गोपालगंज में आंबेडकर की मूर्ति से तोड़-फोर, माले समर्थकों ने गिरफ्तारी की मांग को लेकर निकला आक्रोश मार्च
गोपालगंज में आंबेडकर प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने पर माले का जन आक्रोश मार्च
निष्कर्ष भारत संवाददाता गोपालगंज। गोपालगंज जिले के विजयीपुर थाना क्षेत्र में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने के विरोध में शुक्रवार को भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने जन आक्रोश मार्च निकाला। गोपालगंज के भुजौली खुर्द गांव में बुधवार की रात हुई घटना के बाद से ग्रामीणों में नाराजगी है। माले कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
गोपालगंज में प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने की जानकारी गुरुवार सुबह ग्रामीणों को मिली थी। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग प्रतिमा स्थल पर पहुंचे और घटना के प्रति आक्रोश जताया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में स्थापित बाबा साहब की प्रतिमा सामाजिक सम्मान और आपसी एकजुटता का प्रतीक है। ऐसे में उसे क्षतिग्रस्त किया जाना गंभीर घटना है।
2018 में ग्रामीणों ने स्थापित की थी प्रतिमा
गोपालगंज में भुजौली खुर्द गांव में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा वर्ष 2018 में ग्रामीणों के सहयोग से स्थापित की गई थी। ग्रामीणों की भागीदारी से स्थापित इस प्रतिमा का गांव में सामाजिक और भावनात्मक महत्व है। बुधवार की रात अज्ञात लोगों ने प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया और घटना के बाद मौके से फरार हो गए।
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सुबह जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली तो गांव में तेजी से खबर फैल गई। देखते ही देखते प्रतिमा स्थल पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। घटना को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर करते हुए दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की।
गोपालगंज में मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
घटना की सूचना मिलने के बाद विजयीपुर के प्रभारी थानाध्यक्ष दिलीप तिवारी, अंचल अधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली। प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई।

अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की मौजूदगी और लोगों से बातचीत के बाद स्थिति को शांत बनाए रखने का प्रयास किया गया।
सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश का आरोप
ग्रामीणों ने घटना के पीछे कुछ असामाजिक तत्वों का हाथ होने की आशंका जताई है। उनका आरोप है कि ऐसे लोगों की कोशिश गांव के आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि घटना में शामिल लोगों की पहचान जल्द से जल्द की जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि किसी भी घटना के कारण गांव की शांति और आपसी भाईचारा प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सामने लाने की मांग की है।
10 से 12 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी
मामले में ग्रामीणों की ओर से 10 से 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। घटना की तह तक पहुंचने के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।
गोपालगंज पुलिस का प्रयास है कि घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। हालांकि, खबर लिखे जाने तक किसी आरोपित की गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई थी। पुलिस मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच में जुटी है।
नवतन मोड़ से माड़र घाट तक निकला मार्च
घटना के विरोध में शुक्रवार को भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने विजयीपुर बाजार में जन आक्रोश मार्च निकाला। मार्च की शुरुआत नवतन मोड़ से हुई और कार्यकर्ता माड़र घाट तक पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने वालों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी की।

माले कार्यकर्ताओं ने कहा कि बाबा साहब की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि दोषियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो लोगों में असंतोष बढ़ सकता है।
गोपालगंज में कार्रवाई की मांग पर जोर
जन आक्रोश मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मामले में तेजी से कार्रवाई करने की मांग की। उनका कहना था कि प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने वालों को कानून के दायरे में लाना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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मार्च में रमेश बैठा, राजेश राम, इंद्रजीत राय, सीता पाल, सरोज राम, ललन बैठा और अनिल कुमार समेत दो दर्जन से अधिक भाकपा माले कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने घटना के विरोध में अपनी नाराजगी जाहिर की और आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग दोहराई।
जांच और शांति बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती
गोपालगंज के भुजौली खुर्द की घटना के बाद प्रशासन के सामने एक ओर दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के सामने लाने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर गांव में सामाजिक सौहार्द बनाए रखना भी अहम है। ग्रामीणों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की ओर से कार्रवाई की मांग लगातार उठाई जा रही है।
फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच के जरिए घटना में शामिल लोगों की पहचान जल्द होगी। प्रशासन की अपील के बीच गांव में शांति बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है।
अमन कुमार की रिपोर्ट
