पटना में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान: 9 विशेष टीमें मैदान में, 31 जनवरी तक चलेगा स्पेशल ड्राइव
पटना अतिक्रमण अभियान 2026
पटना अतिक्रमण अभियान 2026 शुरू, जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन शुरू। 9 विशेष टीमें गठित, 31 जनवरी तक चलेगा स्पेशल ड्राइव। जुर्माना, जब्ती और एफआईआर की कार्रवाई।

पटना। राजधानी पटना में सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम से आम लोगों को राहत दिलाने के लिए जिला प्रशासन एक बार फिर सख्त रुख अपनाता नजर आ रहा है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम के निर्देश पर आज से पटना शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान दोबारा शुरू कर दिया गया है। इस विशेष अभियान के तहत पूरे शहर में 9 विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो जनवरी महीने भर अलग-अलग इलाकों में लगातार कार्रवाई करेंगी।
जिला प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि इस बार अतिक्रमण, ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और प्रशासनिक कार्य में बाधा डालने वालों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। अभियान के दौरान नियम तोड़ने वालों पर न सिर्फ जुर्माना लगेगा, बल्कि दोबारा अतिक्रमण करने पर सीधे एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।
अतिक्रमण पर जुर्माना और एफआईआर का प्रावधान

प्रशासन की ओर से जारी निर्देश के अनुसार अस्थायी अतिक्रमण करने वालों से 5,000 रुपये तक का जुर्माना वसूला जाएगा, जबकि स्थायी अतिक्रमण की स्थिति में 20,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही अतिक्रमण में इस्तेमाल किए जा रहे सामान को जब्त करने की भी कार्रवाई होगी। अगर कोई व्यक्ति या दुकानदार दोबारा अतिक्रमण करता पाया गया, तो उसके खिलाफ अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज की जाएगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि शहर में बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना है। इसलिए कार्रवाई के बाद फॉलो-अप निगरानी भी की जाएगी, ताकि हटाए गए स्थानों पर दोबारा कब्जा न हो सके।
अस्पतालों के आसपास अतिक्रमण पर पूरी तरह प्रतिबंध
इस अभियान में खास तौर पर अस्पताल क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पीएमसीएच, आईजीआईएमएस, एनएमसीएच और एम्स जैसे बड़े अस्पतालों के आसपास किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि अस्पतालों के आसपास अतिक्रमण की वजह से मरीजों, उनके परिजनों और एंबुलेंस को आने-जाने में भारी परेशानी होती है। ऐसे में इन इलाकों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा।
मल्टी-एजेंसी एक्शन, कई विभाग एक साथ मैदान में
पटना में चल रहा यह अतिक्रमण हटाओ अभियान पूरी तरह से मल्टी-एजेंसी एक्शन के रूप में संचालित किया जा रहा है। इसमें जिला प्रशासन के साथ-साथ नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, राजस्व विभाग, पथ निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, बिजली और दूरसंचार विभाग, वन विभाग तथा पुलिस के अधिकारी-कर्मी शामिल हैं।
यह कार्रवाई पटना नगर निगम के सभी छह अंचलों—नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, अजीमाबाद और पटना सिटी—में की जाएगी। इसके अलावा खगौल, फुलवारीशरीफ और दानापुर नगर परिषद क्षेत्रों में भी अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
एसडीओ-एसडीपीओ को सौंपी गई कमान
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) को सीधे इसकी कमान सौंपी गई है। वहीं अपर जिला दंडाधिकारी (नगर व्यवस्था) पूरे अभियान की लगातार निगरानी करेंगे और जरूरत पड़ने पर तत्काल निर्देश जारी करेंगे।
ट्रैफिक पुलिस भी रहेगी पूरी तरह अलर्ट

अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने पर भी विशेष फोकस किया गया है। अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस द्वारा विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। अवैध पार्किंग करने वाले वाहनों पर कार्रवाई होगी और सड़कों पर बेवजह जाम लगाने वालों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि अतिक्रमण हटाने से जुड़ी हर कार्रवाई की जानकारी स्टेशन डायरी में दर्ज करें।
5 सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल करेगी रोजाना समीक्षा
इस पूरे अभियान की निगरानी के लिए जिला प्रशासन ने 5 सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल का गठन किया है। इस सेल में ट्रैफिक एसपी, एडीएम नगर व्यवस्था, एसपी विधि-व्यवस्था, अपर नगर आयुक्त और सिटी मजिस्ट्रेट शामिल हैं। यह टीम रोजाना अभियान की प्रगति की समीक्षा करेगी और जरूरत पड़ने पर रणनीति में बदलाव भी करेगी।
31 जनवरी तक चलेगा विशेष अभियान

प्रशासन के अनुसार यह स्पेशल ड्राइव 31 जनवरी तक लगातार चलेगी। तय रोस्टर के अनुसार टीमें रोज अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करेंगी। जिलाधिकारी ने कहा है कि आम जनता को ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था से राहत दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पटना को अतिक्रमण मुक्त और सुचारु यातायात वाला शहर बनाया जा सके।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
