पटना NEET छात्रा रेप–मौत मामला: SIT एक्शन मोड में, हॉस्टल सील से छात्राएं परेशान, बिहार भर में उबाल

पटना

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पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की रेप के बाद संदिग्ध मौत के मामले ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित विशेष जांच टीम (SIT) अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। रविवार को SIT की टीम पटना स्थित प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल पहुंची, जहां करीब दो घंटे तक डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों से गहन पूछताछ की गई। इस दौरान अस्पताल से कुछ अहम दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं, जिन्हें जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

अस्पताल में SIT की जांच, डॉक्यूमेंट्स सीज

सूत्रों के मुताबिक, SIT यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्रा को अस्पताल में किस हालत में लाया गया था, इलाज के दौरान क्या-क्या प्रक्रियाएं अपनाई गईं और कहीं किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई। डॉक्टरों के बयान और मेडिकल रिकॉर्ड इस केस में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। जांच एजेंसियां पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और इलाज से जुड़े तथ्यों को आपस में मिलाकर देख रही हैं।

शंभू गर्ल्स हॉस्टल में तनाव, छात्राओं को अंदर जाने से रोका गया

इसी बीच शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रह रही अन्य छात्राओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रविवार को कई छात्राएं और उनके परिजन हॉस्टल पहुंचे ताकि वे अपनी किताबें, नोट्स और जरूरी सामान ले सकें, लेकिन प्रशासन की ओर से उन्हें हॉस्टल के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद हॉस्टल के बाहर हंगामा और विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया।

छात्राओं का कहना है कि 2 फरवरी से इंटरमीडिएट की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं और उसके बाद NEET की परीक्षा है। उनकी सारी किताबें, नोट्स और पढ़ाई से जुड़ा सामान हॉस्टल के अंदर ही रखा हुआ है। ऐसे में बिना किताबों के वे परीक्षा की तैयारी कैसे करेंगी।

“थाने जाने को कहा जा रहा, हम क्यों जाएं?”

प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने आरोप लगाया कि जब वे सिर्फ अपना सामान लेने की बात कर रही हैं, तो उन्हें थाने जाने के लिए कहा जा रहा है। छात्राओं का कहना है कि वे किसी शिकायत या विवाद के लिए नहीं, बल्कि केवल अपने जरूरी नोट्स और बुक्स लेने आई हैं। अगर उन्हें समय पर किताबें मिल जाएंगी, तभी वे परीक्षा की सही तैयारी कर पाएंगी।

एक छात्रा ने कहा, “हमारा एग्जाम सिर पर है। किताबें और नोट्स यहीं हैं। हमें अंदर जाने नहीं दिया जा रहा। अगर ऐसा ही चलता रहा तो हमारा पूरा साल बर्बाद हो जाएगा।”

हॉस्टल छोड़ने का फैसला

एक अन्य छात्रा ने बताया कि वह करीब छह महीने से इस हॉस्टल में रह रही थी और घटना वाले दिन भी मौजूद थी, लेकिन उसने कोई असामान्य गतिविधि नहीं देखी। छात्रा के मुताबिक, हॉस्टल का शेड्यूल सामान्य रहता था। हालांकि, इस दर्दनाक घटना के बाद उसने हॉस्टल में आगे न रहने का फैसला किया है। उसने कहा, “आज हम सिर्फ अपने नोट्स और किताबें लेने आए हैं, लेकिन हमें रोका जा रहा है।”

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से चौंकाने वाला खुलासा

मामले में आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा ने दरिंदगी करने वाले से करीब डेढ़ से दो घंटे तक संघर्ष किया था। इससे घटना की भयावहता और छात्रा की संघर्षशीलता दोनों सामने आती हैं।

पुलिस ने मृतका का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है। जांच में सामने आया है कि मोबाइल में कुछ ऐसे नंबर हैं, जिन पर घटना से एक दिन पहले और घटना के दिन सबसे ज्यादा बातचीत हुई थी। पुलिस अब उन सभी नंबरों की पहचान कर रही है और कॉल डिटेल्स के आधार पर संदिग्धों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।

बिहार भर में प्रदर्शन, राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

छात्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पूरे बिहार में विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए हैं। शनिवार को बेगूसराय में NSUI ने प्रदर्शन किया, जबकि जहानाबाद में आक्रोश मार्च निकाला गया। इस मार्च में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह भी शामिल हुए।

अखिलेश सिंह ने कहा, “बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। इस जघन्य अपराध के दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।”

वहीं, जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भी शनिवार को पटना के SSP से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष और तेज जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जिनके साथ गलत हुआ है, उन्हें हर हाल में न्याय मिलना चाहिए।

निष्कर्ष

पटना NEET छात्रा रेप–मौत मामला अब सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं रहा, बल्कि यह छात्राओं की सुरक्षा, हॉस्टल व्यवस्था और राज्य की कानून-व्यवस्था से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुका है। SIT की जांच, मोबाइल डेटा की पड़ताल और बढ़ता जनआक्रोश आने वाले दिनों में इस मामले को और भी अहम बना सकता है। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि जांच कितनी तेजी और पारदर्शिता से आगे बढ़ती है और पीड़ित छात्रा को कब तक न्याय मिल पाता है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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