पटना में डेंगू ने बढ़ाई चिंता, 14 दिन में 76 नए मरीज, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

पटना में डेंगू के 76 नए मरीज मिले

पटना में डेंगू के मामले बढ़े, दो हफ्ते में 76 नए मरीज सामने आए

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना में डेंगू का संक्रमण तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। सितंबर के शुरुआती 14 दिनों में राजधानी में डेंगू के 76 नए मरीज सामने आए हैं। इन नए मामलों के साथ इस साल पटना में डेंगू मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 243 हो गई है। जनवरी से अगस्त तक 167 मामले दर्ज किए गए थे, लेकिन सितंबर के केवल दो सप्ताह में ही 76 नए मरीज मिलने से संक्रमण की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में सामने आए नए मामलों की संख्या जनवरी से अगस्त के बीच दर्ज कुल मामलों की तुलना में काफी अधिक है। दो सप्ताह में 76 नए मरीज मिलने से यह संकेत मिल रहा है कि राजधानी के कई इलाकों में डेंगू का संक्रमण लगातार फैल रहा है।

डेंगू के नए मरीजों से बढ़ी चिंता

राजधानी में डेंगू के मरीज सरकारी अस्पतालों और जांच केंद्रों के अलावा निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब में भी सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, विभिन्न स्थानों से लगातार डेंगू पॉजिटिव रिपोर्ट मिलने की जानकारी सामने आ रही है। इससे संक्रमण के वास्तविक फैलाव को लेकर निगरानी बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

सितंबर में मरीजों की संख्या में जिस तेजी से बढ़ोतरी हुई है, उसने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय स्तर पर डेंगू की रोकथाम को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। खासकर उन इलाकों पर नजर रखी जा रही है, जहां लगातार नए मरीज मिल रहे हैं।

इन इलाकों में मिल रहे डेंगू के मरीज

पटना के कई प्रमुख इलाकों से डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं। इनमें कंकड़बाग, पोस्टल पार्क, योगीपुर, जक्कनपुर, महेंद्र नगर, राजेंद्रनगर, बोरिंग रोड और बुद्धा कॉलोनी शामिल हैं।

इसके अलावा पाटलिपुत्र कॉलोनी, दीघा, रूपसपुर, अनीसाबाद, पटना सिटी और गुलजारबाग से भी लगातार मरीज मिलने की जानकारी सामने आई है। शहर के अलग-अलग हिस्सों से मामले सामने आने के कारण संक्रमण को केवल किसी एक इलाके तक सीमित नहीं माना जा रहा है।

डेंगू के लिहाज से बांकीपुर और पाटलिपुत्र अंचल भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं। पिछले साल की तरह इस बार भी इन दोनों अंचलों में डेंगू के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों को संक्रमण की निगरानी के लिहाज से प्रमुख स्थानों में रखा जा रहा है।

दो हफ्ते में 46 प्रतिशत तक बढ़े मामले

जनवरी से अगस्त तक पटना में डेंगू के 167 मामले दर्ज किए गए थे। सितंबर के शुरुआती 14 दिनों में 76 नए मरीज मिलने के बाद कुल संख्या 243 तक पहुंच गई है। यानी केवल दो सप्ताह में सालभर के अब तक के मामलों में करीब 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

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मरीजों की संख्या में अचानक हुई यह वृद्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सितंबर का पूरा महीना अभी बाकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में नए मामलों की संख्या और बढ़ सकती है। हालांकि, संक्रमण की आगे की स्थिति मौसम और स्थानीय परिस्थितियों के साथ-साथ जांच में सामने आने वाले मामलों पर निर्भर करेगी।

सरकारी और निजी जांच केंद्रों पर नजर

डेंगू के मामलों की पहचान के लिए सरकारी जांच केंद्रों के साथ निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब की रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण हो गई है। स्वास्थ्य विभाग को अलग-अलग माध्यमों से डेंगू पॉजिटिव मरीजों की जानकारी मिल रही है।

निजी स्वास्थ्य संस्थानों में जांच कराने वाले मरीजों के मामले भी संक्रमण के फैलाव की तस्वीर को समझने में मदद करते हैं। राजधानी में कई इलाकों से लगातार मामले सामने आने के कारण स्वास्थ्य विभाग के लिए अलग-अलग क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखना अहम हो गया है।

पटना में बढ़ते मामलों के बीच निगरानी जरूरी

सितंबर में डेंगू के मामलों में हुई तेज बढ़ोतरी के बाद राजधानी में निगरानी और रोकथाम की गतिविधियां महत्वपूर्ण हो गई हैं। जिन इलाकों में लगातार मरीज सामने आ रहे हैं, वहां संक्रमण की स्थिति पर विशेष नजर रखने की जरूरत है।

कंकड़बाग से लेकर पटना सिटी और पाटलिपुत्र कॉलोनी से लेकर गुलजारबाग तक अलग-अलग इलाकों से मामले सामने आने की जानकारी है। वहीं बांकीपुर और पाटलिपुत्र अंचल पिछले साल की तरह इस बार भी डेंगू के लिहाज से प्रमुख क्षेत्र बने हुए हैं।

फिलहाल सितंबर के शुरुआती 14 दिनों में 76 नए मरीज मिलने के बाद पटना में इस साल डेंगू के कुल मामलों की संख्या 243 हो चुकी है। जनवरी से अगस्त तक 167 मामलों के मुकाबले सितंबर में सामने आए नए केस संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को दिखा रहे हैं। आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या पर स्वास्थ्य विभाग और जांच केंद्रों के आंकड़े से स्थिति और स्पष्ट होगी।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट