नालंदा में यात्रियों से भरी बस पर हमला, अपराधियों ने चालक व उपचालक को पीटा
नालंदा में बस रोककर चालक-उपचालक से मारपीट, जांच शुरू।
निष्कर्ष भारत संवाददाता नालंदा (बिहारशरीफ)। नालंदा जिले के बिहार थाना क्षेत्र में बदमाशों ने बिहारशरीफ से शेखपुरा जा रही यात्री बस को यादव छात्रावास के समीप रोककर हमला कर दिया। बता दे की नालंदा में लाठी-डंडे और लोहे के पाइप से लैस 10 से 12 युवकों ने चालक व उपचालक के साथ मारपीट की तथा बस के शीशे तोड़ दिए। वही इस दौरान उपचालक के पास रखे पांच हजार रुपये छीन लेने का भी आरोप लगाया गया है। अचानक हुए हमले से बस में सवार यात्रियों के बीच अफरातफरी मच गई।
घटना में घायल चालक नीतीश कुमार और उपचालक पप्पू यादव को स्थानीय लोगों तथा पुलिस की मदद से बिहारशरीफ सदर अस्पताल पहुंचाया गया। दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। वही इस घटना की सूचना मिलने के बाद नालंदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची व मामले की जांच शुरू कर दी।
नालंदा में सवारी समझकर बस रोकना पड़ा भारी
सदर अस्पताल में इलाज करा रहे चालक नीतीश कुमार के अनुसार, वह सोमवार सुबह बदौनी बस लेकर शेखपुरा जा रहे थे। यादव छात्रावास के पास सड़क किनारे चार-पांच युवक खड़े दिखाई दिए। चालक ने उन्हें यात्री समझकर बस रोक दी।
चालक का आरोप है कि बस रुकते ही युवकों में से एक बस में चढ़ गया और उसकी ओर से चाबी निकाल ली। इसके बाद वहां पहले से मौजूद 10 से 12 अन्य युवक भी पहुंच गए। आरोप है कि सभी ने गाली-गलौज शुरू कर दी और लाठी-डंडे तथा लोहे के पाइप से चालक और उपचालक पर हमला कर दिया।
पहले उपचालक को घेरा, फिर चालक पर किया हमला
चालक के अनुसार, हमलावरों ने सबसे पहले उपचालक पप्पू यादव को घेर लिया और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद चालक को बस के अंदर ही पीटा गया। हमले के कारण दोनों को चोटें आईं। यात्रियों के बीच भी इस दौरान भय और अफरातफरी की स्थिति बन गई।

हमलावरों ने बस के शीशे भी तोड़ दिए। इससे बस को नुकसान पहुंचा। नालंदा पुलिस के अनुसार, चालक का आरोप है कि हमलावरों ने डीजल भराने के लिए जेब में रखे पांच हजार रुपये भी छीन लिए। घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई।
रक्षाबंधन के विवाद से जुड़ा हो सकता है मामला
नालंदा में हुई इस घटना को चालक ने रक्षाबंधन के दिन हुए एक विवाद से जोड़कर देखा है। नीतीश कुमार के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन बस में काफी भीड़ थी। उस दौरान नियमित स्टॉपेज से कुछ दूरी पर बस रोकने को लेकर एक यात्री और उसके स्वजन ने चालक तथा उपचालक के साथ गाली-गलौज की थी।
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चालक का कहना है कि उस समय विवाद के दौरान उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई थी। इसी वजह से उसे आशंका है कि सोमवार को उसी पुराने विवाद को लेकर हमला कराया गया। हालांकि, यह फिलहाल चालक की आशंका है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हमले के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इसमें कौन लोग शामिल थे।
सीसीटीवी से नालंदा पुलिस तलाश रही हमलावरों का सुराग
घटना की जानकारी मिलते ही नालंदा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की और आसपास के इलाके की जानकारी जुटाई। अब पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
थानाध्यक्ष सम्राट दीपक ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना में कितने लोग शामिल थे और हमला अचानक हुआ या पहले से इसकी योजना बनाई गई थी।
लिखित आवेदन के बाद दर्ज होगी प्राथमिकी
पुलिस के अनुसार, इस मामले में लिखित आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आरोपों की जांच के साथ-साथ घटनास्थल के आसपास उपलब्ध साक्ष्यों को भी जुटा रही है।
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घटना में रुपये छीनने, मारपीट करने और बस में तोड़फोड़ करने के आरोपों की भी जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
बस यात्रियों की सुरक्षा पर भी उठे सवाल
चलती यात्री बस को रोककर चालक और उपचालक पर हमला किए जाने की घटना ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। सड़क किनारे खड़े युवकों को सवारी समझकर बस रोकना चालक के लिए परेशानी का कारण बन गया। अचानक कई युवकों के पहुंचने के बाद स्थिति इतनी बिगड़ गई कि यात्रियों में भी दहशत फैल गई।

अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हमलावरों की पहचान कर घटना की पूरी कड़ी को सामने लाने की है। सीसीटीवी फुटेज और पीड़ितों के बयान जांच में अहम साबित हो सकते हैं। साथ ही रक्षाबंधन के दिन हुए कथित विवाद की भी पुलिस पड़ताल करेगी।
फिलहाल चालक और उपचालक अस्पताल में उपचाराधीन हैं। पुलिस लिखित शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर मामले को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हमला पुराने विवाद का परिणाम था या इसके पीछे कोई दूसरा कारण था।
अमन कुमार की रिपोर्ट
