पश्चिम चंपारण में दांत दर्द का इलाज पड़ा भारी? महिला की मौत से मचा हंगामा, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप
दांत दर्द का इलाज कराने पहुंची महिला की मौत के बाद हंगामा
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पश्चिम चंपारण)। दांत दर्द का इलाज कराने पहुंची एक महिला की निजी अस्पताल में मौत के बाद पश्चिम चंपारण के शिकारपुर थाना क्षेत्र में हंगामा हो गया। मलदी गांव की रहने वाली सुनरपति देवी दांत में दर्द की शिकायत लेकर शिवगंज स्थित एक निजी अस्पताल पहुंची थीं। उपचार के दौरान इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने का आरोप परिजनों ने लगाया है। गंभीर हालत में उन्हें नरकटियागंज अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
दांत दर्द में महिला की मौत के बाद परिजनों ने निजी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. शाहिद अख्तर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। हालांकि, अभी तक महिला की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हुई है। मौत दांत दर्द के उपचार के दौरान किसी जटिलता, इंजेक्शन के बाद हुई प्रतिक्रिया या किसी अन्य चिकित्सकीय कारण से हुई, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
दांत दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची थीं
परिजनों के अनुसार, सुनरपति देवी को दांत दर्द की शिकायत थी। इसी परेशानी का इलाज कराने के लिए वह शिवगंज स्थित निजी अस्पताल पहुंची थीं। वहां चिकित्सक डॉ. शाहिद अख्तर ने उनका उपचार शुरू किया।
परिजनों का कहना है कि दांत दर्द के इलाज के दौरान महिला को एक इंजेक्शन लगाया गया। इंजेक्शन लगाए जाने के कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। महिला की हालत खराब होती देख परिजन घबरा गए और उन्हें तत्काल दूसरे अस्पताल ले जाने का फैसला किया।
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परिवार का आरोप है कि शुरुआत में जिस समस्या को सामान्य दांत दर्द समझकर इलाज कराने अस्पताल पहुंचे थे, उसी दौरान स्थिति अचानक गंभीर हो गई। हालांकि, यह चिकित्सकीय रूप से किस कारण हुआ, इसका निष्कर्ष फिलहाल सामने नहीं आया है।
इंजेक्शन के बाद हालत बिगड़ने का आरोप
मृतका के पति झुन्ना सहनी ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी को केवल दांत में दर्द था और वह इसी समस्या का इलाज कराने निजी अस्पताल गई थीं। उनके मुताबिक, उपचार के दौरान इंजेक्शन दिए जाने के बाद पत्नी की तबीयत बिगड़ गई।
परिजनों का कहना है कि हालत खराब होने के बाद महिला को आनन-फानन में नरकटियागंज अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच की और महिला को मृत घोषित कर दिया।

परिजनों के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि महिला को कौन सा इंजेक्शन दिया गया था, उसकी मात्रा क्या थी और उपचार से पहले उनकी चिकित्सकीय स्थिति कैसी थी। इन सवालों का जवाब अस्पताल के रिकॉर्ड, मेडिकल जांच और अन्य साक्ष्यों से ही मिल सकता है।
नरकटियागंज अस्पताल पहुंचने से पहले मौत
परिजनों के अनुसार, महिला की हालत गंभीर होने के बाद उन्हें नरकटियागंज अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सक रजनीकांत ने महिला की जांच की। जांच के बाद उन्होंने महिला को मृत घोषित कर दिया।
चिकित्सक के अनुसार, महिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ चुकी थीं। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के बीच घटना को लेकर नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने निजी अस्पताल में उपचार को लेकर सवाल उठाए।
महिला की मौत के बाद निजी अस्पताल में हंगामा
घटना की जानकारी फैलने के बाद मृतका के परिजन और स्थानीय लोग निजी अस्पताल में जुट गए। परिजनों ने कथित चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध जताया।
परिजनों का कहना था कि अगर महिला को केवल दांत दर्द की शिकायत थी तो उपचार के दौरान अचानक उनकी हालत इतनी गंभीर कैसे हो गई। इसी सवाल को लेकर अस्पताल में काफी देर तक विरोध की स्थिति बनी रही।
हालांकि, किसी उपचार को चिकित्सकीय लापरवाही मानने के लिए केवल उपचार के बाद मौत होना पर्याप्त नहीं होता। इसके लिए मेडिकल रिकॉर्ड, उपचार की प्रक्रिया, दवा या इंजेक्शन की जानकारी और विशेषज्ञ जांच जैसे तथ्यों को देखना जरूरी होता है।
दांत दर्द का इलाज की पर्ची को लेकर भी उठे सवाल
परिजनों ने उपचार से संबंधित पर्ची को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि निजी अस्पताल की ओर से इलाज की पूरी पर्ची देने में आनाकानी की गई। परिवार के अनुसार, विरोध के बाद उन्हें केवल मरीज का नाम लिखी हुई पर्ची दी गई। अगर उपचार के दौरान इस्तेमाल की गई दवाओं और इंजेक्शन का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है, तो यह जांच का एक महत्वपूर्ण बिंदु हो सकता है।
हालांकि, इस संबंध में अस्पताल की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आने की जानकारी नहीं है। इसलिए पर्ची को लेकर लगाए गए आरोपों की पुष्टि भी संबंधित दस्तावेज और अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच के बाद ही हो सकेगी।
दांत दर्द के इलाज के बाद मौत की वजह क्या?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल महिला की मौत की वास्तविक वजह को लेकर है। फिलहाल परिजनों का आरोप उपचार और इंजेक्शन के बाद हालत बिगड़ने पर केंद्रित है, लेकिन इससे अपने आप यह साबित नहीं होता कि मौत चिकित्सकीय लापरवाही के कारण हुई।
महिला की उम्र, पहले से मौजूद किसी बीमारी, दवाओं का इस्तेमाल, इंजेक्शन की प्रकृति और उपचार के दौरान उनकी शारीरिक प्रतिक्रिया जैसे कई पहलुओं की जांच जरूरी होगी। विशेषज्ञ चिकित्सकीय राय के आधार पर ही मौत के कारण को लेकर स्पष्ट निष्कर्ष निकाला जा सकता है।
मामले की निष्पक्ष जांच क्यों जरूरी?
घटना के बाद पूरे मामले की निष्पक्ष जांच इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एक तरफ परिवार इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप लगा रहा है, जबकि दूसरी तरफ मौत की वास्तविक चिकित्सकीय वजह अभी सामने नहीं आई है।
जांच में अस्पताल के रजिस्टर, मरीज की पर्ची, उपचार से जुड़े दस्तावेज, इस्तेमाल की गई दवाओं और इंजेक्शन की जानकारी तथा महिला की मेडिकल हिस्ट्री को देखा जा सकता है। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की राय भी ली जा सकती है।
अगर जांच में उपचार संबंधी किसी नियम या मानक के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो उसके आधार पर संबंधित स्तर पर कार्रवाई हो सकती है। वहीं, यदि कोई अन्य चिकित्सकीय कारण सामने आता है तो मामले की तस्वीर अलग हो सकती है।
परिवार को अब जांच से जवाब की उम्मीद
सुनरपति देवी की मौत के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनकी मौत आखिर किन परिस्थितियों में हुई। परिजन चाहते हैं कि पूरे मामले की जांच हो और उपचार से जुड़ी परिस्थितियां स्पष्ट हों।
स्थानीय स्तर पर भी घटना को लेकर चर्चा है। दांत दर्द जैसी सामान्य शिकायत के उपचार के दौरान महिला की मौत की खबर ने लोगों को चिंतित किया है। लेकिन घटना की वास्तविक वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होना जरूरी है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, महिला की मौत के बाद परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस और संबंधित प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच आगे बढ़ती है तो उपचार के दौरान हुई घटनाओं की पूरी तस्वीर सामने आ सकती है।
क्या कहती है घटना की मौजूदा तस्वीर?
मौजूदा स्थिति में इतना स्पष्ट है कि सुनरपति देवी दांत दर्द का इलाज कराने निजी अस्पताल पहुंची थीं, उपचार के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी और बाद में नरकटियागंज अनुमंडल अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध किया।
लेकिन महिला की मौत का कारण क्या था और क्या उपचार में वास्तव में कोई लापरवाही हुई, इन दोनों सवालों का जवाब अभी जांच पर निर्भर है। मेडिकल रिकॉर्ड और चिकित्सकीय जांच से ही यह तय हो सकेगा कि मौत के पीछे कौन सा कारण जिम्मेदार था।
पश्चिम चंपारण के इस मामले में परिवार की शिकायत, अस्पताल से जुड़े दस्तावेज और मेडिकल साक्ष्य जांच के लिए महत्वपूर्ण होंगे। जांच पूरी होने के बाद ही दांत दर्द के उपचार से लेकर महिला की मौत तक की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट हो पाएंगी।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
