पटना यूनिवर्सिटी में CM नीतीश कुमार के कार्यक्रम में हंगामा, छात्र संघ अध्यक्ष समेत 6 पर FIR दर्ज
पटना यूनिवर्सिटी परिसर में मुख्यमंत्री के आगमन से पहले ही छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था।
पटना यूनिवर्सिटी परिसर में मुख्यमंत्री के आगमन से पहले ही छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था।
कार्यक्रम से पहले बढ़ा विवाद, छात्रों का विरोध प्रदर्शन
पटना यूनिवर्सिटी परिसर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यक्रम के दौरान हुए हंगामे ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में पीरबहोर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके आधार पर छात्र संघ अध्यक्ष समेत 6 छात्रों पर नामजद FIR दर्ज की गई है। इसके अलावा 30-35 अज्ञात छात्रों को भी आरोपी बनाया गया है।
सरकारी कार्य में बाधा और हंगामे का आरोप

यह शिकायत ड्यूटी पर तैनात प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी विरेन्द्र चौधरी द्वारा दर्ज कराई गई है। उन्होंने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि छात्रों ने सरकारी कार्य में बाधा डाली, हंगामा किया और विधि-व्यवस्था को प्रभावित किया। प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।
CM के आगमन से पहले शुरू हुआ हंगामा
आवेदन के अनुसार, 30 मार्च को विश्वविद्यालय में नए भवनों के उद्घाटन कार्यक्रम के लिए प्रशासनिक तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान मुख्यमंत्री के आने से पहले 15-20 छात्र कार्यक्रम स्थल के पास पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
छात्रों का आरोप था कि उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया और शिलापट्ट पर कुलपति का नाम भी शामिल नहीं किया गया। कुछ ही देर में अन्य छात्र भी वहां पहुंच गए और भीड़ बढ़कर 30-35 तक पहुंच गई।
पुलिस और मजिस्ट्रेट से धक्का-मुक्की
स्थिति बिगड़ने पर मौके पर मौजूद पुलिस बल और मजिस्ट्रेट ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र नहीं माने। आरोप है कि छात्रों ने नारेबाजी करते हुए कार्यक्रम में बाधा डाली और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की।
इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हुए। पूरी घटना की वीडियोग्राफी कराई गई है, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।
छात्र संघ अध्यक्ष शांतनु शेखर भी नामजद

इस मामले में छात्र संघ अध्यक्ष शांतनु शेखर समेत कई छात्रों को नामजद किया गया है। बताया जा रहा है कि शांतनु शेखर कॉलेज गेट पर ताला लगाने के इरादे से पहुंचे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोक दिया।
उन्होंने कहा कि वे छात्रों के चुने हुए प्रतिनिधि हैं और छात्रों के हितों की बात रखने के लिए वहां पहुंचे थे।
कुलपति की भूमिका पर उठे सवाल
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि विश्वविद्यालय के कुलपति अजय कुमार मौके पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने छात्रों को शांत कराने का प्रयास नहीं किया।
आवेदन में यह आशंका जताई गई है कि छात्रों को कुलपति का अप्रत्यक्ष समर्थन मिल रहा था, जिससे स्थिति और बिगड़ी।
उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को भी घेरा

हंगामे के दौरान छात्रों ने उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और शिक्षा मंत्री सुनील कुमार को भी घेर लिया। दोनों नेताओं ने छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे।
जिलाधिकारी त्यागराजन ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने की कोशिश की।
नीतीश कुमार के समर्थन में भी लगे नारे
इस दौरान दिलचस्प बात यह रही कि कुछ छात्र मुख्यमंत्री के समर्थन में भी नारेबाजी करते नजर आए। “देखो-देखो कौन आया, शेर आया-शेर आया” और “बिहार का मुख्यमंत्री कैसा हो, नीतीश कुमार जैसा हो” जैसे नारे लगाए गए।
कुछ छात्र हाथों में पोस्टर लिए भी दिखे, जिन पर “हम छात्रों का अभिमान” लिखा था और उस पर मुख्यमंत्री की तस्वीर लगी थी।
147.29 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन

इस पूरे घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विश्वविद्यालय में 147.29 करोड़ रुपये की लागत से बने नए प्रशासनिक और एकेडमिक भवनों का उद्घाटन किया।
प्रशासनिक भवन G+8 और एकेडमिक भवन G+9 संरचना वाले हैं। उद्घाटन के बाद विश्वविद्यालय का मुख्यालय नए प्रशासनिक भवन में स्थानांतरित किया जाएगा।
शैक्षणिक व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी
नई व्यवस्था के तहत दरभंगा हाउस में चल रहे सभी पीजी विभागों को नए एकेडमिक भवन में शिफ्ट किया जाएगा। वहीं, वाणिज्य कॉलेज को फिलहाल दरभंगा हाउस में स्थानांतरित करने की योजना है।
इस बदलाव से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने की कोशिश की जा रही है।
विवाद के बीच विकास और विरोध साथ-साथ
पटना विश्वविद्यालय में हुए इस घटनाक्रम ने एक बार फिर छात्र राजनीति और प्रशासन के बीच टकराव को उजागर कर दिया है। जहां एक ओर विकास परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ, वहीं दूसरी ओर छात्रों के विरोध और FIR ने इस कार्यक्रम को विवादों में ला दिया है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
