बिहार में PDS विक्रेताओं को भी ₹30 हजार मानदेय दें, तेजस्वी यादव ने CM सम्राट चौधरी को लिखी चिट्ठी

 तेजस्वी यादव 

गुजरात की तर्ज पर बिहार के PDS विक्रेताओं को ₹30 हजार मासिक मानदेय देने की मांग, तेजस्वी यादव ने CM सम्राट चौधरी को लिखी चिट्ठी।

निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना: बिहार की राजनीति में जन वितरण प्रणाली यानी PDS विक्रेताओं की समस्याओं को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर बिहार के पीडीएस विक्रेताओं के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई हैं। तेजस्वी यादव ने गुजरात की तर्ज पर बिहार में भी पीडीएस विक्रेताओं को कम से कम 30 हजार रुपये प्रतिमाह निश्चित मानदेय देने की मांग की है।

तेजस्वी यादव ने अपने पत्र में पीडीएस विक्रेताओं की आर्थिक और प्रशासनिक परेशानियों का जिक्र करते हुए सरकार से आठ बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। हालांकि पत्र 4 सितंबर को लिखा गया था, जिसे नेता प्रतिपक्ष की ओर से बुधवार को सार्वजनिक किया गया।

गुजरात मॉडल के तहत ₹30 हजार मानदेय की मांग

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि जन वितरण प्रणाली के विक्रेता राज्य की सार्वजनिक वितरण व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे कठिन परिस्थितियों में भी लाखों गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने का काम करते हैं।

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद लंबे समय से पीडीएस विक्रेताओं की आर्थिक और प्रशासनिक समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। बढ़ती महंगाई, प्रशासनिक परेशानियों, कमीशन के भुगतान में देरी और तकनीकी समस्याओं के कारण विक्रेताओं के सामने गंभीर आर्थिक संकट पैदा हो गया है।

इसी को देखते हुए तेजस्वी यादव ने मांग की कि गुजरात की तर्ज पर बिहार के पीडीएस विक्रेताओं को न्यूनतम 30,000 रुपये प्रति माह निश्चित मानदेय दिया जाए।

आठ सूत्री मांगों के जरिए सरकार पर दबाव

नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में पीडीएस विक्रेताओं की समस्याओं से जुड़ी कुल आठ प्रमुख मांगें मुख्यमंत्री के सामने रखी हैं। इनमें मानदेय के अलावा अनुकंपा नियुक्ति, लंबित कमीशन, गोदामों में कथित अनियमितता, तकनीकी समस्याओं और शिकायत निवारण व्यवस्था से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।

तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार को इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द निर्णय लेना चाहिए, ताकि पीडीएस विक्रेताओं को लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से राहत मिल सके।

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झारखंड की तर्ज पर अनुकंपा नियुक्ति की मांग

तेजस्वी यादव ने पीडीएस विक्रेताओं के परिवारों से जुड़ी अनुकंपा नियुक्ति का मुद्दा भी उठाया है। उन्होंने झारखंड की तर्ज पर अनुकंपा नियुक्ति की समय सीमा समाप्त करने की मांग की है।

पत्र में कहा गया है कि पात्र आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति का प्रावधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इससे उन परिवारों को राहत मिल सकेगी, जिनके लिए पीडीएस दुकान चलाना आय का महत्वपूर्ण साधन रहा है।

6 महीने से 1 साल तक लंबित कमीशन का भुगतान

तेजस्वी यादव ने पीडीएस विक्रेताओं के लंबित कमीशन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने दावा किया कि कई विक्रेताओं का कमीशन पिछले छह महीने से लेकर एक साल तक लंबित है।

उनके मुताबिक, कमीशन का भुगतान नहीं होने के कारण हजारों पीडीएस विक्रेताओं और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है। उन्होंने सरकार से लंबित कमीशन का तत्काल भुगतान कराने की मांग की है।

इसके अलावा विधानसभा चुनाव से पहले पीडीएस विक्रेताओं के कमीशन में 47 रुपये की वृद्धि की घोषणा का भी उन्होंने जिक्र किया। तेजस्वी यादव ने कहा कि यदि बढ़ी हुई राशि का भुगतान अब तक नहीं हुआ है तो उसे तत्काल लागू करते हुए बकाया राशि भी दी जानी चाहिए।

गोदामों में कथित भ्रष्टाचार और घटतौली पर कार्रवाई की मांग

तेजस्वी यादव ने बिहार राज्य खाद्य निगम के गोदामों से जुड़ी कथित भ्रष्टाचार, अनियमितता और घटतौली की शिकायतों पर भी सवाल उठाए हैं।

उन्होंने सरकार से ऐसी शिकायतों की जांच कर कठोर कार्रवाई करने और पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की है। साथ ही नापतौल, घटतौली और खाद्यान्न वितरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान की भी मांग की गई है।

E-POS और सर्वर की समस्या का रियल टाइम समाधान

पीडीएस दुकानों पर इस्तेमाल होने वाली E-POS मशीन, सर्वर और अन्य तकनीकी समस्याओं का मुद्दा भी तेजस्वी यादव ने पत्र में उठाया है।

उन्होंने कहा कि तकनीकी खामियों का खामियाजा पीडीएस विक्रेताओं और लाभुकों को नहीं भुगतना चाहिए। इसलिए ऐसी समस्याओं का रियल टाइम समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

पीडीएस व्यवस्था में तकनीकी समस्याओं के कारण कई बार लाभुकों को राशन मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, विक्रेताओं को भी प्रशासनिक स्तर पर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

शिकायत निवारण व्यवस्था बनाने की मांग

तेजस्वी यादव ने पीडीएस विक्रेताओं पर अनावश्यक प्रशासनिक दबाव और दंडात्मक कार्रवाई रोकने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए जिला और प्रखंड स्तर पर प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।

उन्होंने सरकार, विभागीय अधिकारियों और फेयर प्राइस डीलर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के बीच नियमित त्रिपक्षीय बैठक आयोजित करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि बातचीत के माध्यम से पीडीएस विक्रेताओं की समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।

सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से पीडीएस विक्रेताओं की आठ सूत्री मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि पीडीएस विक्रेता गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने की व्यवस्था में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी आर्थिक और प्रशासनिक समस्याओं का समाधान करना जरूरी है।

तेजस्वी यादव की इस चिट्ठी के बाद अब निगाहें बिहार सरकार के रुख पर टिकी हैं। खासतौर पर गुजरात की तर्ज पर ₹30 हजार मासिक मानदेय की मांग पर सरकार क्या फैसला लेती है, यह आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण होगा।

Nishkarsh Bharat

पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट

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