दिल्ली विधानसभा में सुरक्षा में बड़ी चूक: बैरिकेड तोड़कर घुसी कार, आरोपी हिरासत में
राजधानी दिल्ली में सोमवार दोपहर एक गंभीर सुरक्षा चूक सामने आई, जब एक संदिग्ध कार दिल्ली विधानसभा परिसर के अंदर घुस गई।
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में सोमवार दोपहर एक गंभीर सुरक्षा चूक सामने आई, जब एक संदिग्ध कार दिल्ली विधानसभा परिसर के अंदर घुस गई। घटना ने वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर तब जब हाल के महीनों में विधानसभा को लेकर धमकियों की खबरें भी सामने आई थीं।
कैसे हुई घटना?
जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 2 बजे उत्तर प्रदेश नंबर की एक कार विधानसभा परिसर के वीआईपी एंट्री गेट नंबर-2 पर पहुंची। कार चालक ने चेहरे पर नकाब पहन रखा था, जिससे उसकी पहचान तुरंत नहीं हो सकी। उसने बिना रुके बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए कार को अंदर घुसा दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के मुताबिक, कार सीधे विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता के कार्यालय की ओर बढ़ी। वहां पोर्च के पास चालक ने एक गुलदस्ता रखा और फिर तुरंत कार लेकर मौके से फरार हो गया। इस पूरी घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया।
बम की आशंका, लेकिन कुछ संदिग्ध नहीं मिला
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। चूंकि हाल ही में विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकियां मिली थीं, इसलिए प्रारंभिक तौर पर इसे संभावित खतरे के रूप में देखा गया। हालांकि जांच के दौरान मौके से कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई
सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे परिसर को घेर लिया गया। इसके अलावा सुरक्षा को और कड़ा करते हुए गेट नंबर-2 पर सीआरपीएफ की तैनाती कर दी गई है।

न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें से एक की पहचान उत्तर प्रदेश के पीलीभीत निवासी सरबजीत के रूप में हुई है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे की साजिश का पता लगाया जा सके।
बरामद हुई कार और जांच की दिशा
पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई टाटा सिएरा कार को भी बरामद कर लिया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कार चालक का मकसद क्या था—क्या यह केवल सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने का प्रयास था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी हुई है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और विधानसभा के सुरक्षा प्रोटोकॉल की भी समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।
पहले भी हो चुकी है सुरक्षा में चूक
यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली के शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। इससे पहले 20 अगस्त 2025 को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर जनसुनवाई के दौरान हमला हुआ था।

उस घटना में आरोपी ने शिकायतकर्ता बनकर सीएम के पास पहुंचकर पहले उनका हाथ खींचा, फिर बाल पकड़कर थप्पड़ मार दिया था। इस हमले में मुख्यमंत्री को हाथ, कंधे और सिर पर चोटें आई थीं। आरोपी राजेशभाई खीमजी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज थे।
बढ़ती घटनाएं, बढ़ती चिंता
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने दिल्ली में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील संस्थानों जैसे विधानसभा में सुरक्षा की कई परतें होती हैं, लेकिन इस तरह की चूक सिस्टम में खामियों की ओर इशारा करती है।
आगे क्या?
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, दिल्ली विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नई रणनीति तैयार की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है। अब देखना होगा कि जांच के बाद इस पूरे मामले में क्या खुलासे होते हैं और जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
