बाढ़ राहत की ₹7000 वाली लिस्ट में छूट गया नाम?कैसे जुड़ेगा नाम,जानें पूरी जानकारी
निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना: बिहार में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत सहायता राशि की सूची में अगर किसी पात्र परिवार का नाम छूट गया है, तो अब उसे सूची में शामिल कराने का मौका दिया गया है। जिला प्रशासन की ओर से इसके लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। इस अभियान के तहत वास्तविक रूप से बाढ़ प्रभावित और सूची से छूटे परिवार पंचायत स्तर से अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
प्रशासन के मुताबिक, जिन परिवारों का नाम बाढ़ राहत सहायता की सूची में शामिल नहीं हो पाया है, उन्हें सबसे पहले अपनी पंचायत में संपर्क करना होगा। पंचायत स्तर पर परिवार के बाढ़ प्रभावित होने की स्थिति की जांच की जाएगी। जांच के बाद पात्र परिवार का नाम प्रस्ताव के रूप में तैयार कर आगे की प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा।
1. सबसे पहले पंचायत में करना होगा संपर्क
अगर आपका परिवार बाढ़ से प्रभावित हुआ है, लेकिन राहत सहायता की सूची में नाम नहीं आया है, तो नाम जुड़वाने की प्रक्रिया पंचायत स्तर से शुरू होगी।
इसके लिए संबंधित परिवार को अपनी पंचायत में जाकर अपनी समस्या बतानी होगी। पंचायत स्तर पर संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से यह देखा जाएगा कि परिवार वास्तव में बाढ़ से प्रभावित हुआ है या नहीं।
पात्र पाए जाने वाले परिवार का नाम सूची में शामिल करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसलिए जिन लोगों का नाम छूट गया है, उन्हें विशेष अभियान के दौरान पंचायत स्तर पर अपनी बात रखनी होगी।
2. अनुश्रवण समिति और मुखिया तैयार करेंगे प्रस्ताव
नाम जोड़ने की प्रक्रिया में पंचायत की अनुश्रवण समिति और मुखिया की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। छूटे हुए बाढ़ प्रभावित परिवारों के नाम का प्रस्ताव पंचायत स्तर पर तैयार किया जाएगा।
इस दौरान परिवार के बाढ़ प्रभावित होने की स्थिति और उपलब्ध जानकारी की जांच की जाएगी। जांच के बाद पात्र परिवारों के नाम प्रस्तावित सूची में शामिल किए जाएंगे।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वास्तविक बाढ़ प्रभावित परिवार राहत सहायता से वंचित न रहें।
3. पंचायत से प्रस्ताव पहुंचेगा अंचल कार्यालय
पंचायत स्तर पर नाम का प्रस्ताव तैयार होने के बाद उसे पारित कराया जाएगा। इसके बाद मुखिया और पंचायत समिति की ओर से तैयार सूची को संबंधित अंचल कार्यालय यानी सीओ कार्यालय में जमा कराया जाएगा।
पंचायत से सूची अंचल कार्यालय पहुंचने के बाद नाम जोड़ने की प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यही वह स्तर होगा जहां लाभुकों की जानकारी को सरकारी रिकॉर्ड और पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा।
इसलिए परिवारों के लिए जरूरी है कि वे पंचायत स्तर पर अपनी जानकारी और नाम प्रस्तावित होने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी लेते रहें।
4. संपुर्ति पोर्टल पर दर्ज होगा परिवार का विवरण
पंचायत से सूची अंचल कार्यालय पहुंचने के बाद छूटे हुए परिवारों का विवरण ‘संपुर्ति पोर्टल’ पर दर्ज किया जाएगा।
अंचल कार्यालय में तैनात डाटा एंट्री ऑपरेटर संबंधित परिवार की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करेंगे। इसके बाद प्रशासन की ओर से आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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पोर्टल पर जानकारी दर्ज होने के बाद यह देखा जाएगा कि संबंधित परिवार राहत सहायता के लिए पात्र है या नहीं। सत्यापन और अन्य जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र परिवार को राहत सहायता का लाभ दिया जा सकेगा।
5. एक सप्ताह का विशेष अभियान, जल्द करें संपर्क
जिला प्रशासन ने छूटे हुए वास्तविक बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सूची में शामिल करने के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
इसका मतलब है कि जिन परिवारों का नाम अब तक बाढ़ राहत सूची में नहीं आया है, उन्हें अभियान की अवधि में ही पंचायत स्तर पर संपर्क करना चाहिए। अंतिम समय तक इंतजार करने से प्रक्रिया में परेशानी हो सकती है।
परिवारों को पंचायत में जाकर यह पता करना चाहिए कि उनका नाम प्रस्तावित सूची में शामिल किया गया है या नहीं और प्रस्ताव अंचल कार्यालय तक भेजा गया है या नहीं।
6. किन परिवारों के लिए है यह मौका?
यह प्रक्रिया मुख्य रूप से उन वास्तविक बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए है, जिनका नाम किसी कारण से राहत सहायता की सूची में शामिल नहीं हो पाया है।
अगर कोई परिवार बाढ़ से प्रभावित हुआ है और राहत सूची में उसका नाम नहीं है, तो वह पंचायत स्तर पर अपनी बात रख सकता है। इसके बाद प्रशासनिक जांच के आधार पर पात्रता तय की जाएगी।
ध्यान देने वाली बात यह है कि केवल नाम प्रस्तावित होने से राहत राशि मिलना सुनिश्चित नहीं होता। पंचायत स्तर की प्रक्रिया के बाद अंचल कार्यालय में विवरण दर्ज होगा और आवश्यक सत्यापन के बाद पात्रता के आधार पर लाभ दिया जाएगा।
7. नाम जुड़वाने के लिए क्या करें?
बाढ़ राहत सूची में नाम छूटने की स्थिति में परिवारों को इन चरणों का पालन करना होगा:
- सबसे पहले अपनी संबंधित ग्राम पंचायत में संपर्क करें।
- पंचायत स्तर पर बाढ़ प्रभावित होने की जानकारी दें।
- अनुश्रवण समिति और मुखिया के माध्यम से नाम प्रस्तावित कराएं।
- प्रस्ताव पारित होने के बाद सूची के अंचल कार्यालय पहुंचने की जानकारी लें।
- अंचल कार्यालय में संपुर्ति पोर्टल पर विवरण दर्ज होने की प्रक्रिया की जानकारी लें।
- प्रशासन की ओर से होने वाले सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करें।
- पात्र पाए जाने पर राहत सहायता का लाभ प्राप्त किया जा सकेगा।
बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए राहत की उम्मीद
बाढ़ के दौरान कई परिवारों को घर, फसल, पशुधन और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में राहत सहायता की सूची में नाम छूट जाने से पात्र परिवारों को आर्थिक मदद मिलने में परेशानी हो सकती है।
जिला प्रशासन की ओर से शुरू किया गया विशेष अभियान ऐसे परिवारों को अपनी शिकायत और पात्रता सामने रखने का अवसर देता है। पंचायत से लेकर अंचल कार्यालय और संपुर्ति पोर्टल तक की प्रक्रिया के जरिए छूटे हुए परिवारों का विवरण रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा।
अगर आपका नाम बाढ़ राहत की ₹7000 वाली सूची में छूट गया है, तो एक सप्ताह के विशेष अभियान के दौरान अपनी पंचायत में संपर्क करें। पंचायत स्तर की जांच और प्रस्ताव के बाद मामला अंचल कार्यालय पहुंचेगा, जहां संपुर्ति पोर्टल पर विवरण दर्ज कर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: क्या BJP को फिर गच्चा देने की तैयारी में नीतीश बाढ़ के बीच JDU विधायकों को क्यों बुलाया…..
पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट
