उर्स के मौके पर तेजस्वी यादव ने पटना हाई कोर्ट मजार पर की चादरपोशी, प्रदेश में अमन-शांति की दुआ मांगी

तेजस्वी यादव

तेजस्वी यादव ने पटना हाई कोर्ट मजार पर चादरपोशी की।

निष्कर्ष भारत संवाददाता  पटना। राजद नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उर्स के अवसर पर पटना हाई कोर्ट परिसर स्थित मजार पर पहुंचकर पारंपरिक चादरपोशी की और मत्था टेका। औरंगाबाद में जन्माष्टमी समारोह में शामिल होने के बाद पटना पहुंचे तेजस्वी यादव ने मजार पर बिहार की खुशहाली, तरक्की और सामाजिक सौहार्द के लिए दुआ की।

मजार पर चादरपोशी के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि यह उनके परिवार की पुरानी परंपरा रही है। उन्होंने बताया कि उनके पिता और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव भी लंबे समय से हर वर्ष यहां आकर चादरपोशी करते रहे हैं। उनके मुताबिक, इस परंपरा के पीछे आस्था के साथ-साथ सामाजिक भाईचारे और सद्भाव की भावना भी जुड़ी हुई है।

बिहार की तरक्की और युवाओं के रोजगार की कामना

चादरपोशी के बाद मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने मजार पर बिहार की जनता की खुशहाली और राज्य की लगातार प्रगति के लिए प्रार्थना की है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं के भविष्य, रोजगार और आर्थिक अवसरों को लेकर अपनी बात रखी।

तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की सबसे बड़ी जरूरतों में रोजगार का विस्तार और युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना शामिल है। उनका कहना था कि राज्य में आर्थिक न्याय और सामाजिक बराबरी का वातावरण मजबूत होना चाहिए, ताकि विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंच सके।

उन्होंने सामाजिक समरसता को भी बिहार के विकास से जोड़ते हुए कहा कि किसी भी राज्य की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब हर वर्ग को सम्मान, अधिकार और आगे बढ़ने का समान अवसर मिले।

तेजस्वी यादव ने गंगा-जमुनी तहजीब का किया जिक्र

मजार पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान तेजस्वी यादव ने भारत की सांस्कृतिक विविधता और गंगा-जमुनी तहजीब का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता में छिपी है। यहां अलग-अलग धर्म, जातियां, भाषाएं और संस्कृतियां लंबे समय से एक-दूसरे के साथ मिलकर रहती आई हैं।

उन्होंने कहा कि समाज की मजबूती केवल आर्थिक विकास से नहीं होती, बल्कि आपसी विश्वास और भाईचारा भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अलग-अलग समुदायों के बीच सम्मान और सद्भाव कायम रहना देश की सामाजिक ताकत है।

तेजस्वी यादव के मुताबिक, समाज में जब आपसी सहयोग और एकजुटता बनी रहती है, तो किसी भी चुनौती का सामना करना आसान हो जाता है। उन्होंने सामाजिक सौहार्द को बिहार और देश की मजबूत नींव के लिए जरूरी बताया।

चिराग पासवान की सुरक्षा पर तेजस्वी यादव का बयान

मजार पर चादरपोशी के बाद मीडिया ने तेजस्वी यादव से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान की सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग को लेकर भी सवाल किया। इस पर उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक या जनप्रतिनिधि को सुरक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।

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उन्होंने कहा कि सुरक्षा से जुड़े मामलों को राजनीतिक नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए। केंद्र और राज्य सरकार को खतरे की स्थिति और उपलब्ध सुरक्षा आकलन के आधार पर उचित फैसला लेना चाहिए। तेजस्वी यादव ने संकेत दिया कि जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्रशासन को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए।

उनका कहना था कि सुरक्षा का विषय राजनीति से ऊपर है और जिस व्यक्ति को सुरक्षा की आवश्यकता है, सरकार को उसकी स्थिति का आकलन कर उचित कदम उठाना चाहिए।

आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी उठाया सवाल

तेजस्वी यादव ने सुरक्षा के मुद्दे को केवल राजनीतिक नेताओं तक सीमित रखने के बजाय आम लोगों से भी जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में हर नागरिक को सुरक्षित महसूस होना चाहिए। कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी होनी चाहिए कि आम आदमी बिना भय के अपना जीवन जी सके।

उन्होंने छात्रों, युवाओं और पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकारों को स्वतंत्र और सुरक्षित माहौल मिलना जरूरी है। इसी तरह छात्रों और आम नागरिकों को भी अपराध और असुरक्षा के माहौल से बचाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

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तेजस्वी यादव ने प्रशासन से अपराध पर प्रभावी तरीके से नियंत्रण करने और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी केवल विकास योजनाएं चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उसका अहम दायित्व है।

आस्था, सामाजिक संदेश और राजनीतिक बयान

तेजस्वी यादव का मजार पहुंचना ऐसे समय में हुआ, जब बिहार में राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हैं। हालांकि चादरपोशी का कार्यक्रम धार्मिक आस्था और पारिवारिक परंपरा से जुड़ा रहा, लेकिन इस दौरान दिए गए उनके बयानों में बिहार के विकास, रोजगार, सामाजिक न्याय और कानून-व्यवस्था जैसे राजनीतिक मुद्दे भी प्रमुख रहे।

एक ओर उन्होंने मजार पर बिहार की जनता की खुशहाली और तरक्की के लिए प्रार्थना की, वहीं दूसरी ओर युवाओं के रोजगार और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार की जिम्मेदारियों पर अपनी राय रखी। गंगा-जमुनी तहजीब का जिक्र कर उन्होंने सामाजिक एकता और भाईचारे को भी महत्वपूर्ण बताया।

पटना हाई कोर्ट स्थित मजार पर तेजस्वी यादव की चादरपोशी इस लिहाज से भी चर्चा में रही कि उन्होंने अपने पारिवारिक विश्वास और परंपरा को दोहराने के साथ बिहार के मौजूदा सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। उनके बयान में रोजगार, आर्थिक न्याय, सामाजिक सौहार्द और नागरिक सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आए।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट