प्याज ने बिगाड़ा किचन का बजट, पटना में 10 दिनों में 30 रुपए तक बढ़ें दाम, कारोबारी परेशान

प्याज

पटना में प्याज के दाम बढ़े, 15 दिन में 30 रुपये किलो तक उछाल

निष्कर्ष भारत, संवाददाता पटना। पटना में प्याज की कीमत ने एक बार फिर आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। महीने की शुरुआत में 25 से 30 रुपये किलो बिकने वाला प्याज अब पटना के खुदरा बाजार में 50 से 60 रुपये किलो तक पहुंच गया है। करीब 10 से 15 दिनों में दाम में लगभग 30 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी ने गृहणियों से लेकर आम उपभोक्ताओं तक की चिंता बढ़ा दी है। महंगाई का असर ऐसा है कि ग्राहक पहले की तुलना में कम मात्रा में प्याज खरीद रहे हैं।

अंटाघाट मंडी में बढ़े प्याज के भाव

पटना के अंटाघाट सब्जी मंडी में बढ़ते भाव का असर साफ दिखाई दे रहा है। यहां कारोबारियों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से थोक बाजार में लगातार तेजी बनी हुई है। करीब 20 वर्षों से कारोबार कर रहे कारोबारी गौरीशंकर साह के अनुसार, लगभग 15 दिन पहले प्याज 160 रुपये पसेरी और खुदरा बाजार में करीब 35 रुपये किलो बिक रहा था। अब यही अनियन करीब 260 रुपये पसेरी तक पहुंच गया है और खुदरा भाव 55 रुपये किलो के आसपास है।

थोक बाजार में प्याज 4500 से 4800 रुपये क्विंटल

कारोबारियों के अनुसार पटना के थोक बाजार में अनियन की कीमत 4500 से 4800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है। हालांकि अलग-अलग मंडियों और गुणवत्ता के हिसाब से भाव में कुछ अंतर भी देखा जा रहा है। एक अन्य कारोबारी ने बताया कि फिलहाल थोक में अनियन करीब 4300 से 4600 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिक रहा है। करीब दो सप्ताह पहले इसकी कीमत लगभग 35 रुपये किलो के आसपास थी।

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कीमत बढ़ते ही ग्राहकों ने घटाई खरीदारी

अनियन के दाम बढ़ने का सीधा असर ग्राहकों की खरीदारी पर पड़ा है। पहले जहां लोग कई किलो एक साथ खरीद लेते थे, वहीं अब जरूरत के हिसाब से कम मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं। बढ़ती कीमत के कारण रोजमर्रा की रसोई में इस्तेमाल होने वाली इस जरूरी सब्जी की खपत को लेकर भी लोगों को सावधानी बरतनी पड़ रही है।

एक ग्राहक ने बताया कि फिलहाल उसे करीब 50 रुपये किलो की दर से खरीदना पड़ रहा है। त्योहारों का समय नजदीक होने के कारण लोगों को आशंका है कि अगर कीमत में और बढ़ोतरी हुई तो घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। आम परिवारों के लिए पहले से महंगी हो रही सब्जियों के बीच प्याज की कीमत में अचानक आया उछाल परेशानी बढ़ाने वाला है।

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प्याज का स्टॉक रखने से बच रहे कारोबारी

दाम बढ़ने के बावजूद कारोबारी भी इस स्थिति को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। बाजार में कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। यही वजह है कि कई व्यापारी ज्यादा मात्रा में प्याज का स्टॉक रखने से बच रहे हैं। कारोबारी फिलहाल दो-चार बोरी प्याज ही मंगा रहे हैं, ताकि कीमत अचानक गिरने पर उन्हें नुकसान नहीं उठाना पड़े।

कारोबारियों का कहना है कि प्याज की उपलब्धता कम होने से मौजूदा कीमतों को मजबूती मिली है। मंडियों में आवक सामान्य होने और स्टॉक बढ़ने पर भाव में राहत मिलने की उम्मीद है।

सावन में अक्सर बढ़ते हैं प्याज के दाम

कारोबारियों के मुताबिक हर साल सावन के आसपास प्याज की कीमत में तेजी देखने को मिलती है। इस दौरान बाजार में मांग और उपलब्धता के बीच अंतर का असर खुदरा कीमतों पर पड़ सकता है। हालांकि इस बार कम समय में कीमतों में आया उछाल उपभोक्ताओं के लिए ज्यादा चिंता का कारण बना है।

बाजार में यह चर्चा भी है कि इथेनॉल उत्पादन के चलते किसानों का रुझान गन्ना और मक्का जैसी फसलों की ओर बढ़ने से दूसरी फसलों के रकबे और आपूर्ति पर असर पड़ रहा है। हालांकि प्याज की मौजूदा कीमतों के पीछे इसे अकेला कारण नहीं माना जा सकता। प्याज के भाव पर उत्पादन, मौसम, भंडारण, मंडी में आवक और मांग जैसे कई कारकों का असर पड़ता है।

नई आवक से राहत की उम्मीद

फिलहाल कारोबारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में प्याज की नई आवक बढ़ेगी और मंडियों में उपलब्धता बेहतर होगी। अगर आवक में सुधार हुआ तो थोक कीमतों में नरमी आ सकती है, जिसका असर धीरे-धीरे खुदरा बाजार में भी दिखाई दे सकता है।

हालांकि जब तक बाजार में प्याज की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होती, तब तक ऊंचे भाव बने रहने की आशंका है। पटना में 30 रुपये किलो के आसपास बिकने वाला प्याज अब 50 से 60 रुपये किलो तक पहुंच चुका है। ऐसे में आने वाले दिनों में कीमतों का रुख आम लोगों के साथ-साथ कारोबारियों के लिए भी अहम रहेगा। नई आवक बढ़ती है तो राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल प्याज की महंगाई ने घरेलू रसोई का हिसाब जरूर बिगाड़ दिया है।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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