का दावा

लालू प्रसाद यादव ने अपने बयान में वर्ष 2004 से 2009 के दौर का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि यूपीए-1 सरकार के दौरान रेल मंत्री रहते हुए उन्होंने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर बिहार के विकास कार्यों के लिए बड़ी राशि दिलाई।

लालू यादव के अनुसार, उस समय आरजेडी के 24 सांसद थे और उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह तथा सोनिया गांधी के सहयोग से बिहार के लिए विकास योजनाओं और परियोजनाओं के तहत करीब 1.44 लाख करोड़ रुपये की राशि दिलाई।

उन्होंने आरोप लगाया कि बाद के वर्षों में इसी दौर में मिले संसाधनों और विकास योजनाओं के आधार पर बिहार सरकार ने अपने विकास मॉडल को आगे बढ़ाया।

लालू यादव के इस दावे के बाद बिहार की राजनीति में केंद्र से मिलने वाली सहायता और राज्य के विकास में विभिन्न सरकारों की भूमिका को लेकर बहस तेज हो सकती है।

‘बिहार से 30 NDA सांसद, फिर भी दिल्ली में नहीं हो रही सुनवाई’

आरजेडी प्रमुख ने बिहार से एनडीए के सांसदों की संख्या का मुद्दा भी उठाया।

उन्होंने कहा कि बिहार से एनडीए के करीब 30 सांसद होने के बावजूद राज्य की समस्याओं को दिल्ली में अपेक्षित गंभीरता से नहीं उठाया जा रहा है।

लालू यादव ने सवाल किया कि जब केंद्र और बिहार दोनों जगह एनडीए की सरकार है और बिहार से बड़ी संख्या में एनडीए सांसद संसद में मौजूद हैं, तब भी राज्य की सबसे बड़ी समस्याओं में शामिल बाढ़ का स्थायी समाधान क्यों नहीं निकल पाया।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिनिधित्व का फायदा बिहार की जनता को मिलना चाहिए और सांसदों को राज्य के आर्थिक तथा सामाजिक मुद्दों को मजबूती से उठाना चाहिए।

नेपाल से आने वाली नदियों और बाढ़ पर स्थायी नीति की मांग

लालू यादव ने बिहार में बाढ़ की समस्या के पीछे नेपाल से आने वाली नदियों का मुद्दा भी उठाया।

उन्होंने कहा कि बिहार की कई नदियों का संबंध नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों से है और इस कारण बाढ़ नियंत्रण के लिए केवल राज्य स्तर की योजनाएं पर्याप्त नहीं हो सकतीं।

आरजेडी प्रमुख ने नेपाल सरकार के साथ इस मुद्दे पर स्पष्ट और प्रभावी बातचीत करने की जरूरत बताई।

उन्होंने कहा कि नदियों के रखरखाव और जल प्रबंधन को लेकर दोनों देशों के बीच गंभीर स्तर पर बातचीत होनी चाहिए। लालू यादव ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर द्वारा भी इस तरह के मुद्दों को उठाए जाने का उल्लेख किया।

उनका कहना है कि बिहार की बाढ़ समस्या का समाधान केवल आपदा आने के बाद राहत पहुंचाने से नहीं होगा, बल्कि इसके लिए दीर्घकालिक जल प्रबंधन नीति जरूरी है।

‘राहत नहीं, बाढ़ का स्थायी समाधान चाहिए’

लालू यादव ने कहा कि चुनाव और बाढ़ के समय अलग-अलग प्रकार की लोकलुभावन घोषणाओं के बजाय सरकार को बिहार की स्थायी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को अनाज और राहत देना जरूरी है, लेकिन सरकार की प्राथमिकता ऐसी व्यवस्था बनाने की होनी चाहिए जिससे हर साल लाखों लोगों को बाढ़ के कारण विस्थापन और आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े।

आरजेडी प्रमुख ने आरोप लगाया कि नदियों के रखरखाव और बाढ़ नियंत्रण के लिए खर्च होने वाले संसाधनों का लाभ बिहार को पर्याप्त रूप से नहीं मिल रहा है।

उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार बिहार की भौगोलिक और प्राकृतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विशेष रणनीति तैयार करे।

पलायन के मुद्दे पर भी लालू यादव ने उठाए सवाल

लालू यादव ने बिहार से होने वाले पलायन का मुद्दा भी अपने बयान में प्रमुखता से उठाया।

उन्होंने कहा कि रोजगार की तलाश में बिहार के लाखों लोग देश के अलग-अलग राज्यों और विदेशों तक जाते हैं। वहां मेहनत कर कमाई करने के बाद बड़ी संख्या में लोग अपनी आय का हिस्सा बिहार में रहने वाले परिवारों को भेजते हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि बिहार के लोगों द्वारा बैंकिंग व्यवस्था में जमा किए जाने वाले धन के अनुपात में राज्य में निवेश और ऋण की सुविधा क्यों नहीं बढ़ाई जाती।

लालू यादव ने कहा कि बिहार के आर्थिक विकास के लिए राज्य में उद्योग, रोजगार और व्यवसाय को बढ़ावा देने की जरूरत है।

Credit Deposit Ratio को लेकर केंद्र से सवाल

आरजेडी अध्यक्ष ने बिहार के Credit Deposit Ratio (CDR) का मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्य में जमा होने वाले पैसे के अनुपात में ऋण और निवेश की स्थिति बेहतर होनी चाहिए।

उन्होंने सवाल किया कि बिहार का साख-जमा अनुपात देश के अन्य राज्यों की तुलना में कम क्यों है।

लालू यादव का कहना है कि जब बिहार के लोग बड़ी मात्रा में बैंकों में पैसा जमा करते हैं तो राज्य में उद्योग लगाने, कारोबार बढ़ाने, युवाओं को रोजगार देने और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने के लिए उसी अनुपात में ऋण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बिहार को विकास के लिए किसी विशेष कृपा की जरूरत नहीं है, बल्कि राज्य के आर्थिक योगदान के अनुपात में उचित अवसर और संसाधन मिलने चाहिए।

बिहार की राजनीति में फिर तेज हो सकता है बाढ़ और विकास का मुद्दा

बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच लालू प्रसाद यादव का यह बयान राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। आरजेडी जहां केंद्र और राज्य सरकार पर बिहार के हितों की अनदेखी का आरोप लगा रही है, वहीं आने वाले दिनों में एनडीए की ओर से इन सवालों पर जवाब आने की संभावना है।

लालू यादव ने साफ कहा कि बिहार की जनता को केवल राहत पैकेज और अस्थायी सहायता नहीं, बल्कि बाढ़ से स्थायी मुक्ति, बेहतर आर्थिक संसाधन, रोजगार और विकास के अवसर चाहिए। अब देखना होगा कि बिहार की मौजूदा बाढ़ और आर्थिक मुद्दों पर सरकार विपक्ष के इन सवालों का क्या जवाब देती है

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पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट

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