गंगा-कोसी उफान पर, राघोपुर तटबंध की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता, दर्जनों गांवों की डूबने आशंका

गंगा-कोसी

गंगा-कोसी के बढ़ते दबाव से राघोपुर तटबंध पर मंडराया खतरा।

  • ग्रामीण घर छोड़ ऊंचे स्थानों की ओर कर रहे पलायन, जहाज रुकने से कटावरोधी कार्य प्रभावित होने की आशंका
  • राघोपुर जमींदारी तटबंध के क्षतिग्रस्त हिस्से के बाद महादेवपुर रेलवे बांध पर टिकी दर्जनों गांवों की निगाहे
  • नाथनगर में 24 घंटे में करीब डेढ़ फीट बढ़ा पानी, सुल्तानगंज व कहलगांव के तटवर्ती इलाकों में भी तेजी से फैल रहा बाढ़ का पानी

निष्कर्ष भारत संवाददाता भागलपुर। जिले के गंगा-कोसी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने भागलपुर जिले के तटवर्ती इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। राघोपुर जमींदारी तटबंध पर गंगा का दबाव लगातार बना हुआ है। राघोपुर गांव के सामने तटबंध का एक बड़ा हिस्सा पहले ही गंगा में समा चुका है। अब करीब 150 वर्ष पुराने महादेवपुर रेल घाट से जुड़े रेलवे बांध पर आसपास के दर्जनों गांवों की निगाहें टिकी हैं। संभावित खतरे को देखते हुए राघोपुर पंचायत के कई ग्रामीण अपने घर खाली कर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे हैं। इससे इलाके में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है।

गंगा-कोसी तटबंध की स्थिति को देखते हुए कटावरोधी कार्य तेज करने की कोशिश की जा रही थी। जहाज के जरिए बालू लाकर प्रभावित हिस्से को बचाने का काम चल रहा था, लेकिन गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद शुक्रवार को जहाज का परिचालन रुक गया। इससे कटावरोधी कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

गंगा-कोसी के दबाव से तटबंध की बढ़ी चिंता

राघोपुर जमींदारी गंगा-कोसी तटबंध लंबे समय से आसपास के गांवों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। गंगा के लगातार बढ़ते दबाव के कारण राघोपुर गांव के सामने तटबंध का बड़ा हिस्सा नदी में विलीन हो चुका है। इसके बाद लोगों की चिंता अब महादेवपुर रेल घाट से जुड़े रेलवे बांध को लेकर बढ़ गई है।

स्थानीय ग्रामीणों की नजर इस गंगा-कोसी बांध की स्थिति पर बनी हुई है। उनका कहना है कि यदि नदी का दबाव इसी तरह बढ़ता रहा तो आसपास के निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। इसी आशंका के कारण कुछ परिवार घरों से जरूरी सामान लेकर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं।

जहाज रुकने से कटावरोधी काम पर असर

तटबंध को बचाने के लिए जहाज के माध्यम से बालू लाकर कटावरोधी कार्य कराया जा रहा था। लेकिन जलस्तर बढ़ने के कारण शुक्रवार को जहाज का परिचालन रुक गया। इससे प्रभावित हिस्से पर चल रहे काम की गति पर असर पड़ने की आशंका है।

देखिये ख़बर हमारे यूट्यूब चैनल पर भी: Sanjay Singh पर इल्ज़ाम लगाने वाले अपने गिरेबान में झाँक ले,मंत्री ने कर दिया मानहानि का मुकदमा…

कटावरोधी कार्य में किसी तरह की देरी होने पर नदी के बढ़ते दबाव के बीच तटबंध की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ सकती है। इसी स्थिति को देखते हुए शुक्रवार सुबह 11 बजे जहाज पर ही जल संसाधन विभाग के अधिकारियों, संवेदक और पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेन्द्र की मौजूदगी में बैठक प्रस्तावित है।

बैठक में जहाज का परिचालन दोबारा शुरू कराने, पर्याप्त बालू की व्यवस्था करने और कटावरोधी कार्य को तेज करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। स्थानीय स्तर पर लोगों की निगाह भी इस बैठक के निर्णय पर टिकी हुई है।

गंगा-कोसी बढ़ा रही चिंता, नाथनगर में भी तेजी से बढ़ा पानी

भागलपुर के नाथनगर क्षेत्र में भी बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले 24 घंटे में यहां करीब डेढ़ फीट पानी बढ़ गया है। अचानक बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि अगले दो-तीन दिनों तक गंगा-कोसी का पानी इसी गति से बढ़ता रहा तो स्थिति और भयावह हो सकती है। निचले इलाकों में पानी फैलने के कारण लोगों को अपने घर और जरूरी सामान सुरक्षित रखने की चिंता सताने लगी है।

जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण प्रशासन और स्थानीय लोगों की निगाह नदी की स्थिति पर बनी हुई है। लोगों का कहना है कि समय रहते राहत और बचाव की तैयारी तेज की जानी चाहिए।

अजगैवीनाथ में घरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी

सुल्तानगंज स्थित अजगैवीनाथ धाम के तटवर्ती इलाकों में भी गंगा का पानी तेजी से बढ़ रहा है। कई इलाकों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में प्रवेश कर चुका है। सैकड़ों परिवारों के सामने सुरक्षित स्थान पर जाने की स्थिति बन रही है।

पानी बढ़ने के साथ आसपास के निचले इलाकों में भी बाढ़ का फैलाव तेजी से हो रहा है। कई लोग अपने जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को अब नदी के जलस्तर में और वृद्धि की आशंका सता रही है।

कई नदियों के बढ़ते जलस्तर से गांवों में फैल रहा पानी

गंगा के अलावा कुआ, भायना, गेरुआ और घोघा नदी के जलस्तर में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। कई निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है। तोफिल, अनठावन, पकड़तल्ला, आमापुर, एकचारी स्टेशन और त्रिमोहन मार्कंडेय टोला समेत कई गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित हो रहे हैं।

इसे भी पढ़िए…बिहार में भारी बारिश, 3 दिन का अलर्ट; पटना भी प्रभावित, पूर्वानुमान जारी

इन इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। खेतों और संपर्क मार्गों के आसपास पानी फैलने से सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों को अब जरूरी सामान, आवागमन और पशुओं की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।

गंगा-कोसी के बढ़ते पानी से पशुपालकों की मुश्किल

नवगछिया अनुमंडल के दियारा इलाकों में भी गंगा और कोसी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। निचले इलाकों में पानी फैलने से पशुपालकों की परेशानी सबसे अधिक बढ़ गई है। मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए लोग उन्हें ऊंचे स्थानों पर ले जाने लगे हैं।

दियारा क्षेत्र में पशुपालन ग्रामीणों की आजीविका का प्रमुख आधार है। ऐसे में बाढ़ का पानी बढ़ने से लोगों के सामने मवेशियों के चारे और सुरक्षित ठिकाने की समस्या खड़ी हो गई है। कई पशुपालक अपने स्तर से अस्थायी व्यवस्था करने में जुटे हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत और बचाव कार्य तेज करने की मांग की है। उनका कहना है कि जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए।

तटवर्ती इलाकों में बढ़ी सतर्कता

गंगा-कोसी के बढ़ते जलस्तर के बीच भागलपुर के कई तटवर्ती क्षेत्रों में लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है। राघोपुर में गंगा-कोसी तटबंध की स्थिति, नाथनगर में तेजी से बढ़ता पानी, अजगैवीनाथ में घरों में प्रवेश करता बाढ़ का पानी और नवगछिया के दियारा में पशुपालकों की परेशानी एक साथ सामने आ रही है।

फिलहाल लोगों की नजर जलस्तर में होने वाले अगले बदलाव और कटावरोधी कार्य की गति पर टिकी हुई है। राघोपुर में जहाज का परिचालन दोबारा शुरू होता है या नहीं, यह भी कहा गया है की गंगा-कोसी तटबंध की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन समय रहते आवश्यक कदम उठाएगा, ताकि बढ़ते गंगा-कोसी के दबाव के बीच गांवों को संभावित खतरे से बचाया जा सके।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

You may have missed