टीआरई-4 में BPSC का बड़ा बदलाव, हटेगी निगेटिव मार्किंग, 33,385 पदों पर होगी बहाली

टीआरई-4

टीआरई-4 में एकल परीक्षा और 33,385 पदों पर बहाली की तैयारी

निष्कर्ष भारत, संवाददाता पटना। टीआरई-4 शिक्षक भर्ती को लेकर बिहार में बड़ा बदलाव होने की तैयारी है। शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों की मांग पर सरकार और आंदोलन कर रहे उम्मीदवारों के बीच प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनने के बाद भर्ती प्रक्रिया में महत्वपूर्ण संशोधन किया जा सकता है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि अब शिक्षक भर्ती परीक्षा-4 में एकल परीक्षा कराने और निगेटिव मार्किंग हटाने पर सहमति बन गई है।

टीआरई-4 में शिक्षकों के पदों की संख्या बढ़ी, अब 33,385 पदों पर होगी नियुक्ति

इसके साथ ही टीआरई-4 में शिक्षकों के पदों की संख्या भी बढ़ गई है। संगीत विषय में 111 अतिरिक्त पद शामिल किए जाने के बाद अब इस भर्ती के जरिए कुल 33,385 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। पहले जारी विज्ञापन के बाद अलग-अलग विषयों में लगातार पद जोड़े गए हैं। अब अभ्यर्थियों की नजर बिहार लोक सेवा आयोग यानी बीपीएससी की ओर से जारी होने वाले संशोधित विज्ञापन पर टिकी हुई है।

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संशोधित नियमों और बढ़े हुए पदों को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से बीपीएससी को आवश्यक पत्र भेजा जाएगा। इसके बाद आयोग भर्ती विज्ञापन में जरूरी बदलाव करेगा। एकल परीक्षा, निगेटिव मार्किंग और आवेदन की तारीखों से जुड़ी पूरी तस्वीर संशोधित विज्ञापन जारी होने के बाद साफ होने की उम्मीद है।

टीआरई-4 में एकल परीक्षा पर बनी सहमति

शिक्षक भर्ती परीक्षा-4 को लेकर लंबे समय से अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी मांग परीक्षा की प्रक्रिया को सरल बनाने की थी। आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना था कि भर्ती के लिए एकल परीक्षा कराई जाए, जिससे पूरी प्रक्रिया स्पष्ट और आसान हो सके।

अब इस मांग पर सरकार की ओर से सहमति बनने के बाद टीआरई-4 में एकल परीक्षा कराने की तैयारी है। अभ्यर्थियों के लिए यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि एकल परीक्षा होने से उन्हें परीक्षा की रणनीति एक ही प्रक्रिया के आधार पर तैयार करने में आसानी हो सकती है।

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हालांकि परीक्षा की पूरी रूपरेखा और प्रश्नपत्र से जुड़े नियमों की अंतिम जानकारी संशोधित विज्ञापन जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल सरकार और अभ्यर्थियों के बीच बनी सहमति को टीआरई-4 की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

निगेटिव मार्किंग हटने से अभ्यर्थियों को राहत

टीआरई-4 में निगेटिव मार्किंग हटाने का फैसला भी अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। गलत उत्तर देने पर अंक कटने की व्यवस्था को लेकर लंबे समय से उम्मीदवार मांग उठा रहे थे। अब सरकार की सहमति के बाद गलत जवाब देने पर अंक काटे जाने की व्यवस्था हटाई जाएगी। इससे परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों पर मानसिक दबाव कम होने की उम्मीद है।

उम्मीदवारों का कहना था कि निगेटिव मार्किंग के कारण कई बार सही उत्तर की जानकारी होने के बावजूद भी संशय की स्थिति में प्रश्न छोड़ना पड़ता है। हालांकि अंतिम नियम बीपीएससी के संशोधित विज्ञापन में जारी किए जाएंगे। इसलिए अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी नियमों की पुष्टि आयोग के आधिकारिक संशोधित नोटिस से करनी होगी।

टीआरई-4 में 111 अतिरिक्त पद जोड़े गए, 33,385 तक पहुंची संख्या

बीपीएससी ने 18 अगस्त को शुरुआती विज्ञापन जारी करते हुए 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती की घोषणा की थी। इसके बाद 24 अगस्त को अलग-अलग विषयों में 886 अतिरिक्त पद शामिल किए गए। इनमें बांग्ला, ललित कला, नृत्य, मैथिली, अरबी, फारसी, विशेष विद्यालय, पाली, प्राकृत, भोजपुरी, मगही और कृषि जैसे विषयों के पद शामिल थे। 886 पदों के जुड़ने के बाद टीआरई-4 में कुल रिक्तियों की संख्या 33,274 हो गई थी। अब संगीत विषय में 111 अतिरिक्त पद जोड़े जाने के बाद कुल रिक्तियों की संख्या 33,385 तक पहुंच गई है।

इस तरह शुरुआती विज्ञापन में घोषित पदों की तुलना में अब तक कुल 997 पदों की बढ़ोतरी हो चुकी है। पदों की संख्या बढ़ने से शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर मिलने की उम्मीद है।

संशोधित विज्ञापन का अभ्यर्थियों को इंतजार

टीआरई-4 में बदलाव के बाद सबसे ज्यादा चर्चा संशोधित विज्ञापन को लेकर है। सूत्रों के अनुसार संशोधित विज्ञापन जल्द जारी होने की संभावना जताई जा रही है। पहले जारी कार्यक्रम के अनुसार शिक्षक भर्ती परीक्षा-4 के लिए आवेदन की प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होनी थी, जबकि आवेदन करने की अंतिम तिथि 29 सितंबर निर्धारित की गई थी।

लेकिन परीक्षा की व्यवस्था और भर्ती नियमों में बदलाव के कारण आवेदन की तारीखों में भी संशोधन हो सकता है। अगर संशोधित विज्ञापन के साथ आवेदन प्रक्रिया में बदलाव किया जाता है तो अभ्यर्थियों को नई तारीखों का इंतजार करना होगा।

आंदोलन के दौरान अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रणाली, निगेटिव मार्किंग, पाठ्यक्रम और अन्य मुद्दों को लेकर लगातार अपनी मांग रखी थी। अब प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद उम्मीदवारों को उम्मीद है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी बाकी तस्वीर भी जल्द साफ होगी।

टीआरई-4 में बीएड अभ्यर्थियों की मांग पर नजर

शिक्षक भर्ती परीक्षा-4 को लेकर बीएड और अन्य शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम कर रहे विद्यार्थियों की मांग भी महत्वपूर्ण बनी हुई है। बीएड के वर्ष 2024-26 सत्र के विद्यार्थियों ने सरकार के सामने यह मांग रखी है कि उन्हें भी टीआरई-4 में आवेदन करने का अवसर दिया जाए। अभ्यर्थियों ने इस मुद्दे को लेकर शिक्षा मंत्री से मुलाकात की है। उनका कहना है कि शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा कर रहे योग्य विद्यार्थियों को भर्ती प्रक्रिया से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए।

यदि सरकार इस मांग पर सकारात्मक फैसला करती है तो आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई जा सकती है। ऐसा होने पर नए पात्र अभ्यर्थियों को आवेदन करने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकता है। हालांकि बीएड विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल करने और आवेदन की समयसीमा बढ़ाने को लेकर अभी अंतिम निर्णय स्पष्ट नहीं है। इस संबंध में स्थिति संशोधित विज्ञापन जारी होने के बाद ही पूरी तरह साफ हो सकेगी।

अभ्यर्थियों की लंबी मांग के बाद बदलाव

टीआरई-4 को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन कई दिनों से जारी था। परीक्षा के स्वरूप और निगेटिव मार्किंग समेत कई मुद्दों को लेकर उम्मीदवार अपनी मांग सरकार के सामने रख रहे थे। सरकार के साथ बातचीत के बाद प्रमुख मांगों पर सहमति बनने से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। अब एकल परीक्षा और निगेटिव मार्किंग हटाने जैसे फैसले भर्ती प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव माने जा रहे हैं। अभ्यर्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब उन्हें संशोधित विज्ञापन का इंतजार है। आयोग जब नया नोटिस जारी करेगा तो परीक्षा का स्वरूप, आवेदन की तारीख, पात्रता और अन्य सभी नियमों की विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।

बढ़ते पदों से बढ़ी उम्मीद

टीआरई-4 में पदों की संख्या बढ़ने से बिहार के शिक्षक अभ्यर्थियों में उम्मीद बढ़ी है। शुरुआती विज्ञापन के बाद 997 अतिरिक्त पदों का जुड़ना यह संकेत देता है कि अलग-अलग विषयों की रिक्तियों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है। खासकर क्षेत्रीय भाषाओं और विभिन्न विषयों के पद बढ़ने से उन अभ्यर्थियों को अवसर मिलने की संभावना बढ़ी है, जो संबंधित विषयों से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। संगीत विषय में 111 पदों का जुड़ना भी ऐसे उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बीएसएससी परीक्षा कैलेंडर का भी इंतजार

इस बीच बिहार के प्रतियोगी छात्रों को बिहार कर्मचारी चयन आयोग यानी बीएसएससी के परीक्षा कैलेंडर का भी इंतजार है। राज्य में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं।

बीपीएससी, बीएसएससी और अन्य भर्ती संस्थाओं से होने वाली कई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए परीक्षा कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण है। अनुमान के अनुसार राज्य में करीब 50 लाख विद्यार्थी और अभ्यर्थी अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।

परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया में लंबे समय तक देरी होने से अभ्यर्थियों की परेशानी बढ़ती है। उम्र सीमा निकलने की चिंता के साथ-साथ आर्थिक और मानसिक दबाव भी उम्मीदवारों के सामने बड़ी चुनौती बनता है।

अब संशोधित विज्ञापन पर सबकी नजर

टीआरई-4 शिक्षक भर्ती को लेकर अब अगला बड़ा कदम बीपीएससी का संशोधित विज्ञापन होगा। इसके जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आवेदन प्रक्रिया की तारीखों में क्या बदलाव किया गया है और परीक्षा का अंतिम स्वरूप क्या होगा। एकल परीक्षा कराने, निगेटिव मार्किंग हटाने और कुल पदों की संख्या बढ़ाकर 33,385 करने पर बनी सहमति ने लाखों अभ्यर्थियों की उम्मीद बढ़ा दी है। पद बढ़ने से जहां नियुक्ति के अवसर बढ़े हैं, वहीं निगेटिव मार्किंग हटने से परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को राहत मिली है।

यदि बीएड अभ्यर्थियों की मांग पर भी सकारात्मक निर्णय लिया जाता है और आवेदन की अंतिम तिथि आगे बढ़ती है तो बड़ी संख्या में नए पात्र उम्मीदवारों को भी इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिल सकता है। फिलहाल शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को संशोधित विज्ञापन का इंतजार है। बीपीएससी के नए नोटिस के साथ टीआरई-4 की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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