कौन हैं आईपीएस विनय तिवारी? गोपालगंज से पुराना नाता और नई जिम्मेदारी
आईपीएस विनय तिवारी
आईपीएस विनय तिवारी बने गोपालगंज के नए एसपी
बिहार सरकार के तबादले में आईपीएस विनय तिवारी को गोपालगंज का नया एसपी बनाया गया है। सुशांत सिंह राजपूत केस से राष्ट्रीय पहचान पाने वाले 2015 बैच के आईपीएस विनय तिवारी का गोपालगंज से पुराना नाता रहा है। जानिए उनका पूरा प्रोफाइल, कार्यशैली, ‘अपराधियों के लिए महाकाल’ की छवि और जिले में उनकी प्राथमिकताएं।

बिहार सरकार ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों का तबादला किया है। इसी क्रम में गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक (SP) अवधेश दीक्षित का तबादला कर दिया गया है और उनकी जगह आईपीएस विनय तिवारी को गोपालगंज का नया एसपी नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के बाद जिले में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं। खास बात यह है कि विनय तिवारी के लिए गोपालगंज कोई नया जिला नहीं है, बल्कि उनका इससे पुराना और गहरा नाता रहा है।
गोपालगंज से पुराना जुड़ाव
आईपीएस विनय तिवारी इससे पहले भी गोपालगंज में अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उस दौरान उन्होंने जिले की भौगोलिक स्थिति, सामाजिक संरचना और अपराध के पैटर्न को नजदीक से समझा था। यही वजह है कि प्रशासनिक और पुलिस महकमे के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी उम्मीद है कि वे जिले में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर पाएंगे।
गोपालगंज सीमावर्ती जिला होने के कारण यहां तस्करी, संगठित अपराध और आपराधिक गिरोहों की गतिविधियां अक्सर चुनौती बनी रहती हैं। विनय तिवारी का पुराना अनुभव इस जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
2015 बैच के तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी

विनय तिवारी 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उन्हें एक सख्त, ईमानदार व कर्तव्यनिष्ठ अफसर के रूप में जाना जाता है। वे उन अधिकारियों में शुमार हैं जो सिर्फ दफ्तर तक सीमित नहीं रहते, बल्कि खुद फील्ड में उतरकर कार्रवाई करते हैं। उनकी कार्यशैली में “जीरो टॉलरेंस” की नीति साफ दिखाई देती है, खासकर संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ।
सुशांत सिंह राजपूत केस से राष्ट्रीय पहचान
आईपीएस विनय तिवारी राष्ट्रीय स्तर पर उस समय चर्चा में आए थे, जब साल 2020 में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच के लिए वे पटना से मुंबई गए थे। उस दौरान मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा उन्हें जबरन क्वारंटाइन कर दिया गया था। यह मामला पूरे देश में सुर्खियों में रहा और सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इसकी चर्चा हुई।
इस घटना के बाद विनय तिवारी को एक ऐसे अधिकारी के रूप में देखा गया, जो दबाव के बावजूद अपने कर्तव्य से पीछे हटने वाले नहीं हैं। लोगों की नजर में उनकी छवि एक ईमानदार और निर्भीक आईपीएस अधिकारी की बनी, जिसे सिस्टम ने काम करने से रोकने की कोशिश की।
‘अपराधियों के लिए महाकाल’ की छवि

पुलिस महकमे में विनय तिवारी को अपराधियों के लिए “महाकाल” कहा जाता है। इसका कारण है उनका सख्त रुख और अपराध के प्रति बिल्कुल समझौता न करने वाली नीति। भोजपुर और समस्तीपुर जैसे संवेदनशील जिलों में एसपी रहते हुए उन्होंने शराब माफियाओं, अवैध कारोबार और बड़े आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ सख्त अभियान चलाया।
उनके नेतृत्व में कई बड़े गिरोहों का पर्दाफाश हुआ और संगठित अपराध की कमर तोड़ी गई। आधुनिक तकनीक, डेटा एनालिसिस और इंटेलिजेंस इनपुट के जरिए केस सुलझाने में उन्हें विशेष महारत हासिल है। यही वजह है कि अपराधियों के बीच उनका खौफ बना रहता है।
आधुनिक पुलिसिंग पर जोर
विनय तिवारी आधुनिक और प्रोफेशनल पुलिसिंग के समर्थक माने जाते हैं। वे तकनीक का इस्तेमाल कर अपराध की रोकथाम और त्वरित कार्रवाई पर विश्वास रखते हैं। सीसीटीवी नेटवर्क, डिजिटल सर्विलांस और डेटा आधारित पुलिसिंग उनके कामकाज का अहम हिस्सा रही है।
गोपालगंज जैसे जिले में, जहां सीमावर्ती अपराध और अवैध गतिविधियां चुनौती बनी रहती हैं, उनकी यह रणनीति कारगर साबित हो सकती है।
गोपालगंज में पहली प्राथमिकता क्या होगी?
नए एसपी के तौर पर विनय तिवारी की पहली प्राथमिकता गोपालगंज में अपराध पर नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करना होगी। अवैध शराब, तस्करी, संगठित अपराध और आपराधिक गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। इसके साथ ही आम जनता में पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ाना भी उनके एजेंडे में शामिल माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों को क्यों हैं बड़ी उम्मीदें?

चूंकि विनय तिवारी पहले भी गोपालगंज में काम कर चुके हैं, इसलिए वे जिले की जमीनी हकीकत से भली-भांति परिचित हैं। उनके पुराने कार्यकाल की यादें अभी भी लोगों के बीच हैं। इसी कारण स्थानीय जनता को उम्मीद है कि उनकी वापसी से जिले में अपराधियों पर नकेल कसी जाएगी और कानून-व्यवस्था में सुधार होगा।
अहम मानी जा रही है यह पारी
पुराने अनुभव और नए जोश के साथ विनय तिवारी की यह पारी गोपालगंज के लिए काफी अहम मानी जा रही है। अब देखना यह होगा कि वे अपने सख्त प्रशासनिक फैसलों और फील्ड एक्शन के दम पर जिले को कितनी मजबूती से संभाल पाते हैं। फिलहाल, उनकी तैनाती ने गोपालगंज की सियासी और प्रशासनिक हलचल को जरूर तेज कर दिया है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
