बिहार में नई सरकार को लेकर तेज हलचल: सीएम फेस पर मंथन, 14 अप्रैल को इस्तीफे की अटकलें, 15 को शपथ की तैयारी

बिहार CM

बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल अपने चरम पर है। नई सरकार के गठन को लेकर सियासी गतिविधियां तेजी से बढ़ गई हैं। शनिवार को महज 12 घंटे के भीतर सम्राट चौधरी दूसरी बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने सीएम हाउस पहुंचे।

पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल अपने चरम पर है। नई सरकार के गठन को लेकर सियासी गतिविधियां तेजी से बढ़ गई हैं। शनिवार को महज 12 घंटे के भीतर सम्राट चौधरी दूसरी बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने सीएम हाउस पहुंचे। इस दौरान जदयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी भी उनके साथ मौजूद थे। तीनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक अहम बातचीत हुई, जिससे राज्य में राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में विजय चौधरी ने मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि “सीएम फेस का फैसला बीजेपी को करना है, उसके बाद एनडीए की बैठक में सहमति बनेगी।” इससे साफ संकेत मिलता है कि गठबंधन के भीतर अभी अंतिम निर्णय होना बाकी है। वहीं, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मौजूदा हालात पर चर्चा की।

14 अप्रैल को इस्तीफे की चर्चा, 15 को नई सरकार का गठन संभव

सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 अप्रैल को राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। इसके बाद एनडीए विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नए नेता का चयन किया जाएगा। माना जा रहा है कि 15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है। हालांकि, इन तारीखों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

इसके साथ ही सभी दलों के विधायकों को पटना में ही रहने का निर्देश दिया गया है, जिससे यह साफ है कि अगले 48 घंटों में कोई बड़ा फैसला सामने आ सकता है।

पोस्टर पॉलिटिक्स में ‘निशांत कुमार’ की एंट्री

इधर, पटना में सियासी पोस्टरबाजी भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री आवास और जदयू कार्यालय के बाहर लगे पोस्टरों में “निशांत कुमार” का नाम सामने आया है। पोस्टर में लिखा है—“बिहार में ना बुलडोजर बवाल चाहिए, ना दंगा-फसाद, आपके परछाई स्वरूप निशांत कुमार चाहिए।” इससे साफ है कि पार्टी के भीतर नए चेहरे को लेकर भी चर्चा जोरों पर है।

13 अप्रैल को आखिरी कैबिनेट बैठक की संभावना

सूत्रों के अनुसार, 13 अप्रैल को मौजूदा सरकार की अंतिम कैबिनेट बैठक हो सकती है। अगर यह बैठक होती है, तो उससे जुड़े आधिकारिक नोटिफिकेशन जल्द जारी किए जा सकते हैं। इस बैठक में कुछ अहम फैसले लिए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।

डिप्टी सीएम और मंत्रिमंडल को लेकर मंथन

शनिवार शाम को बिहार के दोनों डिप्टी सीएम और मंत्री लखेंद्र पासवान अचानक मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। करीब 30 मिनट तक चली इस बैठक में नई सरकार के स्वरूप और संभावित मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा हुई। बैठक के बाद नेताओं ने संकेत दिया कि जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और जो भी फैसला होगा, वह नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही होगा।

जदयू सूत्रों के अनुसार, इस बार पार्टी को डिप्टी सीएम पद मिल सकता है। चर्चा है कि दो डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं, जिनमें एक नाम निशांत कुमार का लगभग तय माना जा रहा है। इसके अलावा विधानसभा स्पीकर पद भी जदयू को मिलने की संभावना जताई जा रही है।

चिराग पासवान ने खुद को सीएम रेस से किया बाहर

इस बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने स्पष्ट कर दिया है कि वे मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि “सरकार का चेहरा बदलेगा, लेकिन गठबंधन का फॉर्मूला वही रहेगा।” उनके इस बयान के बाद सीएम फेस को लेकर चल रही अटकलों को नया मोड़ मिल गया है।

दिल्ली में भी हलचल, अमित शाह से हुई बैठक

बिहार की सियासी हलचल का असर दिल्ली तक भी देखा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में बिहार की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा हुई। इसे आगामी फैसलों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

राज्यसभा सांसद बनने के बाद नई भूमिका

हाल ही में नीतीश कुमार ने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली है। इस शपथ के साथ उन्होंने एक अनोखा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है। वे देश के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं, जो लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद—चारों सदनों के सदस्य रह चुके हैं।

बिहार में सरकार गठन को लेकर तेजी से बदलते घटनाक्रम इस ओर इशारा कर रहे हैं कि आने वाले 1-2 दिनों में बड़ा राजनीतिक फैसला हो सकता है। मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस बरकरार है, लेकिन इतना तय है कि एनडीए के भीतर मंथन अंतिम दौर में है। अब सबकी नजर 14 और 15 अप्रैल पर टिकी है, जब बिहार की राजनीति में नया अध्याय शुरू हो सकता है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

You may have missed