भारत-अफगानिस्तान के बीच तीसरा टी-20 आज, वैभव सूर्यवंशी के पास सहवाग का रिकॉर्ड तोड़ने का मौका

सूर्यवंशी

तीसरे टी-20 में वैभव सूर्यवंशी के पास सहवाग का रिकॉर्ड तोड़ने का मौका

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (नई दिल्ली)। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला आज दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच शाम 7:30 बजे शुरू होगा। भारतीय टीम पहले ही सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर चुकी है। ऐसे में तीसरे मुकाबले में टीम संयोजन में बदलाव की संभावना है और 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को भारत की प्लेइंग-11 में मौका मिलने की चर्चा तेज है। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी सीरीज जीतने के बाद बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को अवसर देने के संकेत दिए हैं।

अगर सूर्यवंशी मैदान पर उतरते हैं तो यह भारत में उनका पहला इंटरनेशनल मुकाबला होगा। इसके साथ ही उनकी नजर एक खास रिकॉर्ड पर भी होगी। वह टी-20 इंटरनेशनल में भारत के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के 16 छक्कों के आंकड़े को पीछे छोड़ने से केवल तीन छक्के दूर बताए जा रहे हैं।

तीसरे टी-20 में सूर्यवंशी पर नजर

भारत ने सीरीज के पहले दोनों मुकाबलों में जीत दर्ज कर ट्रॉफी पर कब्जा पहले ही पक्का कर लिया है। ऐसे में तीसरे मैच का महत्व टीम संयोजन और उन खिलाड़ियों को मौका देने के लिहाज से बढ़ गया है, जिन्हें शुरुआती दो मुकाबलों में खेलने का अवसर नहीं मिला।

वैभव सूर्यवंशी भी उन्हीं खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह दोनों मैचों में भारतीय प्लेइंग-11 का हिस्सा नहीं थे। अब अंतिम मुकाबले में उन्हें मौका मिलने की संभावना है। हालांकि, अंतिम फैसला टॉस के समय टीम प्रबंधन की ओर से ही स्पष्ट होगा।

सूर्यवंशी के लिए घरेलू मैदान पर बड़ा मौका

वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई है। भारत के लिए उनका अंतरराष्ट्रीय सफर इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज से शुरू हुआ था। इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे पर भी उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया।

अब दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेलने का मौका उनके लिए अलग तरह का अनुभव होगा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू के बाद यह भारत में उनका पहला इंटरनेशनल मुकाबला होगा। यही वजह है कि तीसरे टी-20 में उनके नाम पर खास नजर रहेगी।

सूर्यवंशी के निशाने पर सहवाग का रिकॉर्ड

वैभव सूर्यवंशी के सामने सिर्फ भारत में पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का मौका नहीं है। उनके पास वीरेंद्र सहवाग का एक खास टी-20 इंटरनेशनल रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ने का अवसर है।

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सूर्यवंशी अब तक छह टी-20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं और इस दौरान उनके नाम 14 छक्के बताए गए हैं। दूसरी ओर, सहवाग ने भारत के लिए 19 टी-20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 16 छक्के लगाए थे। ऐसे में सूर्यवंशी को सहवाग से आगे निकलने के लिए तीन छक्कों की जरूरत होगी।

अगर वह तीसरे टी-20 में तीन या उससे अधिक छक्के लगाते हैं तो कम मैचों में सहवाग के टी-20 इंटरनेशनल छक्कों के आंकड़े को पार कर सकते हैं। हालांकि रिकॉर्ड से ज्यादा महत्वपूर्ण उनके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह मजबूत करने का अवसर होगा।

टी-20 में सूर्यवंशी की बल्लेबाजी का अंदाज

सूर्यवंशी की पहचान आक्रामक बल्लेबाज के तौर पर बनी है। कम उम्र के बावजूद उनका टी-20 क्रिकेट में स्ट्राइक रेट काफी प्रभावशाली रहा है। शुरुआती अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भी उन्होंने बड़े शॉट खेलने की क्षमता दिखाई है।

उनके टी-20 करियर के आंकड़े भी उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की तस्वीर पेश करते हैं। आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से खास पहचान बनाई है। 2026 सीजन में उन्होंने बड़ी संख्या में छक्के लगाए और लंबे शॉट खेलने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।

आईपीएल 2026 में दिखा सूर्यवंशी का जलवा

आईपीएल 2026 में सूर्यवंशी राजस्थान रॉयल्स के प्रमुख बल्लेबाजों में रहे। उन्हें फ्रेंचाइजी ने सीजन से पहले 1.1 करोड़ रुपये में रिटेन किया था। पूरे सीजन में उन्होंने 16 मुकाबलों में 776 रन बनाए, जिसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल रहे।

उनका स्ट्राइक रेट 237.3 बताया गया और उन्होंने पूरे सीजन में 72 छक्के लगाए। इस प्रदर्शन ने उन्हें टी-20 क्रिकेट के सबसे आक्रामक युवा बल्लेबाजों में चर्चा में ला दिया। इसी प्रदर्शन के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी उनसे बड़ी उम्मीदें जुड़ी हैं।

सूर्यवंशी के टी-20 करियर में 148 छक्के

सूर्यवंशी का प्रभाव केवल आईपीएल तक सीमित नहीं है। उनके पूरे टी-20 करियर में भी छक्कों की संख्या काफी अधिक रही है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक उन्होंने केवल 40 टी-20 मुकाबलों में 148 छक्के लगाए हैं। तुलना करें तो वीरेंद्र सहवाग ने अपने पूरे टी-20 करियर में 159 मैच खेलते हुए 147 छक्के लगाए थे। सहवाग के नाम इस प्रारूप में 4,061 रन और 147.83 का स्ट्राइक रेट रहा। यह तुलना सूर्यवंशी की बल्लेबाजी की आक्रामक शैली को समझने के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन दोनों खिलाड़ियों के करियर अलग-अलग दौर और परिस्थितियों में खेले गए हैं।

भारत में पहला मैच, रिकॉर्ड पर नजर

सूर्यवंशी के लिए तीसरा टी-20 इसलिए भी खास होगा क्योंकि भारत की धरती पर वह पहली बार इंटरनेशनल क्रिकेट खेल सकते हैं। इंग्लैंड और जिम्बाब्वे के बाद अब घरेलू मैदान पर उनकी परीक्षा होगी।

टीम प्रबंधन अगर उन्हें प्लेइंग-11 में शामिल करता है तो उनके सामने दोहरी चुनौती होगी। एक तरफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में निरंतरता दिखाने का दबाव होगा, वहीं दूसरी तरफ घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का अनुभव भी उनके लिए नया होगा।

टी-20 इंटरनेशनल में अभी लंबा सफर बाकी

सहवाग का रिकॉर्ड तोड़ने की संभावना चर्चा में जरूर है, लेकिन भारत के लिए टी-20 इंटरनेशनल में सर्वाधिक छक्कों की सूची में सूर्यवंशी अभी काफी पीछे हैं।

रोहित शर्मा भारत की ओर से टी-20 इंटरनेशनल में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों में शीर्ष पर रहे हैं। सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पांड्या भी इस सूची में उनसे काफी आगे हैं। विराट कोहली ने भी अपने टी-20 इंटरनेशनल करियर में बड़ी संख्या में छक्के लगाए हैं। इसलिए सहवाग के 16 छक्कों को पीछे छोड़ना सूर्यवंशी के लिए एक शुरुआती उपलब्धि होगी, न कि भारत के सर्वाधिक छक्कों के रिकॉर्ड की दौड़ में अंतिम पड़ाव।

सीरीज जीत चुकी है टीम इंडिया

भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ पहला टी-20 सात विकेट से जीता था। इसके बाद दूसरे मुकाबले में भी भारत ने सात विकेट से जीत दर्ज कर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली।

अब तीसरे मुकाबले में टीम इंडिया की नजर सीरीज को 3-0 से समाप्त करने पर होगी। वहीं टीम प्रबंधन के लिए यह मुकाबला उन खिलाड़ियों को आजमाने का अवसर भी हो सकता है, जिन्हें शुरुआती मैचों में जगह नहीं मिली।

क्या आज मिलेगा सूर्यवंशी को मौका?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वैभव सूर्यवंशी तीसरे टी-20 में भारत की प्लेइंग-11 का हिस्सा बनेंगे। कप्तान श्रेयस अय्यर के बेंच स्ट्रेंथ को मौका देने के संकेतों के बाद उनकी उम्मीदें बढ़ी हैं।

अगर उन्हें मौका मिलता है तो दिल्ली का मुकाबला उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव बन सकता है। उनके सामने भारत में पहला इंटरनेशनल मैच खेलने, टीम को मजबूत शुरुआत देने और सहवाग के छक्कों के आंकड़े को पीछे छोड़ने का मौका होगा।

अब सबकी नजर टॉस और भारतीय प्लेइंग-11 पर है। जैसे ही टीम संयोजन सामने आएगा, यह साफ हो जाएगा कि 15 साल के सूर्यवंशी को अरुण जेटली स्टेडियम में अपने घरेलू मैदान पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का इंतजार खत्म होता है या नहीं।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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