पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का होगा कायाकल्प, 21.20 करोड़ होंगे खर्च, 2028 ओलिंपिक को नजर में रखकर हो निर्माण
पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 21.20 करोड़ से बनेगा हाईटेक इंडोर स्टेडियम, मिलेंगी सुविधाएं
निष्कर्ष भारत, संवाददाता पटना। पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण से बिहार के खिलाड़ियों को जल्द ही आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में करीब 21.20 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक इंडोर स्टेडियम तैयार किया जा रहा है। लगभग 30,864 वर्गफीट क्षेत्र में बनने वाले इस स्टेडियम को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यहां खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए भी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
प्रस्तावित स्टेडियम में 1,000 से अधिक दर्शकों की क्षमता वाला रिट्रैक्टेबल सीटिंग सिस्टम, ब्रॉडकास्टिंग रूम, खिलाड़ियों के लिए चेंजिंग रूम और वॉर्म-अप एरिया जैसी सुविधाएं होंगी। कबड्डी, बास्केटबॉल, बॉक्सिंग, वॉलीबॉल, सेपक टाकरा, कुश्ती, जिम्नास्टिक और योग समेत कई इंडोर खेलों के प्रशिक्षण के लिए यहां बेहतर माहौल उपलब्ध कराया जाएगा।
पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार
पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में तैयार हो रहा यह इंडोर स्टेडियम राज्य में खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। स्टेडियम का डिजाइन इस तरह तैयार किया जा रहा है कि एक ही परिसर में अलग-अलग खेलों के प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं की जरूरत पूरी की जा सके।
पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स खेलों के लिए पर्याप्त स्पोर्ट्स फ्लोर उपलब्ध रहेगा। खेल के अनुसार स्थान को व्यवस्थित करने की सुविधा होगी। इससे खिलाड़ियों को अभ्यास के दौरान अधिक जगह मिल सकेगी और प्रतियोगिताओं के समय भी बेहतर व्यवस्था की जा सकेगी।
स्टेडियम में खिलाड़ियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग वॉर्म-अप एरिया बनाए जाएंगे। इसके अलावा आधुनिक चेंजिंग रूम, लॉकर और वॉशरूम की सुविधा भी होगी। महिला और पुरुष खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।
1,000 से ज्यादा दर्शकों के लिए रिट्रैक्टेबल सीटिंग
स्टेडियम की प्रमुख सुविधाओं में रिट्रैक्टेबल सीटिंग सिस्टम शामिल है। इसमें 1,000 से अधिक दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी। इस व्यवस्था की खासियत यह है कि जरूरत के अनुसार सीटों को खोला या समेटा जा सकेगा।

किसी प्रतियोगिता के दौरान दर्शकों के लिए सीटिंग व्यवस्था तैयार की जा सकेगी, जबकि प्रशिक्षण या ऐसे खेलों के समय जब अधिक खाली जगह की जरूरत हो, सीटों को समेटकर स्पोर्ट्स फ्लोर का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
इससे एक ही स्टेडियम में अलग-अलग तरह के इंडोर खेलों और आयोजनों के लिए जगह को आसानी से बदला जा सकेगा। बड़े खेल आयोजनों के दौरान दर्शकों के बैठने की व्यवस्था भी इससे अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।
पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बनेगा ब्रॉडकास्टिंग रूम
प्रस्तावित पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में इंडोर स्टेडियम में विशेष ब्रॉडकास्टिंग रूम भी बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लाइव प्रसारण की सुविधा उपलब्ध कराना है।
ब्रॉडकास्टिंग व्यवस्था को इस तरह विकसित करने की योजना है कि पूरे कोर्ट पर नजर रखी जा सके। इससे प्रतियोगिताओं की कवरेज और लाइव प्रसारण के लिए आधुनिक तकनीकी सुविधा उपलब्ध होगी।
राज्य में बड़े स्तर के इंडोर खेल आयोजन होने पर यह सुविधा आयोजकों और प्रसारण टीमों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। इससे खिलाड़ियों को भी बड़े मंच पर प्रतिस्पर्धा करने का अनुभव मिलेगा।
खिलाड़ियों के ठहरने की भी होगी व्यवस्था
पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स परिसर में प्रशिक्षण शिविर और प्रतियोगिताओं में शामिल होने वाले खिलाड़ियों के लिए आवासीय सुविधा विकसित करने की योजना है। महिला और पुरुष खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग 40-40 बेड की डॉरमेट्री बनाई जाएगी।
इस सुविधा का फायदा खास तौर पर बाहर से आने वाले खिलाड़ियों को मिलेगा। प्रशिक्षण या प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों को अभ्यास स्थल से दूर रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक ही परिसर में ठहरने, अभ्यास करने और प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
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इससे प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन में भी सुविधा होगी। खिलाड़ियों के समय की बचत के साथ उनकी सुरक्षा और व्यवस्थापन पर भी बेहतर तरीके से ध्यान दिया जा सकेगा।
2028 ओलिंपिक और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स पर नजर
इंडोर स्टेडियम के निर्माण का उद्देश्य केवल स्थानीय स्तर पर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं है। परियोजना को भविष्य में होने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है।
2028 लॉस एंजिल्स ओलिंपिक और 2030 के प्रस्तावित कॉमनवेल्थ गेम्स को ध्यान में रखते हुए राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण का माहौल देने की योजना है। आधुनिक सुविधाओं के उपलब्ध होने से खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास और प्रतियोगिताओं की तैयारी में मदद मिल सकती है।
बिहार में अलग-अलग खेलों के प्रतिभावान खिलाड़ियों को अपने ही राज्य में बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी यह परियोजना अहम मानी जा रही है।
प्री-फैब्रिकेटेड स्टील स्ट्रक्चर से होगा निर्माण
स्टेडियम के निर्माण में आधुनिक निर्माण तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके लिए प्री-फैब्रिकेटेड स्टील स्ट्रक्चर और इंसुलेटेड पैनल का उपयोग किया जाएगा।

ऊर्जा की खपत कम करने के उद्देश्य से ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप सस्टेनेबल एचवीएसी एयर-कंडीशनिंग सिस्टम लगाए जाने की योजना है। इससे स्टेडियम के अंदर खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए अनुकूल वातावरण बनाए रखने में मदद मिलेगी।
निर्माण में पर्यावरण अनुकूल तकनीक पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि आधुनिक खेल सुविधा के साथ ऊर्जा दक्षता को भी प्राथमिकता दी जा सके।
सुरक्षा और दिव्यांगों के लिए विशेष व्यवस्था
पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में सुरक्षा व्यवस्था को भी परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। इसके लिए कई इमरजेंसी एग्जिट, चौड़े कॉरिडोर और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की जाएगी।
दिव्यांग खिलाड़ियों और दर्शकों की सुविधा के लिए यूनिवर्सल एक्सेस रैंप बनाए जाएंगे। इससे स्टेडियम में प्रवेश और आवाजाही सभी लोगों के लिए अधिक सुगम बनाने का प्रयास किया जाएगा।
कुल मिलाकर पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बन रहा यह इंडोर स्टेडियम खेल प्रशिक्षण, प्रतियोगिता, दर्शक सुविधा और प्रसारण व्यवस्था को एक साथ जोड़ने वाली आधुनिक सुविधा के रूप में विकसित किया जा रहा है। मार्च 2027 तक निर्माण पूरा होने के बाद बिहार के खिलाड़ियों को एक ही परिसर में कई इंडोर खेलों के अभ्यास और बड़े आयोजनों की सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
अमन कुमार की रिपोर्ट
