तेजस्वी का PM मोदी को चिठ्ठी, बोले- बाढ़ पीड़ितों की सहायता करने में उदासीन सम्राट सरकार
तेजस्वी यादव ने PM मोदी से बिहार आने और राहत देने की अपील की।
निष्कर्ष भारत, संवाददाता पटना। बिहार में बाढ़ से बिगड़े हालात के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहार का दौरा करने और बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए तत्काल राहत उपलब्ध कराने की अपील की है। तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर केंद्र सरकार के सामने सात सूत्री मांगें रखी हैं। उन्होंने बिहार सरकार पर बाढ़ पीड़ितों को पर्याप्त राहत नहीं मिलने का आरोप लगाया है।
तेजस्वी यादव ने अपने पत्र में कहा है कि बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं। ऐसे समय में केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने की जरूरत है। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे जल्द बिहार आएं और बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति का जायजा लेकर पीड़ितों के लिए आवश्यक सहायता सुनिश्चित करें।
तेजस्वी ने प्रधानमंत्री के सामने रखीं सात मांगें
राजद नेता ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र के माध्यम से बाढ़ राहत को लेकर सात सूत्री मांग पत्र पेश किया है। उनका जोर प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत पहुंचाने, आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने और बाढ़ के कारण परेशान लोगों को सरकारी सहायता दिलाने पर रहा।
तेजस्वी यादव का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के समय राहत कार्यों में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से बिहार की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए राज्य को आवश्यक मदद उपलब्ध कराने की अपील की है।
तेजस्वी का बिहार सरकार पर बड़ा आरोप
तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार सरकार बाढ़ पीड़ितों की सहायता करने में उदासीनता बरत रही है। अपने पत्र में उन्होंने राज्य सरकार की आर्थिक स्थिति को लेकर भी चिंता जताई।

राजद नेता ने कहा कि आपदा राहत की राशि का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्यों के लिए होना चाहिए। उनके अनुसार, इस वर्ष राज्य की आकस्मिक निधि और अन्य वित्तीय संसाधनों का इस्तेमाल नियमित सरकारी खर्चों में किया गया, जिसके कारण आपदा की स्थिति में राहत के लिए धन की कमी सामने आ रही है।
हालांकि, ये आरोप तेजस्वी यादव की ओर से लगाए गए हैं। राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह अलग से स्पष्ट होगा।
बाढ़ से पहले 4 हजार करोड़ निकालने का दावा
मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार सरकार ने बाढ़ आने से पहले कंटिजेंसी फंड से करीब चार हजार करोड़ रुपये निकाल लिए थे। उन्होंने कहा कि सामान्य सरकारी कामकाज के लिए राशि का इस्तेमाल किए जाने का असर अब बाढ़ राहत पर पड़ रहा है।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार अपने सामान्य कार्यों को भी ठीक ढंग से संचालित नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि जब राज्य में बड़ी आपदा सामने आई है, तब राहत कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होना जरूरी है।
तेजस्वी बोले- बाढ़ पीड़ितों तक राहत पहुंचना जरूरी
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से राहत को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। उनके मुताबिक, केवल हवाई सर्वेक्षण करने से बाढ़ पीड़ितों की समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि प्रभावित परिवारों तक भोजन, पानी और अन्य जरूरी सहायता पहुंचाना आवश्यक है।
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उन्होंने मुख्यमंत्री के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के हवाई सर्वेक्षण और राहत शिविरों के निरीक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को जमीन पर राहत व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए। तेजस्वी का कहना है कि प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता मिलना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
तेजस्वी ने PM मोदी से बिहार आने को कहा
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जल्द बिहार आने की अपील करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के स्तर से राज्य को आवश्यक सहयोग मिलना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बिहार बड़ी आपदा का सामना कर रहा है, तब केंद्र के कई बड़े मंत्री यहां क्यों नहीं आ रहे हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री से खुद बिहार का दौरा करने और बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति देखने का आग्रह किया। तेजस्वी के मुताबिक, प्रधानमंत्री के दौरे से केंद्र स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों को गति देने में मदद मिल सकती है।
चुनावी खर्च को लेकर भी साधा निशाना
मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने पिछली एनडीए सरकार के चुनावी खर्च को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान लोगों को 10-10 हजार रुपये बांटे जाने से राज्य का खजाना खाली हो गया और अब सरकार के पास खर्च करने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं है।

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार की आर्थिक स्थिति और बाढ़ जैसी आपदा के बीच राहत व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। तेजस्वी ने केंद्र से हस्तक्षेप कर बिहार को आवश्यक आर्थिक और राहत सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
फिलहाल बिहार में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री की ओर से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण और राहत शिविरों का निरीक्षण किया जा रहा है। वहीं तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप और बिहार के बाढ़ पीड़ितों के लिए अतिरिक्त राहत की मांग की है।
अमन कुमार की रिपोर्ट
