स्वतंत्र भारद्वाज को 3 हफ्ते की अंतरिम जमानत, CJP प्रदर्शन में मारपीट के आरोप से जुड़ा है मामला

स्वतंत्र भारद्वाज

स्वतंत्र भारद्वाज को CJP प्रदर्शन में मारपीट के आरोप से जुड़े मामले में दिल्ली की अदालत ने 3 सप्ताह की अंतरिम जमानत दी।

निष्कर्ष भारत संवाददाता नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर हुए CJP प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता के पिता से कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली की अदालत से बड़ी राहत मिली है। पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी है। यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था, जब भारद्वाज के एक वायरल पॉडकास्ट इंटरव्यू में कथित तौर पर उन्होंने छात्र कार्यकर्ता के पिता पर हमला करने का दावा किया था।

अदालत ने इससे पहले 7 सितंबर को भारद्वाज स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था। सोमवार को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई कैमरे के सामने यानी इन-कैमरा हुई थी। मंगलवार को अदालत ने अंतरिम जमानत का आदेश सुनाया।

जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान मारपीट का आरोप

मामला 23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर हुए CJP यानी Cockroach Janta Party के प्रदर्शन से जुड़ा है।स्वतंत्र भारद्वाज आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज ने छात्र कार्यकर्ता के पिता के साथ मारपीट की थी।

बाद में सोशल मीडिया और पॉडकास्ट पर सामने आए उनके कथित बयानों के बाद विवाद और बढ़ गया। रिपोर्टों के मुताबिक, भारद्वाज ने एक पॉडकास्ट में दावा किया था कि उन्होंने छात्र कार्यकर्ता के पिता के सिर पर हमला किया था और उन्हें गंभीर चोट पहुंचाई थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने उनके द्वारा बताए गए सिर फटने और गंभीर चोट के दावे को मेडिकल रिकॉर्ड से समर्थित नहीं बताया था।

इस मामले में पुलिस ने बाद में SC/ST (Prevention of Atrocities) Act और आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी थीं। भारद्वाज के खिलाफ एक अलग POCSO मामला दर्ज होने की भी रिपोर्ट सामने आई है। हालांकि, उनकी गिरफ्तारी जिस मामले में हुई, वह SC/ST Act से जुड़ा मामला बताया गया है।

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बुलंदशहर से हिरासत के बाद दिल्ली लाया गया

दिल्ली पुलिस ने भारद्वाज को सितंबर की शुरुआत में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया था। यह कार्रवाई CJP की ओर से संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन कर उनकी गिरफ्तारी की मांग किए जाने के कुछ समय बाद हुई।

गिरफ्तारी के बाद उन्हें दिल्ली लाया गया और अदालत में पेश किया गया। शुरुआत में पुलिस को उनसे सीमित अवधि की पूछताछ की अनुमति मिली। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

7 सितंबर को पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था स्वतंत्र भारद्वाज और उन्हें 21 सितंबर को अदालत में पेश किया जाना था।

जमानत सुनवाई में क्या हुआ?

14 सितंबर को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने कार्यवाही को इन-कैमरा रखने का फैसला किया। अदालत में पुलिस से यह भी पूछा गया कि क्या कथित घटना के दौरान जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि शुरुआती शिकायत में जातिसूचक टिप्पणी का उल्लेख नहीं था।स्वतंत्र भारद्वाज बाद में दर्ज किए गए एक अतिरिक्त बयान में इस तरह के आरोप का जिक्र आया, जिसके बाद SC/ST Act की धाराएं जोड़ी गईं। वहीं, भारद्वाज के वकील ने गिरफ्तारी को राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़ते हुए दावा किया कि शिकायतकर्ता ने ही पहले उन पर हमला किया था।

दिल्ली हाईकोर्ट में भी भारद्वाज ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी। रिपोर्टों के मुताबिक, हाईकोर्ट ने उनकी हैबियस कॉर्पस याचिका खारिज कर दी थी और कहा था कि वह न्यायिक आदेश के तहत हिरासत में हैं तथा उचित ट्रायल कोर्ट के सामने राहत मांग सकते हैं।

पॉडकास्ट में मुस्लिमों को लेकर विवादित टिप्पणियों का आरोप

मारपीट के मामले के अलावा स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट इंटरव्यू भी विवाद का कारण बना। रिपोर्टों के अनुसार,स्वतंत्र भारद्वाज  1 सितंबर को अपलोड किए गए पॉडकास्ट में उन्होंने मुस्लिम समुदाय को लेकर बेहद आपत्तिजनक और भेदभावपूर्ण टिप्पणियां की थीं।

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत के दौरान भारद्वाज ने मुस्लिमों के प्रति अपनी कथित नफरत का जिक्र किया और समुदाय के आर्थिक बहिष्कार जैसी बातें कहीं। उन्होंने एक अलग कट्टरपंथी हिंदू राजनीतिक दल बनाने और ‘Muslim-free India’ जैसे विचार का भी उल्लेख किया था।

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इन टिप्पणियों को लेकर इंडियन यूथ कांग्रेस ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि पॉडकास्ट में मुस्लिमों के खिलाफ नफरत और सामाजिक-आर्थिक बहिष्कार को बढ़ावा देने वाली बातें कही गईं।

हालांकि, यह शिकायत और उसमें लगाए गए आरोप जंतर-मंतर मारपीट मामले से अलग कानूनी कार्रवाई का विषय हैं। इन आरोपों पर अंतिम निर्णय जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

अब आगे क्या होगा?

तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत मिलने के बावजूद स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया खत्म नहीं हुई है। अदालत में मुख्य मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।

इस मामले में पुलिस की जांच, आरोपों से जुड़े वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं। वहीं, बचाव पक्ष लगातार गिरफ्तारी और आरोपों को चुनौती दे रहा है। शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से भी मारपीट और अन्य आरोपों को गंभीर बताया गया है।

अंतरिम जमानत का अर्थ यह नहीं है कि अदालत ने भारद्वाज को मामले में दोषमुक्त कर दिया है। यह केवल सीमित अवधि के लिए दी गई राहत है। आगे की सुनवाई में अदालत उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर मामले को आगे बढ़ाएगी।

फिलहाल, CJP प्रदर्शन से जुड़े कथित मारपीट मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत मिल गई है। वहीं, उनके विवादित पॉडकास्ट और उससे जुड़े आरोपों ने इस पूरे मामले को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा में ला दिया है।स्वतंत्र भारद्वाज स्वतंत्र भारद्वाज

Nishkarsh Bharat

पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट

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