छपरा में 50 लाख साइबर फ्रॉड नोटिस से घबराया युवक, टावर पर चढ़ा, पुलिस के सूझबूझ से सुलझा मामला

साइबर फ्रॉड

छपरा में साइबर फ्रॉड नोटिस से परेशान युवक टावर पर चढ़ गया

निष्कर्ष भारत संवाददाता सारण। सारण जिले के छपरा में साइबर फ्रॉड नोटिस से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने मंगलवार को तेलपा इलाके में अफरातफरी मचा दी। नगर थाना क्षेत्र के तेलपा निवासी भोला चौधरी को साइबर थाने की ओर से मिले नोटिस में उसके बैंक खाते से करीब 50 लाख रुपये के कथित साइबर फ्रॉड से जुड़े लेनदेन का उल्लेख था। नोटिस मिलने के बाद युवक इतना परेशान हो गया कि पावर हाउस परिसर में स्थित टावर पर चढ़ गया और जान देने की बात कहने लगा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और काफी देर तक समझाने के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा गया।

साइबर नोटिस मिलते ही बढ़ी परेशानी

भोला चौधरी, तेलपा निवासी शिवजी चौधरी का पुत्र बताया जाता है। पुलिस के अनुसार, साइबर थाने से मिले नोटिस में उसके बैंक खाते से जुड़े करीब 50 लाख रुपये के कथित साइबर फ्रॉड लेनदेन का उल्लेख था।

नोटिस हाथ में आने के बाद भोला के लिए सबसे बड़ी चिंता यह थी कि उसके बैंक खाते से इतनी बड़ी रकम के लेनदेन का मामला कैसे सामने आया। युवक का कहना था कि वह खुद को निर्दोष मानता है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

नोटिस के बाद टावर पर चढ़ गया युवक

मंगलवार को नोटिस से परेशान युवक पावर हाउस परिसर पहुंचा और वहां मौजूद टावर पर चढ़ गया। कुछ ही देर में उसके टावर पर होने की खबर इलाके में फैल गई। युवक के जान देने की बात कहने के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जमा होने लगी।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों को सूचना दी गई। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और युवक से बातचीत शुरू की। अधिकारियों का प्रयास था कि उसे किसी तरह शांत कराया जाए और सुरक्षित नीचे लाया जाए।

पुलिस के सामने युवक ने रखी अपनी बात

मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से बातचीत के दौरान भोला ने खुद को निर्दोष बताया। उसका कहना था कि उसके बैंक खाते से जुड़े मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए। अचानक सामने आए साइबर फ्रॉड के आरोप से वह काफी परेशान था।

युवक ने पुलिस से अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उसने यह भी कहा कि उसके साथ जो स्थिति बनी है, वैसी परेशानी किसी अन्य व्यक्ति के सामने नहीं आनी चाहिए।

साइबर मामले की जांच का दिया भरोसा

पुलिस अधिकारियों ने युवक को भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और बैंक खाते से जुड़े लेनदेन की वास्तविकता सामने लाई जाएगी। अधिकारियों ने उसे समझाया कि नोटिस मिलने के बाद जांच की प्रक्रिया का सामना किया जा सकता है और मामले की सच्चाई तथ्यों की जांच से सामने आएगी।

पुलिस की ओर से लगातार समझाने और आश्वासन देने का सिलसिला काफी देर तक चलता रहा। आखिरकार युवक पुलिस की बात मान गया और सुरक्षित नीचे उतर आया।

युवक के नीचे उतरते ही पुलिस ने ली राहत की सांस

भोला के सुरक्षित नीचे उतरने के बाद पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली। इस दौरान पावर हाउस परिसर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। युवक को नीचे लाए जाने के बाद मौके पर बनी तनावपूर्ण स्थिति सामान्य हुई।

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घटना की वजह से काफी देर तक इलाके में लोगों के बीच चर्चा होती रही। लोग यह जानने की कोशिश करते रहे कि आखिर बैंक खाते से जुड़े कथित साइबर फ्रॉड के मामले का नोटिस मिलने के बाद युवक इतनी परेशानी में क्यों आ गया।

साइबर फ्रॉड के लेनदेन की होगी जांच

पुलिस अब उस बैंक खाते और कथित साइबर फ्रॉड से जुड़े लेनदेन की जांच में जुटी है। करीब 50 लाख रुपये के लेनदेन का उल्लेख नोटिस में होने की बात सामने आई है। अब जांच के दौरान यह स्पष्ट किया जाना है कि खाते में किन लोगों से पैसे आए, किन खातों में रकम गई और इन लेनदेन का वास्तविक स्वरूप क्या था।

किसी बैंक खाते में संदिग्ध लेनदेन पाए जाने मात्र से खाताधारक की भूमिका स्वतः साबित नहीं होती। जांच के दौरान खाते के इस्तेमाल, लेनदेन के स्रोत और संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल जरूरी होगी।

साइबर थाने के नोटिस ने खड़े किए सवाल

इस घटना के बाद यह सवाल भी चर्चा में है कि बैंक खाते से जुड़े कथित साइबर फ्रॉड के मामले में युवक की वास्तविक भूमिका क्या है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

यदि युवक का दावा सही है कि वह लेनदेन से अनजान था, तो जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि उसके बैंक खाते का इस्तेमाल किस परिस्थिति में हुआ। दूसरी ओर, यदि जांच में किसी तरह की संलिप्तता सामने आती है तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

साइबर अपराध में बैंक खाते का इस्तेमाल

आज के दौर में साइबर अपराध के मामलों में बैंक खातों के माध्यम से रकम के लेनदेन की जांच महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। कई मामलों में जांच एजेंसियां संदिग्ध लेनदेन की कड़ियों को जोड़ते हुए संबंधित खाताधारकों तक पहुंचती हैं।

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ऐसे मामलों में खाताधारक के लिए भी यह जरूरी होता है कि वह बैंक खाते से जुड़े लेनदेन की जानकारी रखे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित बैंक और पुलिस को सूचना दे।

जांच से सामने आएगी पूरी सच्चाई

फिलहाल छपरा के तेलपा में हुई इस घटना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू युवक की सुरक्षा है। पुलिस के समझाने के बाद वह सुरक्षित नीचे उतर आया। इसके बाद जांच एजेंसियों का ध्यान अब साइबर फ्रॉड के आरोप और बैंक खाते से जुड़े लेनदेन की वास्तविकता पता करने पर है।

करीब 50 लाख रुपये के कथित साइबर फ्रॉड से जुड़े नोटिस ने जिस तरह युवक को मानसिक रूप से परेशान कर दिया, उसने मामले को गंभीर बना दिया है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उसके बैंक खाते का इस्तेमाल किस तरह हुआ और कथित साइबर फ्रॉड में उसकी वास्तविक भूमिका क्या थी।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है और बैंक खाते से जुड़े तथ्यों को खंगाला जा रहा है। वहीं घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी साइबर अपराध और बैंक खातों के दुरुपयोग को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट