Venezuela Earthquake: 126 साल बाद विनाशकारी भूकंप से दहला वेनेजुएला, काराकस में हजारों मौतों की आशंका; राहत-बचाव अभियान जारी
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। राजधानी काराकस और उसके आसपास के इलाकों में आए शक्तिशाली झटकों के कारण कई इमारतें, मकान और सार्वजनिक ढांचे धराशायी हो गए।
Caracas Earthquake News: वेनेजुएला में भूकंप से भारी तबाही, इमरजेंसी घोषित
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। राजधानी काराकस और उसके आसपास के इलाकों में आए शक्तिशाली झटकों के कारण कई इमारतें, मकान और सार्वजनिक ढांचे धराशायी हो गए। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, अब तक दर्जनों लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के घायल होने की खबर है, जबकि विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि वास्तविक नुकसान कहीं अधिक बड़ा हो सकता है।
बताया जा रहा है कि एक मिनट के अंतराल में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने देशभर में दहशत फैला दी। लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों और इमारतों से निकलकर सड़कों पर भागते दिखाई दिए। कई स्थानों पर अस्पतालों के बाहर और खुली जगहों पर घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया।
एक मिनट में दो बड़े झटकों से मची अफरा-तफरी
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, राजधानी काराकस से लगभग 160 किलोमीटर पश्चिम में पहले 7.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसके एक मिनट से भी कम समय बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा शक्तिशाली झटका महसूस किया गया। दोनों भूकंपों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई बहुमंजिला इमारतों में दरारें आ गईं और अनेक पुराने भवन पूरी तरह से ढह गए।

भूकंप के बाद पूरे देश में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। संचार सेवाएं प्रभावित होने की खबरें भी सामने आई हैं, जबकि कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका
स्थानीय प्रशासन के अनुसार अब तक कम से कम 32 लोगों की मौत और 700 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। हालांकि राहत एजेंसियों का कहना है कि मलबे में दबे लोगों की तलाश अभी जारी है और मृतकों की संख्या में भारी वृद्धि हो सकती है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भूकंप की तीव्रता और प्रभावित क्षेत्र की आबादी को देखते हुए जान-माल का नुकसान काफी बड़ा हो सकता है। शुरुआती आकलनों में हजारों लोगों के प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
कार्यवाहक राष्ट्रपति ने घोषित की राष्ट्रीय इमरजेंसी
भूकंप के बाद वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने पूरे देश में आपातकाल की घोषणा कर दी है। राष्ट्र के नाम संबोधन में उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि सरकार प्रभावित नागरिकों की हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि सभी सरकारी एजेंसियों, आपदा प्रबंधन इकाइयों और सुरक्षा बलों को राहत एवं बचाव कार्यों में तत्काल लगाया गया है। सरकार ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर अभियान
भूकंप के बाद सबसे बड़ी चुनौती मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की है। देशभर में आपातकालीन प्रतिक्रिया दल, दमकल कर्मी, सेना और चिकित्सा टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हुई हैं।

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार कई आवासीय भवनों के ढह जाने से बड़ी संख्या में लोग मलबे के नीचे फंस गए हैं। भारी मशीनों और खोजी कुत्तों की मदद से बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
गृह मंत्री डियोसडाडो कैबेलो ने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।
छुट्टी के दिन आया भूकंप, इसलिए घरों में मौजूद थे लोग
जिस दिन यह भूकंप आया, उस दिन वेनेजुएला में राष्ट्रीय अवकाश था। देश में 1821 में स्पेन से स्वतंत्रता प्राप्ति की वर्षगांठ के अवसर पर सार्वजनिक छुट्टी रहती है। इसके कारण बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में मौजूद थे, जिससे प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार झटके इतने तेज थे कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कई लोग सीढ़ियों से भागते हुए बाहर निकले, जबकि कुछ लोग गिरती दीवारों और छतों के कारण घायल हो गए।
अस्पतालों में बढ़ा दबाव, चिकित्सा व्यवस्था अलर्ट पर
राजधानी काराकस के प्रमुख अस्पतालों में घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चिकित्सा कर्मचारियों को अतिरिक्त ड्यूटी पर बुलाया गया है ताकि आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। डॉक्टरों और नर्सों की अतिरिक्त टीमें भी तैनात की गई हैं। कई स्थानों पर खुले मैदानों और अस्थायी चिकित्सा शिविरों में घायलों का उपचार किया जा रहा है।
हवाई अड्डे और बुनियादी ढांचे को नुकसान
भूकंप के कारण काराकस के उत्तर में स्थित माइक्वेटिया का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी प्रभावित हुआ है। सुरक्षा कारणों से हवाई अड्डे का संचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

सड़कों, पुलों और सार्वजनिक इमारतों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों को क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की सलाह दी है क्योंकि आफ्टरशॉक्स का खतरा बना हुआ है।
अमेरिका ने सहायता का आश्वासन दिया
भूकंप के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी सहायता के लिए आगे आने लगा है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि वे वेनेजुएला सरकार के संपर्क में हैं और राहत सामग्री तथा मानवीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहे हैं।
अमेरिकी दूतावास ने भी नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
भारत ने भी जताई संवेदना

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के लोगों के साथ खड़ा है और हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।
तेल उद्योग पर तत्काल असर नहीं
वेनेजुएला विश्व के प्रमुख तेल उत्पादक देशों में शामिल है। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार देश के प्रमुख तेल उत्पादन केंद्रों और तेल अवसंरचना को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और ऊर्जा आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।
वेनेजुएला में आया यह शक्तिशाली भूकंप हाल के वर्षों की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक माना जा रहा है। राहत एवं बचाव कार्य तेजी से जारी हैं, लेकिन वास्तविक नुकसान का पूरा आकलन आने में समय लग सकता है। पूरे देश की नजरें अब बचाव कार्यों और प्रभावित लोगों की सहायता पर टिकी हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस संकट की घड़ी में वेनेजुएला के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
