बारिश से प्रदेश में बदला मौसम, पटना समेत बिहार में भारी का अलर्ट, राजधानी की सड़कों पर 3 फीट तक पानी
बिहार में भारी बारिश का अलर्ट
पटना। बारिश से बिहार में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट ली। राजधानी पटना समेत राज्य के कई जिलों में तेज बारिश हुई, जिससे उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली। वहीं, कुछ इलाकों में कम समय में हुई तेज बारिश ने जलजमाव की समस्या भी खड़ी कर दी। पटना के करबिगहिया इलाके में सड़क पर कई फीट तक पानी जमा होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग ने बिहार में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ने का पूर्वानुमान जताया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमानों में 17-18 अगस्त के दौरान बिहार में भारी बारिश की संभावना जताई गई थी।
बिहार में बारिश ने बदला मौसम का मिजाज
सोमवार को पटना में दोपहर के समय तेज वर्षा शुरू हुई। करीब 40 मिनट की वर्षा के बाद राजधानी के कई इलाकों में पानी जमा हो गया। करबिगहिया में स्थिति ज्यादा खराब दिखाई दी, जहां सड़क पर करीब 2 से 3 फीट तक पानी जमा होने की सूचना है। तेज वर्षा के कारण सड़क पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। कई जगह राहगीरों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। जलजमाव ने एक बार फिर पटना की वर्षा के दौरान सामने आने वाली जल निकासी की समस्या को उजागर कर दिया।

पटना में बारिश से करबिगहिया की सड़कें जलमग्न
करबिगहिया इलाके में वर्षा के बाद सड़क पर पानी भरने से स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को परेशानी हुई। कम समय में इतनी तेज वर्षा होने के कारण कई स्थानों पर पानी निकालने में समय लगा।
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पटना में सोमवार को रुक-रुककर वर्षा का दौर भी जारी रहा। मौसम विभाग के अनुसार राजधानी में बादल छाए रहने और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई थी।
बिहार के कई जिलों में बारिश का असर
पटना के अलावा गया, जमुई, बेतिया, पूर्णिया, सुपौल, कटिहार, खगड़िया, मधेपुरा और किशनगंज में भी मौसम बदला। कई जिलों में तेज वर्षा हुई तो कुछ स्थानों पर रुक-रुककर वर्षा का सिलसिला चलता रहा।
गया में तेज हवा और मेघ गर्जन के साथ वर्षा शुरू हुई। जमुई में शाम के समय झमाझम वर्षा ने लोगों को गर्मी से राहत दी। पूर्णिया और कटिहार में भी वर्षा का असर देखने को मिला।
किशनगंज और मधेपुरा में बारिश से राहत
किशनगंज में घने बादल छाने के बाद करीब एक घंटे तक रुक-रुककर वर्षा हुई। वर्षा के कारण तापमान में गिरावट आई और लोगों को पिछले दिनों की उमस से राहत मिली। हालांकि, शहर के कुछ हिस्सों में सड़कों पर पानी भी जमा हुआ। मधेपुरा में तेज वर्षा के साथ हवा चलने से मौसम सुहावना हो गया। खगड़िया में भी करीब एक घंटे तक रुक-रुककर वर्षा होने की जानकारी सामने आई।
बिहार में बारिश का सिलसिला 20 अगस्त तक रहने की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक बिहार में अगले कुछ दिनों तक वर्षा की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। राज्य में 20 अगस्त तक तेज आंधी और वर्षा की संभावना जताई गई है।
IMD के 13 अगस्त के पूर्वानुमान में भी बिहार में 17 और 18 अगस्त को भारी वर्षा की संभावना जताई गई थी। राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना के चलते लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को आकाशीय बिजली के दौरान सुरक्षित स्थान पर जाने की जरूरत है।
बिहार में बारिश के साथ वज्रपात का खतरा
वर्षाके साथ वज्रपात का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे मौसम में पेड़ के नीचे खड़े होना, बिजली के खंभों के पास रहना या खुले मैदान में रहना जोखिम भरा हो सकता है। मौसम विभाग की चेतावनियों में बिहार के अलग-अलग हिस्सों में गरज और बिजली के साथ तेज हवाओं की संभावना भी बताई गई है।
बिहार में बारिश की कमी के बीच बदला मौसम
बिहार में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज होने की बात सामने आई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब तक करीब 405 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जबकि इस अवधि में लगभग 680 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए थी। यानी बारिश में करीब 38 प्रतिशत की कमी बताई जा रही है।

ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश किसानों और खेती के लिए राहत लेकर आ सकती है। हालांकि, बहुत कम समय में अत्यधिक बारिश होने पर शहरी इलाकों में जलजमाव और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है।
बारिश की कमी पूरी करने में कितना मददगार होगा मानसून?
बारिश की कमी के बीच लगातार कुछ दिनों तक अच्छी वर्षा होती है तो राज्य के कई हिस्सों में नमी की स्थिति बेहतर हो सकती है। इसका फायदा खरीफ फसलों को मिल सकता है।
लेकिन बारिश का वितरण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कहीं कम बारिश और कहीं बहुत ज्यादा बारिश होने पर किसानों और स्थानीय प्रशासन के सामने अलग-अलग तरह की चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
बिहार में बारिश क्यों बढ़ी? समझिए मौसम बदलने की वजह
मौसम में बदलाव की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी और उससे जुड़े इलाकों में बने मौसम तंत्र को माना जा रहा है। IMD के मुताबिक पूर्वी भारत में बने निम्न दबाव वाले क्षेत्रों और सक्रिय मानसूनी गतिविधियों के कारण बारिश बढ़ सकती है। हालिया IMD पूर्वानुमान में भी बंगाल की खाड़ी से जुड़े मौसम तंत्र के प्रभाव से पूर्वी भारत में भारी बारिश की संभावना बताई गई थी।
मानसून ट्रफ की सक्रियता भी बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर रही है। यही कारण है कि बिहार के अलग-अलग जिलों में एक साथ मौसम बदलता दिखाई दे रहा है।
बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी का असर
बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली हवाएं जब बिहार और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय मौसम प्रणालियों के साथ मिलती हैं तो बादल बनने और वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
अगले कुछ दिनों में मौसम प्रणाली की दिशा और उसकी ताकत के आधार पर बिहार में वर्षा की तीव्रता और वितरण में बदलाव संभव है।
पटना में बारिश के दौरान कैसा रहेगा मौसम?
पटना में 17 अगस्त को सामान्य तौर पर आसमान में बादल छाए रहने और एक-दो दौर में वर्षा या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बताई गई थी। पटना एयरपोर्ट के पूर्वानुमान के अनुसार अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान था।
बारिश के दौरान तापमान में कुछ राहत मिलने के बावजूद उमस पूरी तरह खत्म नहीं हो सकती। तेज वर्षा के बाद धूप निकलने पर नमी बढ़ने से फिर उमस महसूस हो सकती है।
बिहार में बारिश के बीच लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
बारिश और वज्रपात के दौरान लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए। बिजली चमकने और गरजने की स्थिति में खुले मैदान, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभों और जलभराव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखना बेहतर है।
वाहन चालकों को भी तेज वर्षा के दौरान सावधानी से वाहन चलाने की जरूरत है। सड़कों पर पानी भरने की स्थिति में पानी की गहराई का अंदाजा लगाए बिना वाहन निकालने से बचना चाहिए।
पटना में बारिश और जलजमाव से बढ़ सकती है परेशानी
राजधानी में थोड़े समय की तेज वर्षा से कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बनना प्रशासन के लिए चुनौती है। यदि आने वाले दिनों में लगातार तेज वर्षा होती है तो निचले इलाकों में पानी जमा होने की समस्या बढ़ सकती है।
फिलहाल बिहार में मानसून की सक्रियता बढ़ी है और कई जिलों में बारिश हो रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए आने वाले दिनों में भी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। बिहार में वर्षा ने जहां उमस और गर्मी से राहत दी है, वहीं पटना समेत कई शहरों में जलजमाव ने शहरी व्यवस्था की चुनौती सामने ला दी है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
