श्याम रजक का तेजस्वी पर तंज़, कहा- उनको बिहार की चिंता कहां, वे गुलछर्रे उड़ाने फिर विदेश जाएंगे

श्याम रजक

श्याम रजक का तेजस्वी पर हमला, विदेश यात्रा को लेकर साधा निशाना

निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना। श्याम रजक ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है। जदयू विधायक ने मंगलवार को आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव को बिहार की चिंता नहीं है और वे एक महीने के लिए बिहार आने के बाद फिर विदेश यात्रा पर चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि तेजस्वी को पहले अपनी पार्टी और परिवार संभालने पर ध्यान देना चाहिए।

श्याम रजक की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब राष्ट्रीय जनता दल संगठन को मजबूत करने के लिए जिलावार बैठकें कर रहा है। राजद की ओर से संगठन में युवाओं को जिम्मेदारी देने और जिला स्तर पर नई टीम तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

श्याम रजक ने तेजस्वी पर साधा निशाना

जदयू विधायक ने कहा कि तेजस्वी यादव लगातार बैठकें कर रहे हैं, लेकिन इन बैठकों का परिणाम क्या निकला, यह सभी के सामने है। उनके मुताबिक, कभी लालू प्रसाद यादव अकेले पार्टी और सत्ता संभालते थे, लेकिन अब राजद की स्थिति कमजोर हुई है।

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श्याम रजक ने दावा किया कि तेजस्वी यादव न तो पार्टी को ठीक से संभाल पा रहे हैं और न ही परिवार को। उन्होंने तेजस्वी के लगातार विदेश दौरों पर भी सवाल उठाया और कहा कि बिहार में एक महीने का समय बिताने के बाद वे फिर विदेश चले जाएंगे।

हालांकि, विदेश यात्राओं और पार्टी की स्थिति को लेकर श्याम रजक द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोपों पर तेजस्वी यादव की ओर से इस बयान के जवाब की जानकारी सामने नहीं आई है।

श्याम रजक बोले- बैठक का नतीजा सामने है

राजद की ओर से लगातार संगठनात्मक बैठकें किए जाने पर भी श्याम रजक ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बैठकें तो लगातार हो रही हैं, लेकिन संगठन को इसका कितना लाभ मिला, यह चुनावी प्रदर्शन से स्पष्ट है।

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उन्होंने राजद की मौजूदा राजनीतिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी 25 सीटों पर आ गई है। श्याम रजक ने कहा कि तेजस्वी यादव क्या कह रहे हैं और क्या नहीं कह रहे हैं, इससे ज्यादा जरूरी यह है कि वे पहले अपने दल को मजबूत करें।

युवाओं की टीम पर भी उठाए सवाल

तेजस्वी यादव की ओर से युवाओं को पार्टी संगठन में आगे बढ़ाने की कोशिश को लेकर भी श्याम रजक ने टिप्पणी की। जब उनसे पूछा गया कि युवा टीम तैयार करने से एनडीए को राजनीतिक नुकसान हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव जैसे युवाओं को बिहार पसंद नहीं करता।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी नशे के खिलाफ है और संस्कार तथा राष्ट्रभक्ति की बात करती है। श्याम रजक के मुताबिक यदि तेजस्वी यादव इन मुद्दों पर खरे उतरते तो उनकी युवा टीम को लेकर अलग तरीके से विचार किया जा सकता था।

राजद में युवाओं को जिम्मेदारी देने की तैयारी

दरअसल, राजद ने संगठन में बदलाव की प्रक्रिया शुरू की है। पार्टी ने जिला अध्यक्षों के चयन के लिए 55 साल से कम उम्र की सीमा तय की है। इसके साथ ही यह भी तय किया गया है कि जिला अध्यक्ष बनने वाला व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ेगा।

कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार से शुरू हुई जिलावार बैठकों के दौरान इस व्यवस्था की जानकारी दी। बैठक में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं से जिला अध्यक्ष पद के लिए चार नाम सुझाने को कहा गया है।

राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल के अनुसार जिलावार बैठक का सिलसिला 27 सितंबर तक चलेगा।

‘माय’ समीकरण मजबूत करने पर राजद का जोर

राजद की संगठनात्मक कवायद में पार्टी के पारंपरिक ‘माय’ समीकरण को मजबूत करने पर भी चर्चा हो रही है। बांकीपुर चुनाव में इस समीकरण में टूट के बाद इसे लेकर पार्टी की पहली बड़ी राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक हुई है।

राजद की योजना केवल पारंपरिक सामाजिक आधार को मजबूत करने तक सीमित नहीं है। पार्टी अन्य जातियों और वर्गों को भी संगठन से जोड़ने पर विचार कर रही है। जिला अध्यक्षों और प्रधान महासचिवों की नियुक्ति के जरिए संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने की कोशिश की जा रही है।

श्याम रजक का फोकस अब फरक्का जलसंधि पर

राजनीतिक बयानबाजी के साथ श्याम रजक ने फरक्का जलसंधि को लेकर जदयू के कार्यक्रम की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि 5 सितंबर से ‘नीतीश संवाद’ की शुरुआत की जाएगी।

इस कार्यक्रम में बिहार के जल संकट और फरक्का बैराज से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की जाएगी। साथ ही सरकार की ओर से इस दिशा में किए गए प्रयासों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने की बात कही गई है।

श्याम रजक ने कहा कि भविष्य में जब नई जलसंधि हो तो उसमें बिहार के हितों को पूरी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे पर राजद और लालू प्रसाद यादव पर राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

जल संकट पर सियासत तेज

फरक्का बैराज और बिहार के जल संकट का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहा है। जदयू अब ‘नीतीश संवाद’ के जरिए इस विषय को जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रहा है।

श्याम रजक ने दावा किया कि बिहार के जल संकट को लेकर नीतीश कुमार लगातार आवाज उठाते रहे हैं। उन्होंने लालू प्रसाद यादव के शासनकाल पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय बिहार की स्थिति कैसी थी, यह सभी जानते हैं।

इस बीच एक तरफ राजद संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की तैयारी में जुटा है, वहीं जदयू उसके नेतृत्व और राजनीतिक रणनीति पर लगातार सवाल उठा रहा है। श्याम रजक के ताजा बयान को भी इसी राजनीतिक टकराव की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

आने वाले दिनों में राजद की जिलावार बैठकों और जदयू के ‘नीतीश संवाद’ के जरिए बिहार की राजनीति में संगठन, युवा नेतृत्व और जल संकट जैसे मुद्दे और जोर पकड़ सकते हैं।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट