पीयू भवन निर्माण पर छात्रसंघ अध्यक्ष का बड़ा आरोप, निर्माण सामग्रियों को लेकर जताई आपति
पीयू भवन निर्माण की गुणवत्ता पर छात्रसंघ ने उठाए सवाल
निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना। पीयू भवन निर्माण को लेकर पटना यूनिवर्सिटी में विवाद खड़ा हो गया है। निर्माणाधीन G+8 भवन में इस्तेमाल की जा रही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर छात्रसंघ ने सवाल उठाए हैं। छात्रसंघ अध्यक्ष शांतनु शेखर ने भवन निर्माण में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग की है
पीयू छात्रसंघ का कहना है कि यह भवन विश्वविद्यालय के हजारों छात्रों से जुड़ा है। ऐसे में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता छात्रों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय हो सकता है। हालांकि, निर्माण कार्य में कथित घोटाले और अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पीयू के G+8 भवन की गुणवत्ता पर सवाल
पीयू छात्रसंघ अध्यक्ष ने निर्माणाधीन भवन में इस्तेमाल हो रही बालू, गिट्टी, ईंट और अन्य सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि निर्माण में इस्तेमाल होने वाली प्रत्येक सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए।
शांतनु शेखर ने मांग की है कि भवन निर्माण में इस्तेमाल सामग्री के नमूने लिए जाएं और उन्हें किसी अधिकृत तकनीकी प्रयोगशाला में भेजकर जांच कराई जाए। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही निर्माण की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
तकनीकी जांच कराने की मांग
पीयू छात्रसंघ की ओर से केवल सामग्री की जांच ही नहीं, बल्कि पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी समीक्षा की मांग की गई है। इसमें भवन की मजबूती, निर्माण प्रक्रिया और निर्धारित मानकों के पालन की जांच शामिल है।
पीयू छात्रसंघ अध्यक्ष का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों और संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
राज्यपाल से दो दिन बाद मुलाकात
शांतनु शेखर ने बताया कि उन्होंने पटना विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सह राज्यपाल के समक्ष भी इस मामले को उठाने की पहल की है। उनके अनुसार, राज्यपाल ने उन्हें दो दिन बाद मुलाकात का समय दिया है।
इस मुलाकात के दौरान छात्रसंघ की ओर से भवन निर्माण से जुड़े दस्तावेज, गुणवत्ता संबंधी शिकायतें और जांच की मांग रखे जाने की बात कही गई है।
पीयू छात्रसंघ को उम्मीद है कि राज्यपाल स्तर पर मामले को गंभीरता से लिया जाएगा और निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जा सकते हैं।
टेंडर प्रक्रिया की भी जांच की मांग
पीयू भवन निर्माण को लेकर छात्रसंघ ने टेंडर प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। छात्रसंघ अध्यक्ष ने निर्माण का टेंडर हासिल करने वाली कंपनी या एजेंसी की कार्यप्रणाली की जांच की मांग की है।
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उनका कहना है कि केवल निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच पर्याप्त नहीं होगी। टेंडर से लेकर निर्माण कार्य के क्रियान्वयन तक पूरी प्रक्रिया की समीक्षा जरूरी है, ताकि यदि कोई अनियमितता हुई है तो उसकी पहचान की जा सके।
निर्माण रोकने पर भी विचार की मांग
पीयू छात्रसंघ अध्यक्ष ने कहा कि जब तक गुणवत्ता जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक निर्माण कार्य रोकने पर भी विचार किया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि निर्माणाधीन भवन में यदि सामग्री की गुणवत्ता को लेकर गंभीर संदेह है तो जांच पूरी होने तक सावधानी बरतना जरूरी है।

उनके मुताबिक, भवन विश्वविद्यालय के छात्रों और कर्मचारियों के इस्तेमाल में आएगा। इसलिए भविष्य में किसी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। हालांकि, निर्माण कार्य रोकने का अंतिम निर्णय विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित विभाग के स्तर पर ही लिया जाएगा।
छात्रसंघ की दूसरी पहल भी चर्चा में
भवन निर्माण विवाद के बीच छात्रसंघ अध्यक्ष शांतनु शेखर ने अपनी अन्य पहलों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी पहल से मगध महिला कॉलेज परिसर में 24 घंटे चलने वाली औषधालय की सुविधा शुरू हुई है।
उनके अनुसार, छात्रसंघ चुनाव के दौरान कॉलेज की छात्राओं से स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने का वादा किया गया था। इसी क्रम में कैंपस में डिस्पेंसरी शुरू कराने की पहल की गई।
छात्राओं के लिए 24 घंटे नर्स की सुविधा
बताया गया कि डिस्पेंसरी में छात्राओं के लिए 24 घंटे नर्स उपलब्ध रहेगी। खास तौर पर पीरियड्स क्रैम्प्स और सैनिटरी पैड जैसी आपातकालीन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
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छात्रसंघ का कहना है कि कॉलेज परिसर में इस तरह की सुविधा होने से छात्राओं को छोटी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए बाहर जाने की परेशानी कम होगी।
वाणिज्य महाविद्यालय में नेटवर्क समस्या का दावा
शांतनु शेखर ने वाणिज्य महाविद्यालय से जुड़ी एक अन्य समस्या के समाधान की भी जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि उनकी पहल के बाद कॉलेज परिसर में नेटवर्क से जुड़ी समस्या को ठीक कर दिया गया है।

उनका कहना है कि बेहतर नेटवर्क सुविधा छात्रों के लिए जरूरी है, क्योंकि पढ़ाई, ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल संसाधनों और दूसरी शैक्षणिक गतिविधियों में मोबाइल इंटरनेट की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
अब जांच और कार्रवाई पर नजर
फिलहाल पीयू भवन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बाद छात्रसंघ और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच यह मुद्दा महत्वपूर्ण बन गया है। छात्रसंघ ने जहां तकनीकी जांच, टेंडर प्रक्रिया की समीक्षा और जरूरत पड़ने पर निर्माण रोकने की मांग की है, वहीं मामले में आधिकारिक जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
दो दिन बाद राज्यपाल से होने वाली प्रस्तावित मुलाकात को छात्रसंघ इस मुद्दे को आगे बढ़ाने के महत्वपूर्ण अवसर के तौर पर देख रहा है। अब नजर इस बात पर है कि मुलाकात के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं और निर्माणाधीन भवन की गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर कराई जाती है।
अमन कुमार की रिपोर्ट
